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शहद अमृत है! (Honey is nectar!)

शहद अमृत है, लेकिन इन चीजों के साथ खाएंगे तो ये जहर बन जाएगा

शहद को आयुर्वेद में अमृत माना गया है। माना जाता है कि रोजाना सही ढंग से शहद लेना सेहत के लिए अच्छा होता है। लेकिन शहद का सेवन करने के फायदे ही नहीं नुकसान भी हो सकते हैं। इसलिए शहद का सेवन जब भी करें नीचे लिखी बातों को जरूर ध्यान रखें।
  1. चाय, कॉफी में शहद का उपयोग नहीं करना चाहिए। शहद का इनके साथ सेवन विष के समान काम करता है।
  2. अमरूद, गन्ना, अंगूर, खट्टे फलों के साथ शहद अमृत है।
  3. शरीर के लिये आवश्यक, लौह, गन्धक, मैगनीज, पोटेशियम आदि खनिज द्रव शहद में होते हैं।
  4. शहद के एक बड़ा चम्मच में 75 ग्राम कैलोरी शक्ति होती है।
  5. किसी कारणवश आप को शहद सूट नहीं किया तो या खाकर किसी तरह की परेशानी महसूस हो रही हो तो नींबू का सेवन करें।
  6. इसे आग पर कमी न तपायें।
  7. मांस, मछली के साथ शहद का सेवन जहर के समान है।
  8. शहद में पानी या दूध बराबर मात्रा में हानिकारक है।
  9. बाजरू चीनी के साथ शहद मिलाना अमृत में विष मिलाने के समान है।
  10. शहद सर्दियों में गुनगुने दूध या पानी में लेना चाहिये।
  11. एक साथ अधिक मात्रा में शहद न लें। ऐसा करना नुकसानदायक होता है। शहद दिन में दो या तीन बार एक चम्मच लें।
  12. घी, तेल, मक्खन में शहद विष के समान है। स्त्रोत : दैनिक भास्कर
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शहद के फायदे और नुकसान
आयुर्वेद में ऐसी मान्यता है कि अलग-अलग स्थानों पर लगने वाले छत्तों के शहद के गुण वृक्षों के आधार पर होते हैं। जैसे नीम पर लगे शहद का उपयोग आँखों के लिए, जामुन का मधुमेह, सहजने का हृदय, वात तथा रक्तचाप के लिए बेहतर होता है। इसके अलावा भी शहद का सेवन कई रोगों में उपयोगी है।
  • * अदरक के रस में या अडूसे के काढ़े में शहद मिलाकर देने से खाँसी में आराम मिलता है।
  • * पके आम के रस में शहद मिलाकर देने से पीलिया में लाभ होता है।
  • * जिन बच्चों को शकर का सेवन मना है, उन्हें शकर के स्थान पर शहद दिया जा सकता है।
  • * उल्टी (वमन) के समय पोदीने के रस के साथ शहद का प्रयोग लाभकारी रहता है।
शहद से नुकसान : अधिक गर्म पानी, गर्म दूध, अधिक धूप में बच्चों को शहद का प्रयोग हानिकारक साबित होता है। साथ ही घी की समान मात्रा प्रयोग करने पर यह विष की भाँति कार्य करने लगता है। इसलिए इन स्थितियों में इसका प्रयोग सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए।
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शहद में छिपा है सेहत का खजाना

नई दिल्ली: आयुर्वेद में शहद को एक खाद्य एवं प्राकृतिक औषधि के रूप में निरूपित किया गया है और शरीर को स्वस्थ, निरोग और उर्जावान बनाये रखने के लिये इसे अमृत भी कहा गया है। यूं तो सभी मौसमों में शहद का सेवन लाभकारी है, परन्तु सर्दियों में तो शहद का प्रयोग विशेष लाभकारी होता है।

नियमित रूप से शहद का सेवन करने से शरीर को स्फूर्ति, शक्ति और ऊर्जा मिलती है। शहद से शरीर स्वस्थ, सुंदर और सुडौल बनता हैं। शहद मोटापा घटाता भी है और शहद मोटापा बढ़ाता भी है। मीठे शहद के गुणों से रोगी व्यक्ति स्वस्थ हो सकता है।

शहद औषधीय गुणों की वजह से अनेक बीमारियों में उपयोग होता रहा है। शहद का प्रयोग जहां आंखों की रोशनी बढ़ाने तथा कफ एवं अस्थमा और उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में कारगर सिद्ध हुआ है, वहीं रक्त शुद्धि तथा दिल को मजबूत करने में भी सहायक है, तो पेश है कुछ टिप्स कि शहद को किन-किन बीमारियों में तथा किन द्रव्यों के साथ अनुपात निर्धारण से हम इसका लाभ उठा सकते हैं।

