Online Dr. P.L. Meena (डॉ. पुरुषोत्तम लाल मीणा)

Health Care Friend and Marital Dispute Consultant

(स्वास्थ्य रक्षक सक्षा एवं दाम्पत्य विवाद सलाहकार)

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आंवला (Gooseberry/Emblic Myrobalan)

आंवला (Gooseberry/Emblic Myrobalan)
एक आंवला हजार बीमारियों को भगाता है, लेकिन वहीँ आंवले का मुरब्बा अगर चूने के पानी में उबाल कर बनाया गया है तो सिर्फ सुस्वादु ही हो सकता है, गुणकारी नहीं. इसलिए कोशिश करनी चाहिए कि हरा आंवला ही ज्यादा प्रयोग किया जाए. ये चार महीने बाजार में उपलब्ध रहता है। अगर हम चार महीने इसका सेवन कर लें तो शेष आठ महीने तक तो रोग रहित होकर जीवनयापन कर ही सकते हैं। एक आँवला एक अंण्डे से अधिक बल देता है। एक आँवले में विटामिन-सी की मात्रा चार नारंगी और आठ टमाटर या चार केले के बराबर मिलता है। इसलिए यह शरीर की रोगों से लड़ने की शक्ति में महत्वपूर्ण है। आँवले में कई तरह के विटामिन होते है आँवले में कैलोरी, प्रोटीन, कैल्सियम, लोहा, विटामिन, थायोमिन, रिबोफ्लोविन, नियासिन, विटामिन-सी जल, कार्बोहाईड्रेट खनिज लवण रेशा वसा और फास्फोरस भरपूर मात्र में होता है। इसके नियमित सेवन से कभी बुढ़ापा नहीं आता है।

>>>>>आंवला एक कसैला स्वाद वाला अत्यन्त गुणकारी पोसक शीतल विटामिन सी से भरपूर वृद्धावस्था को रोकने में समर्थ धातृ फल है, आयुर्वेद में आँवले का भरपूर प्रयोग किया जाता है। आकर में बड़ा, बेदाग और हलकी-सी लाली लिए हुए हो, वह आँवला सबसे उत्तम होता है। यह फल पितनाश्क होने के कारण पित-प्रधान रोगों की प्रधान औषधि है। यह रक्तवाहिनियों के विकारों को नष्ट करने में सक्षम है। यह फल मधुरता और शीतलता के कारण पित को शान्त करता है।


>>>>>लड़कियों के बाल धुलने से लेकर दादी नानी के चटपटे हाज़मा चूर्ण तक में इसकी गहरी पैठ है. बुजुर्ग लोग आज भी कार्तिक का महीना आते ही आंवले का पेड़ खोजने लगते हैं, ताकि दिन भर उसी के नीचे बैठकी जमे. बहुत शुभ और गुणकारी माना जाता है कार्तिक के महीने में आंवले का सेवन. इसके पेड़ की छाया तक में एंटीवायरस गुण हैं और गज़ब की जीवनी शक्ति है. कार्तिक के महीने में इस पेड़ के ये दोनों गुण चरम पर होते हैं, अगर आप श्वास की किसी भी बीमारी से परेशान है तो सिर्फ इसके पेड़ के नीचे खड़े होकर 5 मिनट गहरी गहरी श्वासें लीजिये, 10-15 दिन में ही बीमारी आपका पीछा छोड़ देगी. इसे अमर फल भी कहते हैं. कहीं-कहीं धात्रीफल और आदिफल के नाम से भी जानते हैं. इस आमले/आंवले के फल और बीज दोनों ही उपयोगी हैं।


: आंवले के औषधीय उपयोग :
इसे चटनी, अचार, मुरब्बा, शर्बत या कच्चा ही किसी भी रूप में अधिक से अधिक प्रयोग मे लाना चाहिये। आंवले का प्रयोग सारी उम्र लगातार भी कर सकते है, इसके प्रयोग से कभी कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं होता, यह मनुष्य को मिला प्रकृति का एक अनुपम उपहार है! आंवले गुणों का खजाना है और यह हार्ट व डाइजेस्टिव सिस्टम लेकर खूबसूरती तक को निखारता है। जानते हैं, इसकी खूबियों के बारे में।