शहद, गाजर के जूस के साथ लेने से आंखों की रोशनी को बढ़ाने में मदद करता है। इसे खाना खाने से एक घंटा पहले लेना चाहिये। शहद के औषधीय गुणों के कारण अनेक बीमरियों से छुटाकरा पाने के लिए इसका उपयोग किया जाता है। शहद को खाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है और मोतियाबिंद जैसी बीमारियों को भी शहद से दूर किया जा सकता है।

कब्ज को दूर करने के लिए भी शहद का इस्तेमाल किया जाता है। टमाटर या संतरे के रस में एक चम्मच शहद डालकर प्रतिदिन लेने से कब्ज की शिकायत दूर होने लगती है।

शहद को पानी में मिलाकर कुल्ले करने से मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं। दांत के दर्द को दूर करने में भी शहद मदद करता है। रूई के फाहे को शहद में भिगोकर दर्द वाली जगह पर रखें। चेहरे को झुरिंयां से बचाने के लिए शहद में कच्ची हल्दी पीसकर पेस्ट बनाएं। इसे चेहरे पर लगाने से झुरिंयां दूर हो जाएंगी। गुनगुने पानी में शहद डालकर पीने से मोटापा कम होता है व दूध में शहद डालकर पीने से दुबलापन मिटता है।

गुनगुने दूध में रोजाना एक चम्मच शहद डालकर खाने से शरीर में हमेशा स्फूर्ति बनी रहती है।
स्त्रोत : ज़ी न्यूज ब्यूरो-14.03.12
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शहद के आठ प्रयोग: ये करेंगे जादू सा असर

शहद को आयुर्वेद में औषधीय गुणों का खजाना माना गया है। शहद का अलग-अलग तरह से उपयोग कर हम हमारे शरीर की कई सारी समस्याओं को दूर भगा सकते हैं। शहद में यह गुण होता भी है कि इसका अलग-अलग वस्तुओं के साथ उपयोग करने पर इसकी तासीर भी भिन्न हो जाती है।
आइए जानते हैं शहद के ऐसे ही कुछ गुणों को....
  1. शहद को मसूड़ों पर मलने से पायरिया नहीं होता।
  2. छोटे बच्चों को दूध पिलाने से पहले शहद चटा दें। फिर दूध पिलाएं ये रोग निरोधक क्षमता बढ़ाता है।
  3. बेसन, मलाई में शहद मिलाकर त्वचा पर लगाएं। थोड़ी देर बाद धो लें, चेहरा चमक उठेगा ।
  4. प्रतिदिन 25 ग्राम शहद दूध के साथ जरूर लें। इससे शरीर को ताकत मिलती है।
  5. त्वचा सम्बन्धी रोग हो या कहीं जल-कट गया हो तो शहद लगाएं। जादू सा असर दिखाई देगा।
  6. रात को सोने से पहले दूध के साथ शहद लेने पर बहुत अच्छी नींद आती है।
  7. दूध में शक्कर की जगह शहद लेने से गैस नहीं बनती और पेट के कीड़े भी निकल जाते हैं।
  8. जुकाम होने पर शहद की भाप लें व उसी पानी से कुल्ला करें।
दैनिक भास्कर, धर्मडेस्क. उज्जैन। 02.07.2012
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मीठे शहद के गुणकारी नुस्खे

कई बार हम साधारण सी बीमारी में भी घबरा जाते हैं, लेकिन अगर हमें थोड़ा भी घरेलू नुस्खों के बारे में पता हो तो आसानी से तुरंत इलाज किया जा सकता है। दादी-नानी के खजाने से हम लेकर आए हैं ऐसे ही कुछ खास लाजवाब सरल-सहज नुस्खे, जिन्हें अपना कर आप भी पा सकते हैं निरोगी काया :-
  1. * अदरक के रस में या अडूसे के काढ़े में शहद मिलाकर देने से खांसी में आराम मिलता है।
  2. * पके आम के रस में शहद मिलाकर देने से पीलिया में लाभ होता है।
  3. * जिन बच्चों को शकर का सेवन मना है, उन्हें शकर के स्थान पर शहद दिया जा सकता है।
  4. * उल्टी (वमन) के समय पोदीने के रस के साथ शहद का प्रयोग लाभकारी रहता है।
  5. * शुष्क त्वचा पर शहद, दूध की क्रीम व बेसन मिलाकर उबटन करें। इससे त्वचा की शुष्कता दूर होकर लावण्यता प्राप्त होगी। 
  6. * एक गिलास दूध में बिना शकर डाले शहद घोलकर रात को पीने से दुबलापन दूर होकर शरीर सुडौल, पुष्ट व बलशाली बनता है। 
  7. * शहद नित्य सेवन निर्बल आमाशय व आंतों को बल प्रदान करता है। 
  8. * प्याज का रस और शहद समान मात्रा में मिलाकर चाटने से कफ निकल जाता है तथा आंतों में जमे विजातीय द्रव्यों को दूर कर कीड़े नष्ट करता है। इसे पानी में घोलकर एनीमा लेने से लाभ होता है।
  9. * हृदय की धमनी के लिए शहद बड़ा शक्तिवर्द्धक है। सोते वक्त शहद व नींबू का रस मिलाकर एक ग्लास पानी पीने से कमजोर हृदय में शक्ति का संचार होता है। 
  10. * पेट के छोटे-मोटे घाव और शुरुआती स्थिति का अल्सर शहद को दूध या चाय के साथ लेने से ठीक हो सकता है। 
  11. * सूखी खाँसी में शहद व नींबू का रस समान मात्रा में सेवन करने पर लाभ होता है। 
  12. * शहद से मांसपेशियां बलवती होती हैं। 
  13. * बढ़े हुए रक्तचाप में शहद का सेवन लहसुन के साथ करना लाभप्रद होता है। 
  14. * अदरक का रस और शहद समान मात्रा में लेकर चाटने से श्वास कष्ट दूर होता है और हिचकियां बंद हो जाती हैं। 
  15. * संतरों के छिलकों का चूर्ण बनाकर दो चम्मच शहद उसमें फेंटकर उबटन तैयार कर त्वचा पर मलें। इससे त्वचा निखर जाती है और कांतिवान बनती है। 
  16. * कब्जियत में टमाटर या संतरे के रस में एक चम्मच शहद डालकर सेवन करें, लाभ होगा।
आज की खबर, अपराजिता, 13.08.12
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सुडौल बनने के लिये पीजिये शहद और नींबू