बालों के लिए आंवला : 
  1. आंवले का प्रयोग प्रतिदिन भोजन में करें चाहे चटनी के रूप में या मुरब्बे के रूप में कच्चा आंवला भी खाया जा सकता है।
  2. आंवले के सेवन से बाल झ़डने कम होंगे, लम्बे, घने व मजबूत बनेंगे। आंवले के सेवन से बालों को समय से पहले सफेद होने से बचाया जा सकता है। अगर आपके बाल सफेद हो गये हैं तो कच्चे आंवले का पेस्ट बालों की ज़डों में लगायें। धीरे—धीरे बालों का सफेद होना रुक जाएगा। 
  3. बाल धोने के लिए लोहे की क़डाही में आंवला पाउडर, रीठा पाउडर, शिकाकाई पाउडर तीनों भिगो दें। सुबह उस पानी से बाल धोयें। बालों का झ़डना कम होगा और बाल लंबे भी होंगे। 
  4. सफेद बालों को काला करने के लिए रीठा पाउडर, आंवला पाउडर शिकाकाई पाउडर रात को लोहे की क़डाही में भिगो दें। सुबह चाय के पानी में मेंहदी मिला कर उसे क़डाही वाले मिश्रण में मिला लें। ब्रुश लेकर इस पेस्ट को बालों में लगा दें। चार पांच घंटे तक बालों में लगा रहने दें। सूखने पर शेंपू से बाल धो लें। सप्ताह में दो बार बालों में उपरोक्त मिश्रण को लगायें धीरेधीरे बालों की सफेदी दूर होगी। 
  5. बाल धोने के बाद आंवले का तेल बालों में लगायें। बालों को काला करने के लिए यह भी उपयोगी है। अगर हम थ़ोडा सा ध्यान देकर आंवले का प्रतिदिन प्रयोग करें तो यह सोने पे सुहागे का कार्य करता है। गर्मी के मौसम में इसका नियमित सेवन ठंडक प्रदान करता है।
  6. सूखा आवला 30 ग्राम, 10 ग्राम बहेड़ा व 50 ग्राम आम की गुठली की गिरी को पीसकर रात भर लोहे की कढ़ाई मे भिगोकर रखे, बालो पर इसका रोज लेप [करीब एक घंटा ] करने से कम उम्र मे सफ़ेद हुए बाल कुछ ही दिनो मे काले होने लगते है!
  7. आंवले का नित्य प्रयोग करने से सिर के बाल गिरने बंद हो जाते है!
  8. आंवले को कई हेयर प्रॉडक्ट्स में भी डाला जाता है। दरअसल, देखने में आया है कि आंवला बालों को मजबूत बनाता है, इनकी जड़ों को स्ट्रॉन्ग करता है और बालों का झड़ना भी काफी हद तक रोकता है। 
  9.  बाल झड़ना : आंवला रस और नारियल तेल बराबर मात्रा में मिलाकर बालों की जड़ों में मालिश करें। 
  1. आंवला पाउडर, मिश्री पाउडर के साथ खाली पेट लेने से दिल से संबंधित बीमारियों में लाभ मिलता है।
  2. यकृत की बीमारी में आंवले का रस पानी के साथ दिन में तीन बार लें। लाभ मिलेगा। 
  3. 250 ग्राम आंवले के चूर्ण में 50 ग्राम लहसुन पीसकर यह मिश्रण शहद में डुबाकर पंद्रह दिन तक धूप में रखें. उसके पश्चात् हर रोज़ एक चम्मच मिश्रण खा लें. यह एक उत्तमह्रदय-पोषक है. यह प्रयोग ह्रदय को मज़बूत बनाने वाला एक सरल इलाज है.
  4. रक्तचाप, ह्रदय का बढ़ना, मानसिक तनाव (डिप्रेशन), अनिद्रा जैसे रोगों में 20 ग्रामगाजर के रस के साथ 40 ग्राम आंवले का रस लेना चाहिए.
  5. आधा भोजन करने के पश्चात् हरे आंवलों का 30 ग्राम रस आधा ग्लास पानी मेंमिलाकर पी लें l फिर शेष आधा भोजन करें. यह प्रयोग 21 दिन तक करें. इससे ह्रदय व मस्तिष्क की कमजोरी दूर होती है तथा स्वास्थ्य सुधरता है.
  6. दिल : दिल को सेहतमंद रखने के लिए रोजा आंवला खाने की आदत डालें। इससे आपके दिल की मांसपेशियां मजबूत होंगी, जिससे दिल शरीर को ज्यादा व साफ खून सप्लाई कर पाएगा। बेशक इससे आप सेहतमंद रहेंगे।सूखा आंवला व मिस्री दोनो को पीसकर [समान मात्रा मे] एक-एक चम्मच रोज फंकी लेकर खाने से हार्ट संबंधी सभी रोग दूर होते है!


चर्म रोग :

  1. पित्त : आंवला घृतकुमारी के संग पीने से पित्त का नाश होता है। 
  2. आंवले का चूर्ण गौमूत्र में घोंटकर शरीर पर लगाने से तुरंत पित्तियां दब जाती हैं. 
  3. खुजली : आंवला की गुठली को जला कर उसकी भस्म नारियल के तेल मे मिलाकर किसी भी प्रकार की खुजली मे लगाए लाभ होगा! 
  4. स्कर्बी : आंवला खाने से मसूड़े स्वस्थ होते है व स्कर्बी नामक रोग दूर होता है! 
  5. दांत : मैले दांत चमकाने हों तो दांतों पर आंवले के रस से मालिश करें। आंवले के रस मेंसरसों का तेल मिलाकर मसूड़ों पर हलकी मालिश करने से भी बहुत फायदा होता है।


  1. मूत्र-विकार : दो चम्मच कच्चे आंवले का रस और दो चम्मच कच्ची हल्दी का रस शहद के साथ लेने से प्रमेह मिट जाता है. कुछ दिनों तक प्रयोग करने से मधुमेह नियंत्रण में आ जाता है तथा सभी तरह के मूत्र-विकारों से छुटकारा मिल जाता है.
  2. श्वेत प्रदर: आंवले की गुठली फोड़ कर निकाले बीजों का चूर्ण पानी से पीस कर शहद व मिश्री मिला पिलाएं। 
  3. ल्यूकोरिया के लिए : आंवले के बीजों का पावडर बना लीजिये. एक चम्मच पावडर में आधा चम्मच शहद और थोड़ी सी मिश्री मिला कर सवेरे खाली पेट खाएं। 15 दिनों तक सेवन करें।
  4. स्त्रियों का बहुमूत्र [सोमरोग]: आंवले का रस, पका हुआ केले का गूदा, शहद व मिश्री चारों मिलाकर चटाएं।
  5. मूत्ररोग : सूखे आंवले तथा सुखा धनिया सामान मात्रा में लेकर रात को कुल्लढ में इक्कठे भिगो दें. सुबह छान के मिश्री मिलाकर पियें.  इससे पेशाब की जलन दूर होती है तथा मूत्ररोगों में लाभ होता है.
  6. मूत्र त्याग में दर्द के लिए : 150 ग्राम आंवले का रस लीजिये, बिना कुछ मिलाये पी जाएं, बस दो दिनों तक। 
  7. मूत्र कष्ट: आंवले का 25 ग्राम ताजा रस, छोटी इलायची के बीजों का चूर्ण बुरक कर पिलाएं। मूत्र आने लगेगा। 


मोटापा :
प्रतिदिन आंवले का रस और शहद पचास-पचास ग्राम सुबह तथा रात सोते समय लेने से पेट का मोटापा दूर हो जाता है।



बुढापा दूर करने के लिए :

  1. बुढापा दूर करने के लिए : 100 ग्राम आंवले का पावडर और 100 ग्राम काले तिल का पावडर मिलाये। अब इसमें 50 ग्राम शहद और 100 ग्राम देसी घी मिलाएं। एक चम्मच प्रतिदिन सुबह सिर्फ एक महीने तक खाना है।
  2. ज्वर दूर करने के लिए : दो चम्मच हरे आंवले का रस और दो ही चम्मच अदरक का रस मिश्री मिलाकर दिन में दो बार, सेवन करें, बस। जो मनुष्य आंवले का रस 10 से 15 मि.ली., शहद 10 से 15 ग्राम, मिश्री 10 से 15 ग्रामऔर घी 20 ग्राम मिलाकर चाटता है तथा पथ्य भोजन करता है, उससे वृद्धावस्था दूर रहती है। इस प्रयोग से शारीर में गर्मी, रक्त, चमड़ी तथा अम्लपित्त के रोग दूर होते हैं और शक्ति मिलती है।
  3. हेल्दी ऑप्शन : आवंले में विटामिन सी, कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन और विटामिन बी बहुत होते हैं। इसलिए इसे अपनी डाइट में शामिल करना एक हेल्दी ऑप्शन है। 
  4. न्यूट्रिएंट्स : आंवला खाने को अच्छी तरह पचाने में मदद करता है, जिससे आपको खाने के तमाम न्यूट्रिएंट्स मिलते हैं। आंवले की चटनी बनाकर खाने से विभिन्न रोग अपने आप दूर होंगे।


नेत्रों के रोग :

  1. आंवले के सेवन से आंखों की ज्योती बढती है। सूखा आंवला रात को पानी में भिगो दें व सुबह छानकर इसके पानी से आंखें धोने से नेत्र ज्योति बढती है।
  2. यदि आखों के आगे अंधेरा छा जाता हो, सिर में जलन हो या बार-बार पेशाब आता हो तो आंवले का रस पानी में मिलाकर सुबह शाम लगातार चार दिन पीने से लाभ होगा।
  3. अगर आप अपनी आईसाइट इंप्रूव करना चाहते हैं, तो आंवले के जूस में शहद मिलाकर पीएं। यह मोतियाबिंद की परेशानी में भी फायदेमंद रहता है।
  4. आंवले को कूट कर (लगभग 20 ग्राम) लगभग आधा किलो पानी में उसे उबालें व धीमी आंच पर दो घंटे तक उस पानी को छानकर आखों में दिन में तीन बार डालने से नेत्र रोग मे लाभ होता है।
  5. आंवले का रस और शुद्ध शहद सामान मात्रा में लेकर मिला लें। इस मिश्रण को प्रतिदिन रात के समय आँखों में आंजने से आँखों का धुंधलापन कम हो जाता है. इस मिश्रण को पीने से भी फायदा होता है.
  6. नेत्रों के रोग: आंवला छिलका दरदरा कूट कर पानी में भिगोकर रखें। इसे कपड़े से [साफ] छान कर दिन में तीन बार 2-2 बूंद आंखों में टपकाएं। 
  7. आँखों की रोशनी : 15-20 मि.ली. आंवलों का रस तथा एक चम्मच शहद मिलाकर चटाने से आँखों की रोशनी में वृद्धि होती है।


खांसी :
  1. पिसा हुआ आंवला एक चम्मच को एक चम्मच शहद के साथ मिलाकर दिन में दो या तीन बार लेने से खांसी दूर होगी।
  2. खांसी में : सूखे आंवले के एक चम्मच पावडर में थोड़ा घी मिला कर पेस्ट बना लीजिये, दिन में दो बार चाटिये।
  3. आंवला पाउडर, मुलहठी पाउ खाली पेट लें। खांसी बलगम में लाभ मिलेगा।
  4. सर्दी या कफ्फ की तकलीफ हो तो आंवले के 15-20 मि.ली. रस या 1 ग्राम (पाँव चम्मच) चूर्ण में 1 ग्राम हल्दी मिलाकर लें। सूखी खांसी में भी आंवला रस और शहद फायदेमंद है। 