शहद के प्रयोग से हमारे शरीर के कई रोग दूर हो सकते हैं। जहां इसका अनेक इस्‍तमाल प्राकृतिक सौंदर्य पाने के लिये किया जाता है वहीं पर मोटापा कम करने के लिये इसे नींबू पानी के साथ मिला कर पिया जाता है। शहद से शरीर स्वस्थ, सुंदर और सुडौल बनता हैं। आइए जानें की शहद शरीर की चर्बी को किस तरह से दूर करने में सहायक है।
शहद से इस तरह दूर करें मोटापा
1. शहद शरीर की चर्बी को बडी ही तेजी से गलाता है। इसके अलावा डाइटिंग करते वक्‍त अगर आप शहद को अपने आहार में शामिल करेंगे तो आपके शरीर को पूर्ण रूप से पोषण मिलेगा और शरीर को डाइटिंग का दुष्‍परिणाम नहीं झेलना पड़ेगा।
2. ज्‍यादातर शहद को पानी के साथ ही लेना चाहिये। शहद को गुनगुने पानी के साथ पीने से जल्‍दी चर्बी घटती है और साथ ही ज्‍यादा महनत भी नहीं करनी पड़ती।
3. शहद और नींबू का मिश्रण वेट लॉस प्‍लान के लिये बहुत ही लाभकारी है। अगर आप रोजाना नींबू के रस और शहद को मिला कर गुनगुने पानी के साथ पिएंगे तो दिनभर एक्‍टिव रहने के साथ साथ वजन पर भी नियंत्रण कर सकेगे।
4. अगर आपको बहुत ज्‍यादा भूख लगती है तो दूध में शहद की कुछ बूंदे मिला कर रोजाना पिएं। इससे ना केवल आपका पेट भरेगा बल्कि शरीर को जरुरी पोषण भी मिलेगा।
5. अगर आप शहद को अपने भोजन में प्रयोग करना चाहते हैं तो इसकी कुछ बूंदो को दही में डाल कर खाएं। इससे आप पूरा दिन एक्‍टिव बने रहेंगे।
6. कई लोग जो डाइटिंग करते हैं वे सलाद में स्‍वीटनर की जगह पर हनी का प्रयोग कर सकते हैं। बस कुछ बूंद शहद की डालें और हेल्‍दी सैलेड खाएं। यह एक बहुत ही हेल्‍दी स्‍नैक साबित हो सकता है।
7. अगर जल्‍द मोटापा कम करना हो तो हर भोजन के बाद गरम पानी में शहद और नींबू का रस डाल कर पीने से एक्‍स्‍ट्रा कैलोरी बर्न होती है। साथ ही वर्कआउट करने के तुरंत बाद भी इसे पीने से एनर्जी मिलती है और शरीर एक्‍टिव रहता है।
स्त्रोत : पूर्णिमा, हिंदी बोल्ड स्काई, 14.08.12
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पेट को कम करता है शहद

शहद एक प्राकृतिक स्‍वास्‍थ्‍यवर्धक आहार है जिसे त्‍वचा को सुंदर बनाने और मोटापा कम करने के लिए प्रयोग किया जा सकता है। अगर आप अपने बढ़ते हुए वजन से परेशान हो चुके हैं और जिम जाने का समय नहीं है तो शहद का प्रयोग कर के आप बिल्‍कुल स्‍लिम-ट्रिम बन सकते हैं। आइये जानते हैं कि शहद वजन को कैसे कंट्रोल कर सकता है-

शहद का उपयोग-

1. शहद अन्‍य उत्‍पादों के मुकाबले वजन को कम करके में ज्‍यादा जल्‍दी असर करता है। इसके साथ ही डायटिंग करते वक्‍त यह शरीर को भरपूर पोषण भी देता है।

2. शहद का प्रयोग पानी के साथ करना ज्‍यादा हितकर होता है। अगर पानी गरम हो तो और भी जल्‍दी शरीर से वजन कम होता है।

3. नींबू और शहद एक साथ लेने से वजन कम करने का सबसे अच्‍छा तरीका है। अगर आप रोज़ सुबह नींबू, शहद और गरम पानी मिला कर पिएगें तो आपका वजन तेज़ी से घटेगा।

4. क्‍या आपको पता है कि शहद से गुस्‍सा कंट्रोल होता है। जी हां, शहद को दूध में मिला कर पीने से गुस्‍सा तो कम होता ही है साथ में खूब सारा पोषण भी मिलता है।

5. अगर आप अपने भोजन में भी शहद को प्रयोग करना चाहते हैं तो उसको कम वसा वाले दही में मिला कर खाएं। अगर आप इसे रोज़ सुबह नाश्‍ते के वक्‍त खाएगें तो लाभ होगा।

6. कई डायटिंग करने वाले लोग इसको फ्रूट सलाद में भी मिला कर प्रयोग करते हैं। बस करना केवल यह है कि शहद की कुछ बूदें अपने सलाद में डालें और मिला कर खा जाएं। यह काफी हेल्‍दी स्‍नैक्‍स हो सकता है।

7. शहद को ओटमील में मिला कर नाश्‍ते में खाने से वजन कम होता है। इससे स्‍वास्‍थ्‍य तो अच्‍छा होता ही है साथ में वजन भी कम होता है।

8. अगर आपको वजन कम करना है तो हर भोजन के बाद नींबू, शहद और गरम पानी मिला कर पिने से लाभ होता है और एक्‍स्‍ट्रा कैलोरी भी बर्न होती है। यह जिम के बाद लौट कर भी पिया जा सकता है, क्‍योंकि इससे तुरंत शक्‍ति मिलती है।

स्त्रोत : पूर्णिमा, हिंदी बोल्ड स्काई, 15.02.12
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लंबी आयु चाहिए तो रोज करें शहद का सेवन

नई दिल्‍ली: शायद ही कुछ लोग जानते हैं कि लंबी उम्र के लिए किसी खास जड़ी-बूटी या संजीवनी की आवश्‍यकता नहीं है, बल्कि उसे केवल शुद्ध शहद के प्रतिदिन सेवन से भी पाया जा सकता है। अब तो वैज्ञानिकों ने भी शहद के गुणकारी विषेशताओं को स्वीकार भी कर लिया है और वे भी अपने कई पेशेंटस को शहद के सेवन की सलाह देते हैं। सर्वविदित है कि शहद उपयोगी दवा से भी अधिक गुणकारी होता है परन्तु इसमें भी कभी-कभी विषैले अंश आ जाते हैं क्योंकि कुछ फूलों का मकरन्द जहरीला होता है। ऐसे शहद को खाकर मनुष्‍य को लाभ की जगह हानि अधिक उठानी पड़ सकती है परन्तु विषैले शहद की पहचान सभी को नहीं होती, बल्कि कुछ विषेशज्ञ ही ऐसे शहद को पहचान सकते हैं। शायद इसीलिए कहा भी गया है कि छत्ता तुड़वाने के तुरन्त बाद शहद चखकर नहीं देखना चाहिए बल्कि उसकी पहचान किसी विद्वान विश्‍षलेषणकर्ता से करवा लेनी चाहिए। वैसे पहाड़ी मधुमक्खियों द्वारा इकठ्ठा किया जाने वाला शहद अधिक उपयोगी नहीं माना जाता, क्योंकि उसमें शोधित मकरंद का रस ना के बराबर होता है फिर भी यह शहद विषहरण करने वाला और ह्रदय को शक्ति प्रदान करने वाला होता है।

शहद के गुण व धर्म के विषय में यह भी माना जाता है कि शहद जितना पुराना होगा उतना ही गुण धर्म में श्रेष्‍ठ भी होगा। पुराने शहद का रंग कुछ ष्यामवर्ण भी हो जाता है। इस शहद में लौह-तत्व का अंष बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है।