दिमाग की शक्ति :
  1. दिमाग की शक्ति : दिमाग की शक्ति ब़ढाने डरके लिए आंवले को कस कर शहद में मिलाकर लें। दिमाग की शक्ति ब़ढाने के लिए आंवले का मुरब्बा प्रतिदिन खाने से लाभ मिलेगा। 
  2. स्मरण शक्ति : सूखा आंवला व काला नमक समान मात्रा मे पीस कर आधा चम्मच पानी से लेने से लूज मोशन बंद हो जाते है! नित्य प्रति आंवले का मुरब्बा खाने से स्मरण शक्ति बढ़ती है! 1-2 आंवले और 10-20 ग्राम काले तिल रोज़ सुबह चबाकर खाने से स्मरणशक्ति तेज़ हो जाती है।
  3. इम्यून सिस्टम : यदि गरमियो में जी घबराता हो तो व चक्कर आते हो तो आंवले का शर्बत पिये, कमजोरी दूर होगी व आपका इम्यून सिस्टम (Immune System-प्रतिरक्षा प्रणाली) ठीक होगा!
  4. इम्युनिटी : आंवले में एंटि-बैक्टीरियल क्वॉलिटीज होती हैं, जो बॉडी की इम्युनिटी पावर बढ़ाकर उसे इंफेक्शंस से लड़ने की स्ट्रेंथ देती हैं। 


पाचन संबंधी तकलीफें :

  1. डायरिया : अगर आपका पेट खराब है, तो आंवला खाएं। दरअसल, लेक्सेटिव क्वॉलिटीज की वजह से यह डायरिया जैसी परेशानियों को दूर करने में बहुत फायदेमंद है।
  2. अतिसार: कच्चा आंवला पीस कर रोगी की नाभि के चारों ओर कटोरी जैसी बनाकर इस नाभि में अदरक का रस भर दें। 
  3. भूख अच्छी : एक रिसर्च से पता चला है कि खाना खाने से पहले आंवले का पाउडर, शहद और मक्खन मिलाकर खाने से भूख अच्छी लगती है।
  4. एसिडिटी : आपको एसिडिटी की समस्या है, तो एक ग्राम आंवला पाउडर और थोड़ी-सी चीनी को एक गिलास पानी या दूध में मिलाकर लें। इसे ड्रिंक को दिन में दो बार लेने से एसिडिटी की प्रॉब्लम तभी दूर हो जाएगी। 
  5. कब्ज : रात को एक चम्मच पिसा आंवला या आंवले का रस गुनगुने पानी के साथ लेने से पेट की कब्ज संबंधी समस्याए दूर होती है! 
  6. खूनी बाबासीर : सूखे आंवले को बारीक पीस कर एक-एक टी स्पून सुबह व शाम दोनों टाईम गाय के दूध की लस्सी या गाय के दूध के साथ लेने से खूनी बाबासीर मे लाभ होता है!
  7. बवासीर : बवासीर [मस्से], स्वप्न दोष, स्मरण शक्ति का कमजोर होना, औरतों में श्वेत प्रदर , सोमरोग [बूंद-बूंद पेशाब आना मूत्र पर नियंत्रण नहीं रहना] आदि रोगों में भी पूर्व में बताए अनुसार शहद और आंवला रस का सेवन हितकारी है।
  8. बवासीर: आंवले पीस कर पीठी को मिट्टी के बर्तन में लेप कर दें। इसमें गाय की ताजा छाछ भर रोगी को पिलाएं।
  9. कीड़े नष्ट : ताजे आंवले का रस {1ओंस } प्रातः काल खाली पेट 15 दिन तक लगातार लेने से पेट के कीड़े नष्ट हो जाते है!
  10. हिचकी: आंवला, कैथ का गूदा, छोटी पीपर का चूर्ण, शहद से चटाएं तो हिचकियां मिट जाएंगी। 
  11. अजीर्ण: ताजा आंवला, अदरक, हरा धनिया मिलाकर चटनी बनावें इसमें सेंधा नमक, काला नमक, हींग, जीरा, काली मिर्च मिला चटावें। डकारें आएंगी, भूख खुलेगी, हाजमा बढ़ेगा। 
  12. पीलिया (जांडिस) : एक गिलास गन्ने के रस में तीन बड़े चम्मच हरे आंवले का रस और तीन ही चम्मच शहद मिला कर दिन में दो बार पिलाए. 10 दिन तक पिलाना बेहतर रहेगा जबकि रोग तो तीन दिन में ही ख़त्म हो जाएगा।


विविध :
  1. मुंह के छाले और घाव: आंवले के पत्तों के काढे से दिन में 2 से 3 बार कुल्ले कराएं।
  2. हाई ब्लडप्रैशर, एसिडिटी, दृष्टि दोष, मौसमी बुखार, सिर दर्द, पित्त शूल, वायु विकार, अनिद्रा, उल्टी आना, बार-बार पेशाब जाना, प्रोस्टेट ग्रंथि के विकार, हकलाना, तुतलाना, पेशाब में जलन, ह्वदयशूल [पित्त दोष] आदि रोगों में पचास-पचास ग्राम आंवला रस और शहद मिलाकर रोजाना सोते समय लेने से रोग विकार दूर होकर शरीर स्वस्थ बन जाता है। 
  3. श्वास रोग : पीपली आंवला व सौंठ 2-2 ग्राम की मात्रा पीसकर शहद के साथ बार- बार प्रयोग करने से श्वास सम्बन्धी रोग दूर होते हैं।
  4. नकसीर : नाक से खून आना : नाक से खून आने पर नाक में आंवले के रस की दो बूंद डालें तथा आंवले को पीस कर सिर पर लेप करें।
  5. आवाज : पिसे हुए आंवले को पानी के साथ फंकी लेकर लगातार लेने से आवाज खुल जायेगी। 
  6. दांत दर्द : यदि दांत मे दर्द हो तो आंवले के रस मे कपूर मिला कर दांत मे रखने से दांत दर्द कम होता है 1 
  7. पथरी : यदि किडनी मे पथरी हो तो मूली के साथ आंवला खाने से लाभ होता है!
  8. रक्त निकालना बंद : शरीर मे किसी स्थान विशेष मे कट जाने पर रक्त निकल रहा हो तो तत्काल आंवले का रस लगाने से रक्त निकालना बंद हो जाएगा!
  9. सुंदरता : आंवले का उबटन [पैक] चेहरे व बालो मे लगाने से चेहरे व बालो की सुंदरता की वृद्धि होती है!
  10. हकलाहट हो तो : 100 ग्राम गाय के दूध में एक चम्मच सूखे आंवले का पावडर मिला कर लगातार 15 दिन पीयें, आवाज बराबर से निकलेगी और कंठ सुरीला भी होगा।
  11. छाती (सीने) में जलन के लिए : सूखे आंवले का एक चम्मच पावडर शहद मिला कर सुबह चाटिये। या एक चम्मच पावडर में दो चम्मच चीनी और दो ही चम्मच घी मिलाकर चाटिये।
  12. टाक्सिन्स : आंवले का नित्य प्रयोग हमारे शरीर के टाक्सिन्स दूर करता है, जिससे शरीर धीरे-धीरे पूर्णतया स्वस्थ हो जाता है ! 
  13. सुगर के मरीजों के लिए : आंवला और हल्दी का पावडर बराबर मात्रा में लीजिये, अच्छी तरह मिक्स कीजिए। जितनी बार भी भोजन करें, उसके बाद एक चम्मच पावडर पानी से निगल लीजिये। सुगर कभी परेशान नहीं करेगी। 


आंवले के बारे में जरूरी जानकारी :
  1. आंवला ताजा हो या प्राकृतिक रूप से सूखा उसके गुण सदैव विद्यमान रहते हैं। 
  2. आंवले के रस को कांच एवं प्लास्टिक के बर्तन में रख सकते हैं। 
  3. हरा ताजा आंवला नहीं मिलने पर सूखे आंवले का चूर्ण बनाकर सुबह और शाम दूध या ताजा पानी के साथ लेना चाहिए।
  4. आंवले के निरंतर प्रयोग से बाल टूटना, रूसी, बाल सफेद होना रूक जाते हैं। नेत्र ज्योति सुरक्षित रहती है। दांत मजबूत होते हैं। 


  1. एक किलोग्राम हरा आंवला लीजिये साथ ही 200 ग्राम हरी मिर्च।
  2. दोनों को धो लीजिये।
  3. आंवले को काट कर गुठलियाँ बाहर निकाल दीजिये, अब दोनों को ग्राईडर में दरदरा पीस लीजिये (बिना पानी डाले)।
  4. अब इसमें 100 ग्राम सेंधा नमक मिला दीजिये।
  5. इसे परिवार का प्रत्येक सदस्य चटपटी चटनी की तरह मजे से खायेगा।
  6. इसी को आप धूप में सुखा कर पूरे वर्ष के लिए सुरक्षित भी रख सकते हैं।
  7. जब इच्छा हो दाल या सब्जी में ऊपर से डाल कर खा सकते हैं।
  8. हरी मिर्च (कच्ची) हीमोग्लोविन बढाती है और आंवले के साथ उसका मिश्रण सोने में सुहागा हो जाता है।
  9. इसका प्रयोग शरीर में एक्टिवनेस को तो 24 घंटे में ही बढ़ा देता है।
  10. अनगिनत लाभ हैं, इससे लीवर मजबूत हो जाता है।

परामर्श : 10 AM से 10 PM के बीच। Mob & Whats App No. : 9875066111
Please Do not take any (kind of) suggested medicine, without consulting your doctor. 
कृपया अपने चिकित्सक के परामर्श के बिना, सुझाई गयी (किसी भी प्रकार की) दवा का सेवन नहीं करें। 
निवेदन : रोगियों की संख्या अधिक होने के कारण, आपको इन्तजार करना पड़ सकता है। कृपया धैर्यपूर्वक सहयोग करें।-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'-9875066111. 
Request : Due to the high number of patients, you may have to wait. Please patiently collaborate.--Dr. Purushottam Meena 'Nirankush'-9875066111

10 comments:

  1. bahut hi achhi information di hai aapne...bahut bahut dhanybaad....
    mjaayka

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  2. jai sadgurudev
    aapka pratyek lekh ayurved ka vardaan hai jo aapke dayalu hirday ke maadhyam se hum tak pahunch rahe hai iseeliye aapka dhanywaad anant baar aur guru parmeshwar sadev aap ar apni karuna drashti rakhen aisee meri unse prarthna hai www.the-comforter.org