आजकल शहद निर्माण में लगी कंपनियां षक्कर, गुड़ और षीरे आदि का उपयोग कर शहद बना रही हैं और एगमार्क का लेवल लगाकर शुद्ध शहद के रूप में प्रचलित कर बेच रही हैं। इसीलिए इसमें कोई दो राय नहीं है कि शहद के मामले में धोखाधड़ी और ठग विद्या बहुत है, यहां पच्चीस-तीस रुपये किलो की चीनी या 15-20 रुपये किलो के गुड़ द्वारा बनाया गया शहद 150 से 250 रुपये किलो में बेचा जाता है।

इस नकली शहद की पहचान करने की कुछ ऐसी आम विधियां हैं, जिनके द्वारा असली व नकली शहद में अंतर स्‍पष्‍ट पता कर सकते हैं। कहा जाता है कि असली शहद भारी होता है और पानी में डालने पर नीचे तली में बैठ जाता है और घुलता नहीं है जबकि नकली शहद तुरन्त घुल जाता है। इसी प्रकार असली शहद पर मक्खियां बैठकर तुरन्त उड़ जाती हैं क्योंकि शहद के तत्व मक्खी के पंखों पर चिपकते नहीं हैं। एक अन्य घरेलू विधि में शुद्ध शहद को रुई की बत्ती पर जलाकर देखा जाता है और वह सरसों के तेल जैसी खुशबू छोड़ते हुए जलता है, जबकि नकली शहद की बत्ती जलाते समय वह श क्कर या गुड़ की गंध छोड़ता है।

शहद इकठ्ठा करने के लिए मधुमक्खियों को बहुत ही परिश्रम करना पड़ता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि मधुमक्खियां अपने छत्ते के सभी खानों को महीनों में भर पाती हैं, लेकिन मनुष्‍य है कि देखते-देखते उनके परिश्रम को नष्‍ट करके अपना भला कर लेता है। सचमुच इस क्षेत्र में मनुष्‍य बड़ा ही स्वार्थी व लोभी है।

शुद्ध शहद को हमारे बुजुर्ग लोग सलाई की सहायता से आंखों में भी लगाते थे क्योंकि यह आंखों में चिपकता नहीं है और आंखों से गंदगी निकालकर इनकी रोषनी बढ़ाता है। वास्तव में देखा जाए तो दीर्घायु होने के लिए शहद का प्रतिदिन उपयोग निहायत ही आवश्‍यक है।
स्त्रोत : मेरी खबर डॉट कॉम, पंकज शर्मा , 05-Oct-2009
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शहद के गुण

  1. शहद केवल 5 मिनट में शरीर में पच जाता है। 
  2. यह जीवन शक्ति का भण्डार है। 
  3. इसमेगुलुकोज और फ्रक्टोज पर्याप्त मात्रा में होता है।
  4. शहद की तासीर गर्म होती है।
  5. सुबह-शाम शहद को गरम पानी में मिलाकर पिने से शरीर की चर्बी घटती है।
  6. आँखों में शहद की १ बूंद रोज डालने से आँखों की रौशनी बड़ती है।
  7. अदरक का रस शहद में मिलाकर पिने से खाँसी-जुकाम ठीक हो जाता है।
  8. निम्बू और शहद के रस से चेचक के दाग ठीक किए जा सकते हैं।
  9. शहद का नित्य सेवन करने से दिल और दिमाग की शक्ति बड़ती है।

स्त्रोत : नेचर केयर, FRIDAY, NOVEMBER 14, POSTED BY HEMANT SHARMA
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शहद को ऐसे लगाएंगे तो कितने भी बाल झड़ रहे हों ....झडऩा रुक जाएंगे

सुंदर बाल खूबसूरती में चार-चांद लगा देते हैं। लेकिन जब बालों की देखभाल में लापरवाही बरती जाती है, तो बालों की समस्याएं उत्पन्न होनी शुरू हो जाती है। बालों का झडऩा ऐसी ही समस्या है, जो किसी को भी तनाव में डाल सकती है। आज हर दूसरे व्यक्ति को बालों की समस्या से जूझना पड़ता है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो अपनाएं शहद का ये प्रयोग....

प्रयोग- सामान्यत: सभी के यहां शहद आसानी से मिल जाता है। शहद के औषधीय गुण सभी जानते हैं। अनेक औषधीय गुणों के कारण ही शहद को गुणों की खान और शरीर के लिए अमृत के समान दर्जा दिया जाता है। यह कई गंभीर बीमारियों को दूर करने में भी बड़ा सहायक होता है। शहद से बालों का झडऩा भी रोका जा सकता है। आज छोटी उम्र से ही बालों के झडऩे की समस्या देखी जाने लगी है। इस बीमारी से बचने के लिए शहद और दालचीनी कारगर उपाय है। बाल झड़ते हैं तो गरम जैतून के तेल में एक चम्मच शहद और एक चम्मच दालचीनी पाउडर का पेस्ट बनाएं। नहाने से पहले इस पेस्ट को सिर पर लगा लें। 15 मिनट बाद बाल को गरम पानी से धोएं। ऐसा करने पर कुछ ही दिनों बालों के झडऩे की समस्या दूर हो जाएगी।
स्त्रोत : दैनिक भास्कर, धर्मडेस्क. उज्जैन | Jun 09, 2012,

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--->--->श्रीमती जानकी पुरुषोत्तम मीणा जिनका 08 अप्रेल, 2012 को असमय निधन हो गया!