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  3. jai sadgurudev
    aapka pratyek lekh ayurved ka vardaan hai jo aapke dayalu hirday ke maadhyam se hum tak pahunch rahe hai iseeliye aapka dhanywaad anant baar aur guru parmeshwar sadev aap ar apni karuna drashti rakhen aisee meri unse prarthna hai www.the-comforter.org

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  4. आपका लेख पढ़कर अच्छा लगा काफी लम्बा लेख लिखा है आपने इसके लिए काफी अध्ययन किया होगा आपने, वास्तव में आप धन्यवाद के पात्र है आवले को लेकर बहुत सारे वैज्ञानिक तथ्य भी बखूबी पेश किये है सच में बहुत ही सार गर्भित पोस्ट लिखी है| आयुर्वेद में आवले को लेकर कई कल्प भी बनाये गए है इनमे से कुछ तो इतने पावरफुल है कि शारीर कि चमड़ी उतरकर नयी चमड़ी तक आ जाती है अगर इसके बारे में कोई जानकारी हो तो अवस्य लेख लिखे |कुछ समय पहले ही मैंने हिमालय के तपस्वियों और योग की नयी विधाओ और ६४ दिव्य जड़ी बूटियों पर लेख लिखना शुरू किया है मेरी website ka email:www.yogichintan.com है |
    धन्यवाद

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  5. आपका लेख पढ़कर अच्छा लगा काफी लम्बा लेख लिखा है आपने इसके लिए काफी अध्ययन किया होगा आपने, वास्तव में आप धन्यवाद के पात्र है आवले को लेकर बहुत सारे वैज्ञानिक तथ्य भी बखूबी पेश किये है सच में बहुत ही सार गर्भित पोस्ट लिखी है| आयुर्वेद में आवले को लेकर कई कल्प भी बनाये गए है इनमे से कुछ तो इतने पावरफुल है कि शारीर कि चमड़ी उतरकर नयी चमड़ी तक आ जाती है अगर इसके बारे में कोई जानकारी हो तो अवस्य लेख लिखे |कुछ समय पहले ही मैंने हिमालय के तपस्वियों और योग की नयी विधाओ और ६४ दिव्य जड़ी बूटियों पर लेख लिखना शुरू किया है मेरी website ka email:www.yogichintan.com है |
    धन्यवाद

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  6. न्यूज पोर्टल एक बेहद सार्थक विकल्प के रूप में उभरे हैं...
    इससे जुड़ी किसी भी क्वेरी के लिए मिथिलेश की लिखी यह न्यूज पोर्टल सलूशन (News Portal Solution) देखें.

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    Dr. Richard D

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--->--->श्रीमती जानकी पुरुषोत्तम मीणा जिनका 08 अप्रेल, 2012 को असमय निधन हो गया!

--->--->श्रीमती जानकी पुरुषोत्तम मीणा जिनका 08 अप्रेल, 2012 को असमय निधन हो गया!
सभी के स्वस्थ एवं सुदीर्घ जीवन की कामना के साथ-मेरे प्यारे और दुलारे तीन बच्चों की ममतामयी अद्वितीय माँ (मम्मी) जो दुखियों, जरूतमंदों और मूक जानवरों तक पर निश्छल प्यार लुटाने वाली एवं अति सामान्य जीवन जीने की आदी महिला थी! वह पाक कला में निपुण, उदार हृदया मितव्ययी गृहणी थी! मेरी ऐसी स्वर्गीय पत्नी "जानकी मीणा" की कभी न भुलाई जा सकने वाली असंख्य हृदयस्पर्शी यादों को चिरस्थायी बनाये रखते हुए इस ब्लॉग को आज दि. 08.08.12 को फिर से पाठकों के समक्ष समर्पित कर रहा हूँ!-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'

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(Tribulus Terrestris) 14 फरवरी Abutilon Indicum Aerva Lanat Allergy Aloevera Juice Alum Aluminum Amaranthus spinosus Ammonium chloride Appetite Argemone Mexicana Ash-coloured Fleabane Bael Ban Tulasi Bauhinia purpurea Bernini’s Cinema Bitter Gourd Black night shade Blumea Lacera Bone Infection Borax Calories Calories Chart Cancer Care Carrots Castor beans Chanca Piedra Cheese Chemotherapy Chenopodium Album Chikungunya Cholesterol Cleome viscosa Clerodendrum Phlomidis Clitoria Ternatea Colocynth Colpoptosis Constipation Convolvulus Pluricaulis Corn Creak Croton Bonplandianum Croton Sparsiflorus Cumin Date Palm Dengue Diabetes digestion Disorders Divorce Dog Mustard Dronapushpi Dysentery Early Ejaculation Emblic Myrobalan Extramarital Relation Extremely Intolerance Fatty liver Femininity FENUGREEK Fenugreek Seeds Ferrum Phosphoricum Fever Fissure Fistula Folic Acid Gallbladder Gardenia Gummifera Garlic Ginger Gooseberry Gourd Groundnut-peanut Guava Hainampfer Hair Falling Headaches Health Health Care Friend Health Consultation Health Links Health Tips Hemorrhoids Hepatitis Hibiscus Homeopathic Homeopathy Homoeopath Honey How to get pregnant? Immunity IMPOTENCY Incurable indigestion Jaundice Juice Juice of Berries LAND CALTROPS Lemon Leucas Aspera Leucas Cephalotes Leucorrhea Lever Liver Liver Cirrhosis Liver fibrosis Low Blood Pressure Marital Dispute Consultant Masturbation Mental Mexican Daisy Mexican Poppy Migraine Migraines Myopia Neurons Night Jasmine Nutgrass Nutmeg Nutsedge Obesity Omega 3 Oroxylum indicum Painkillers Phyllanthus Niruri Piles Portulaca Oleracea Post Effect Pregnancy Safe-Guard Pregnancy Safeguard Pregnancy-Safe-Guard Premature Ejaculation Prostate Gland Protein Purple Nutsedge Raan Tulas Radish Rectal Collapse Rectal Prolapse rectum collapse Saffron Senna occidentalis Separation Sex Sexual Power Sickness side effects less Side-Effects Spermatorrhoea Sperms Spiny Amaranth Stone Stone Breaker Sword fruit tree TECOMA STANS Thermometer Tickweed Tips Treatment of Incurable Tribulus Terrestris Tridax Procumbens Umbrella Sedge Unquenchable Conjugal Uterine Prolapse vaginal Creaks Vaginal Prolapse Viral Vitamins Vitex Negundo Wheatgrass White Discharge Yellow Spider Flower अंकुरित अनाज अंकुरित गेहूं-Wheat germ अंकुरित भोजन-Sprouts अखरोट अंगूर-Grapes अचूक चमत्कारिक चूर्ण अजवाइन अजवायन अजीर्ण-Indigestion अंडकोष अडूसा (वासा)-Adhatoda Vasika-Malabar nut अण्डी अतिबला अतिसार अतिसार-Diarrhea अतृप्त अतृप्त दाम्पत्य अत्यंत असहिष्णुता अदरक अदरख अंधश्रृद्धा अध्ययन अनिद्रा अपच अपराजिता अपराधबोध अफरा अफीम अमरूद अमृता अम्लपित्त-Pyrosis अरंडी अरणी अरण्ड अरण्डी अरलू अरुचि अरुचि-Anorexia-Distaste अर्जुन अर्थराइटिस अर्द्धसिरशूल अर्श अर्श रोग-बवासीर-Hemorrhoids-Piles अलसी अल्सर अल्सर-Ulcers अवसाद अवसाद-Depression अश्मःभेदः अश्वगंधा अश्वगंधा-Winter Cherry असंतुष्ट असफल असर नहीं असली अस्थमा अस्थमा-दमा-Asthma आइरन आक आकड़ा आघात आत्महत्या आंत्र कृमि आंत्रकृमि-Helminth आंत्रिक ज्वर-टायफाइड-Typhoid fever आधाशीशी आधासीसी आंधीझाड़ा-ओंगा-अपामार्ग-Prickly Chalf flower आमला आमवात आमाशय आयुर्वेद आयुर्वेदिक आयुर्वेदिक उपचार आयुर्वेदिक औषधियां आयुर्वेदिक सीरप-Ayurvedic Syrup आयुर्वेदिक-Ayurvedic आरोग्य आँव आंव आंवला आंवला जूस आंवला रस आशावादी-Optimistic आसन आसान प्रसव-Easy Delivery आहार चार्ट आहार-Food आॅपरेशन आॅर्गेनिक इच्छा-शक्ति इन्द्रायण इन्फ्लुएंजा इमर्जेंसी में होम्योपैथी इमली-Tamarind Tree इम्युनिटी इलाज इलाज का कुल कितना खर्चा इलायची उच्च रक्तचाप उच्च रक्तचाप-High Blood Pressure-Hypertension उत्तेजक उत्तेजना उदर शूल-Abdominal Haul उदासी उन्माद-Mania उपवास उम्र उल्टी ऊर्जा एक्जिमा एक्यूप्रेशर एग्जिमा एजिंग-Aging एंटी ऑक्सीडेंट्स एंटी-ओक्सिडेंट एंटीऑक्सीडेंट एण्टी-आॅक्सीडेंट एनजाइना एनीमिया एमिनो एसिड एरंड एलर्जी एलर्जी-Allergy एलोवेरा एलोवेरा जूस एल्यूमीनियम ऐंठन ऐलोपैथ ऐसीडिटी ऑर्गेनिक ओमेगा 3 के स्रोत ओमेगा-3 ओर्गेनिक औषध-Drug औषधि सूची-Drug List औषधियों के नुकसान-Loss of drugs कचनार कचनार-Bauhinia Purpurea कटुपर्णी कड़वाहट कंडोम कद्दू कनेर कपास-COTTON कपिकच्छू कपूरीजड़ी कफ कब्ज कब्ज़ कब्ज-कोष्ठबद्धता-Constipation कब्ज. 