--->--->श्रीमती जानकी पुरुषोत्तम मीणा जिनका 08 अप्रेल, 2012 को असमय निधन हो गया!
सभी के स्वस्थ एवं सुदीर्घ जीवन की कामना के साथ-मेरे प्यारे और दुलारे तीन बच्चों की ममतामयी अद्वितीय माँ (मम्मी) जो दुखियों, जरूतमंदों और मूक जानवरों तक पर निश्छल प्यार लुटाने वाली एवं अति सामान्य जीवन जीने की आदी महिला थी! वह पाक कला में निपुण, उदार हृदया मितव्ययी गृहणी थी! मेरी ऐसी स्वर्गीय पत्नी "जानकी मीणा" की कभी न भुलाई जा सकने वाली असंख्य हृदयस्पर्शी यादों को चिरस्थायी बनाये रखते हुए इस ब्लॉग को आज दि. 08.08.12 को फिर से पाठकों के समक्ष समर्पित कर रहा हूँ!-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'

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कायाकल्प कार्बोहाइड्रेट कार्बोहाइड्रेट-Carbohydrates काला जीरा काला नमक काली जीरी काली तुलसी काले निशान कास-खांसी-Cough कीड़े कुकरौंधा कुकुंदर कुटकी-Black Hellebore कुल्थी कुल्ला कुष्ठ कृमि केला कैफीन-Caffeine कैलोरी चार्ट कैलोरी-Calories कैवांच कैविटी कैंसर कॉफी कॉफ़ी कोढ़ कोबरा कोलेस्ट्रॉल कोलेस्ट्रॉल-Cholesterol कौंच क्रियाशीलता क्षय रोग-Tuberculosis क्षारीय तत्व क्षुधानाश खजूर खजूर की चटनी खनिज खरबूजा-Musk melon खरेंटी खरैंटी शिलाजीत खांसी खिरेंटी खिरैटी खीरा-Cucumber खुजली खुशी-Joy खुश्की खुश्बू खूनबंद क​रने वाली रूखड़ी—Tridax procumbens खोया गंजापन-Baldness गठिया गठिया-Arthritis गठिया-Gout गंध गन्ने का रस गरमा गरम गर्भधारण गर्भपात गर्भवती गर्भवती कैसे हों? गर्भावस्था की विकृतियां-Disorders of Pregnancy गर्भावस्था के दौरान संभोग-Sex During Pregnancy गर्भावस्था-Pregnancy गर्भाशय-उच्छेदन के साइड इफेक्ट्स-Side Effects of Hysterectomy गर्म पानी गर्मी गर्मी-Heat गाजर गाजवां गाँठ-Knot गिलोय गिल्टी गुंदा गुलज़ाफ़री गृध्रसी गृह-स्वामिनी गैस गोक्षुरादि चूर्ण गोखरू गोखरू (LAND CALTROPS) गोंद कतीरा-Hog-Gum गोंदी गोभी-Cabbage गोरख मुंडी गोरखमुंडी घमोरी घाघरा घाव चकवड़ चक्कर चपाती चमत्कारिक सब्जियां चर्म चर्म रोग चर्मरोग चाय चाय-Tea चालीस के पार-Forty Across चिकनगुनिया चिकित्सकीय चिरायता-Absinth चिरोटा चुंबन चोक चौलाई छपाकी छरहरी काया छाछ छाले छीकें छुआरा छुहारा छोटा गोखरू छोटा धतूरा छोटी हरड़ जकवड़ जंगली/कटीली चौलाई जटामांसी-Spikenard जलजमनी जलन जलोदर रोग-Ascites Disease जवारे जवासा-Alhag जहर जामुन का जूस जायफल-Nutmeg जीरा जीवन रक्षक जुएं जुकाम जुलाब जूएं जूस जूस-Juice जोड़ों के दर्द ज्वर ज्वर-Fiver झांईं झुर्रियाँ झुर्री झूठे दर्द टमाटर-Tomatoes टाइफाइड टायफायड टॉन्सिल टोटला ट्यूमर ठेकेदार डॉक्टर डकार डायबिटीज डायरिया डिनर डिलेवरी डीकामाली डीगामाली डेंगू डेंगू-Dengue डॉ. निरंकुश डॉ. मीणा ढीलापन ढीली योनि तकलीफ का सही इलाज तरबूज-Watermelon तलाक ताकत तिल तिल्ली तुंबा तुंबी तुलसी तेल त्रिदोषनाशक त्रिफला त्वचा थकान थायरायड-Thyroid थायरॉइड दण्डनीय अपराध दन्तकृमि दन्तरोग दमा