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दालें दिमांग दिल दीर्घायु दु:खी दुर्गंध दुर्बलता दुष्प्रभाव दुष्प्रभावरहित दूध दूध वृद्धि दूधी दूधी-Milk Hedge दृष्टिदोष दो मन द्रोणपुष्पी द्रोणपुष्पी-Leucas Cephalotes धड़कन धनिया बीज धनिया-Coriander धमासा धात धातु धातु पतन धार्मिक धूम्रपान छोड़ना चाहते हैं? धैर्यहीन नज़ला नपुंसक नपुंसकता नाइट्रिक एसिड नाक नाखून नागबला नागरमोथा नाडी हिंगु नाड़ी हिंगु (डिकामाली) नामर्दी नारकीय पीड़ा नारियल नाश्ता निमोनिया निम्न रक्तचाप निम्बू नियासिन निराश निरोगधाम निर्गुण्डी निर्गुन्डी निष्कपट स्नेह निष्ठा निसोरा नींद नींबू नींबू-Lemon नीम-azadirachta indica नुस्खे नुस्खे-Tips नेगड़ नेत्र रोग नेुचरल नैतिक नॉर्मल डिलेवरी नोनिया नौसादर न्युमोनिया-Pneumonia न्यूरॉन्स पक्षघात पंचकर्म पढ़ने में मन लगेगा पंतजलि पत्तागोभी-CABBAGE पत्थर फोड़ी पत्थरचट्टा पत्नी पथरी पदार्थ पनीर पपीता पपीता-CARICA PAPPYA पमाड परदेशी लांगड़ी परम्परागत चिकित्सा परहेज पराठा परामर्श परिस्थिति पवाड़ पवाँर पाइल्स पाक-कला पाचक पाचन पाचनतंत्र पाचनशक्ति पाठक संख्या 16 लाख पार पाठक संख्या पंद्रह लाख पायरिया पारदर्शिता पारिजात पालक पालक-Spinach पित्त पित्ताशय पित्ती पिंपल-मुंहासे-Pimples-Acne पिरामिड पीलिया पीलिया-Jaundice पीलिया-कामला-Jaundice पुआड़ पुदीना पुनर्नवा-साटी-सौंटी-Punarnava पुरुष पुंसत्व पेचिश पेट के कीड़े पेट दर्द पेट में गैस पेट रोग पेड़ पेद दर्द पेशाब पेशाब में रुकावट पेंसिल थेरेपी-Pencil Therapy पौधे पौरुष पौष्टिक रागी रोटी प्याज-Onion प्यास प्रजनन प्रतिरक्षा प्रतिरक्षा प्रणाली प्रतिरोधक प्रतिरोधक-Resistance प्रदर प्रमेह प्रवाहिका (पेचिश)-Dysentery प्रसव प्रसव सुरक्षा चक्र प्रसव-पीड़ा प्रसूति प्राणायाम प्रेग्नेंसी-Pregnancy प्रेम प्रेमरस प्रेमिका प्रेमी प्रोटीन प्रोटीन का कार्य प्रोटीन के स्रोत प्रोस्टेट प्रोस्टेट ग्रन्थि प्लीहा प्लूरिसी-Pleurisy प्लेटलेट्स फटन फफूंद-Fungi फरास फल फल-Fruit फाइबर फिटकरी फुंसी-Pimples फूलगोभी-CAULIFLOWER फेंफड़े फेरम फॉस फैट फैटी लीवर फोटोफोबिया फोड़ा फोड़े-Boils फोरप्ले फोलिक एसिड फ्लू फ्लू-Flu फ्लेक्स सीड्स बकायन बकुल बड़ी हरड़ बथुआ बथुआ पाउडर बथुआ-White Goose Foot बदबू बबूल-ACACIA बरसाती बीमारियाँ बरसाती बीमारियां बलगम बलवृद्धि बला बलात्कार बवासीर बहरापन बहुनिया बहुमूत्रता- बांझपन बादाम-Almonds बादाम. बाल बाल झड़ना बाल झडऩा-Hair Falling बिना सिजेरियन मां बनें बिवाई बीजबंद बीड़ी बीमारियों के अनुसार औषधियां बीमारी बील बुखार बूंद-बूंद पेशाब बेल बेली बैक्टीरिया बॉयोकैमी ब्र​ह्मदण्डी ब्रेस्ट ग्रोथ ब्लड प्रेशर ब्लैक मेलिंग ब्लॉकेज भगंदर भगंदर-Fistula-in-ano भगनासा भगन्दर भगोष्ठ भड़भांड़ भय भविष्य भस्मक रोग भावनात्मक भुई आंवला-Phyllanthus Niruri भूई आमला भूई आंवला भूख भूख बढ़ाने भूमि भूमि आंवला भोजनलीवर मकोय मकोय-Soleanum nigrum मक्का मक्का के भुट्टे मंजीठ मटर-PEA मंद दृष्टि मंदाग्नि मदार मधुमेह मधुमेह-Diabetes मन्दाग्नि-Dyspepsia मरुआ मरोड़ मर्द मर्दाना मलाशय मलेरिया मलेरिया (Malaria) मवाद मसाले मस्तिष्क मस्से मस्से-WARTS महंगा इलाज महत्वपूर्ण लेख महाबला माइग्रेन माईग्रेन माईंड सैट माजूफल मानवव्यवहार मानसिक मानसिक लक्षण मानसिक-Mental मानिसक तनाव-Mental Stress मायोपिया मासिक मासिक-धर्म मासिकधर्म मासिकस्राव माहवारी मिनरल मिर्गी मिर्च-Chili मीठा खाने की आदत मुख मैथुन-ओरल सेक्स-Oral Sex मुख्य लक्षण मुधमेह मुलहठी मुलेठी मुहाँसे मूँगफली मूड डिस्ऑर्डर-Mood 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