दर्द दर्दनाक दस्त दही दाग-धब्बे-Stains-Spots दाढ़ दांत दांतो में कैविटी-Teeth Cavity दाद दाम्पत्य दाम्पत्य-Conjugal दाल दालचीनी दालें दिल दुर्गंध दुर्बलता दुष्प्रभाव दूध दूधी दूधी-Milk Hedge दृष्टिदोष द्रोणपुष्पी-Leucas Cephalotes धड़कन धनिया-Coriander धमासा धातु धातु पतन धार्मिक नज़ला नपुंसकता नाक नाखून नागबला नागरमोथा नाडी हिंगु नाड़ी हिंगु (डिकामाली) नामर्दी नारियल नाश्ता निमोनिया निम्न रक्तचाप निम्बू नियासिन निरोगधाम निर्गुण्डी निसोरा नींद नींबू नींबू-Lemon नीम-azadirachta indica नुस्खे-Tips नेगड़ नेगड़-निर्गुन्डी-Vitex negundo नेत्र रोग नैतिक नौसादर न्युमोनिया-Pneumonia पढ़ने में मन लगेगा पंतजलि पत्तागोभी-CABBAGE पत्थरचट्टा पत्नी पथरी पनीर पपीता पपीता-CARICA PAPPYA पमाड परहेज पराठा परिस्थिति पवाड़ पवाँर पाइल्स पाक-कला पाचक पाचन पाठक संख्या पंद्रह लाख पायरिया पारिजात पालक पालक-Spinach पित्त पित्ती पिंपल-मुंहासे-Pimples-Acne पिरामिड पीलिया पीलिया-Jaundice पीलिया-कामला-Jaundice पुआड़ पुदीना पुनर्नवा-साटी-सौंटी-Punarnava पुरुष पेचिश पेट के कीड़े पेट दर्द पेट में गैस पेट रोग पेंसिल थेरेपी-Pencil Therapy पौरुष प्याज-Onion प्रजनन प्रतिरक्षा प्रतिरक्षा प्रणाली प्रतिरक्षा-इम्युनिटी-Immunity प्रतिरोधक प्रतिरोधक-Resistance प्रदर प्रमेह प्रवाहिका (पेचिश)-Dysentery प्रसव प्रसव सुरक्षा चक्र प्रसूति प्राणायाम प्रेग्नेंसी-Pregnancy प्रेमिका प्रोटीन प्रोटीन का कार्य प्रोटीन के स्रोत प्रोस्टेट ग्रन्थि-Prostate Gland प्लीहा प्लूरिसी-Pleurisy फफूंद-Fungi फरास फल फल-Fruit फाइबर फिटकरी फुंसी-Pimples फूलगोभी-CAULIFLOWER फेंफड़े फैट फोटोफोबिया फोड़ा फोड़े-Boils फोलिक एसिड-Folic Acid फ्लू फ्लू-Flu फ्लेक्स सीड्स बकायन बकुल बड़ी हरड़ बथुआ बथुआ पाउडर बथुआ-White Goose Foot बदबू बबूल-ACACIA बरसाती बीमारियाँ बरसाती बीमारियां बलगम बलवृद्धि बला बवासीर बहुमूत्रता- बांझपन बादाम-Almonds बादाम. बाल बाल झडऩा-Hair Falling बिना सिजेरियन मां बनें बीजबंद बीमारियों के अनुसार औषधियां बुखार बेल बेल – Bael बेली बैक्टीरिया ब्र​ह्मदण्डी ब्रेस्ट ग्रोथ ब्लड प्रेशर ब्लैक मेलिंग भगंदर भगंदर-Fistula-in-ano भगनासा भगोष्ठ भय भस्मक रोग भावनात्मक भुई आंवला-Phyllanthus Niruri भूई आमला भूख भूख बढ़ाने भूमि आंवला भोजनलीवर मकोय मकोय-Soleanum nigrum मंजीठ मटर-PEA मंद दृष्टि मंदाग्नि मदार मधुमेह मधुमेह-Diabetes मन्दाग्नि-Dyspepsia मरुआ मर्दाना मलेरिया (Malaria) मस्तिष्क मस्से मस्से-WARTS महाबला माइग्रेन माईग्रेन माईंड सैट माजूफल मानसिक मानसिक-Mental मानिसक तनाव-Mental Stress मायोपिया मासिक मासिक-धर्म मासिकधर्म मासिकस्राव माहवारी मिनरल मिर्गी मिर्च-Chili मुख मैथुन-ओरल सेक्स-Oral Sex मुधमेह मुलहठी मुलेठी मुहाँसे मूँगफली मूड डिस्ऑर्डर-Mood Disorders मूत्र मूत्र असंयमितता मूत्र में जलन-Burning in Urine मूत्राशय मूर्च्छा (Unconsciousness) मूली मृत्यु मृत्युदण्ड मेथी मेथी दाना मेंहदी मैथुन मोगरा (Mogra) मोटापा मोटापा-Obesity मोतियाबिंद मौत मौलसिरी मौसमी बीमारियां यकृत यकृत प्लीहा यकृत वृद्धि-Liver Growth यकृत-लीवर-जिगर-Lever यूपेटोरियम परफोलियेटम योग विज्ञापन योन योनि योनि शूल-Vaginal Colic योनि संकोचन योनी योनी संकोचन यौन यौन आनंद यौन दौर्बल्य यौनशक्ति यौनशिक्षा यौनानंद यौनि रक्त प्रदर (Blood Pradar) रक्त रोहिड़ा-TECOMELLA UNDULATA रक्तचाप रक्तपित्त रक्तशोधक रक्ताल्पता रक्ताल्पता (एनीमिया)-Anemia रस-juices रातरानी Night Blooming Jasmine/Cestrum nocturnum रामबाण रामबाण औषधियाँ-Panacea Medicines रुक्षांश रूसी रूसी मोटापा रेचक रेठु रोग प्रतिरोधक लकवा लक्ष्मी लंच लसोड़ा लस्सी लहसुन लहसुन-Garlic लाइलाज लाभ लिंग लिसोड़ा लीकोरिया लीवर लीवर-Liver लू-hot wind लैंगिक लोनिया लौकी लौंग की चाय ल्युकोरिया ल्यूकोरिया वजन वज़न वजन कम वजन बढाएं-Weight Increase वन/जंगली तुलसी वमन वमन विकृति-Vomiting Distortion वसा वात वात श्लैष्मिक ज्वर वात-Rheumatism वायरल वायरल फीवर वायरल बुखार-Viral Fever वासना विटामिन विधारा वियाग्रा-Viagra विलायती नीम विष विषखपरा वीर्य वृक्कों (गुर्दों) में पथरी-Renal (Kidney) Stone वैज्ञानिक वैधानिक वैवाहिक जीवन वैवाहिक जीवन-Marital वैश्यावृति व्यायाम शंखपुष्पी शरपुंखा शराब शरीफा-सीताफल-Custard apple शर्करा शलगम-Beets शल्यक्रिया शहद शहद-Honey शारीरिक शिथिलता शीघ्र पतन शीघ्रपतन शुक्राणु-Sperm शुक्राणू शुगर शोथ श्योनाक श्रेष्ठतर श्वास श्वांस श्वेत प्रदर श्वेत प्रदर-Leucorrhea षड़यंत्र संकुचन संकोच संक्रमण संखाहुली संतरा-Orange संतान संतुष्टि सत्यानाशी सदा सुहागन सदाफूली सदाबहार सदाबहार चूर्ण सनबर्न सफ़ेद दाग सफेद पानी सब्जि सब्जियां-Vegetables संभालू संभोग समर्पण-Dedication सरकार को सुझाव सरफोंका सरहटी सर्दी सर्दी जुकाम-Cold सर्पक्षी सर्पविष सलाद संवेदना सहदेई सहदेवी साइटिका साइटिका-Sciatica साइड इफेक्ट्स साबूदाना-Sago सायटिका सिजेरियन सिर दर्द सिरका सिरदर्द सिरोसिस सुगर सुदर्शन सुहागा सूखा रोग सूजन सेक्स सेक्स परामर्श-Sex Counseling सेक्स पावर सेक्स समस्या सेक्‍स-Sex सेंधा नमक सेब सेमल-Bombax Ceiba सेल्स सोजन-सूजन सोंठ सोना पाठा सोयाबीन सोयाबीन (Soyabean) सोयाबीन-Soyabean सोराइसिस सोरियासिस-Psoriasis सौंठ सौंदर्य सौंदर्य-Beauty सौन्दर्य सौंफ सौंफ की चाय सौंफ-Fennel स्किन स्तन स्तन वृद्धि स्तनपान स्तम्भन स्त्री स्त्रीत्व स्त्रैण स्वप्न दोष स्वप्नदोष स्वप्नदोष-Night Fall स्वरभंग स्वर्णक्षीरी स्वस्थ स्वास्थ्य स्वास्थ्य रक्षक सखा हजारदानी हड़जोड़ हड्डी हड्डी में दर्द हड्डीतोड़ ज्वर हड्डीतोड़ बुखार हरड़ हरसिंगार-Night Jasmine हरी दूब-CREEPING CYNODAN हरीतकी हर्टबर्न हस्तमैथुन हस्तमैथुन-Masturbation हालात हिचकी हिचकी-Hiccup हिमोग्लोबिन-hemoglobin हिस्टीरिया हिस्टीरिया-Hysteria हींग हीनतर हृदय हृदय-Heart हेपेटाइटिस हेल्थ 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