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कृपया अपने चिकित्सक के परामर्श के बिना, सुझाई गयी (किसी भी प्रकार की) दवा का सेवन नहीं करें।

Please Do not take any (kind of) suggested medicine, without consulting your doctor.

हमारे 95 फीसदी रोगियों को व्यक्तिगत रूप से हम से आकर मिलने की जरूरत नहीं पड़ती। यद्यपि रोगियों की संख्या अधिक होने के कारण, आपको इन्तजार करना पड़ सकता है। कृपया धैर्यपूर्वक सहयोग करें। (Due to the high number of patients, you may have to wait. Please patiently collaborate.)

डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' आॅन लाईन होम्योपैथ एवं परम्परागत चिकित्सक, 9875066111

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खीरा Cucumber

खीरे के असरकारी नुस्खे

आयुर्वेद के अनुसार खीरा स्वादिष्ट, शीतल, प्यास, दाहपित्त तथा रक्तपित्त दूर करने वाला रक्त विकार नाशक है।

औषधीय लाभ - यह कब्ज दूर करता है। पीलिया, ज्वर, प्यास, शरीर की जलन, त्वचा रोग, छाती में जलन, अजीर्ण व एसीडीटी में फायदेमंद है। 

मोटापे से परेशान लोग सलाद के रूप में इसका प्रयोग करें तो लाभ होता है। इससे गुर्दे की समस्या दूर हो सकती है।

भूख न लगने की स्थिति में इसका सेवन करने से भूख बढ़ती है।

खीरे के टुकड़े आँखों पर रखने से आँखों के नीचे का कालापन दूर होता है। खीरे के रस में नीबू-मलाई मिलाकर लगाने से चेहरे का रंग निखरता है। स्त्रोत : वेब दुनिया

बड़े काम का है खीरा, जरा खा के तो देखिए

गर्मी से बचने के लिए लोग प्राय: ठंडी चीजें खाते या पीते हैं। ज्यादातर लोग प्यास बुझाने और शरीर ठंडा रखने के लिए कोल्ड ड्रिंक पीते हैं पर यह सिर्फ कुछ देर के लिए ही ठंडक देती है। उमस और बढ़तेे तापमान के दौरान अगर शरीर को ठंडा रखना है तो खीरे को अपने खान-पान में जरूर शामिल करें। खीरा न सिर्फ शरीर को ठंडा रखता है बल्कि अगर नियमित रूप से इसका सेवन किया जाए तो यह स्वास्थ्य संबंधी कई बीमारियों को भी दूर करता है। अब तो लोग अपनी खूबसूरती बढ़ाने के लिए भी खीरे का इस्तेमाल करने लगे हैं।

क्यों न छिलके साहित खाएं : कई लोग खीरे का छिलका उतारकर खाते हैं। अगर छिलका सहित खाया जाए तो यह ज्यादा फायदा करता है। आप छिलके के साथ इसे खाते हैं तो इसे अच्छी तरह धोकर खाएं। सैंडविच में डालकर खाएं या सब्जी बनाएं, यह हर तरह से गुणकारी है। अगर आप अपने पाचनतंत्र को बढिय़ा रखने के साथ खिली-खिली त्वचा चाहते हैं, तो खीरे को नियमित रूप से खाएं। खीरे में मौजूद हाइड्रोजन और हमारी त्वचा में मौजूद हाइड्रोजन एक जैसा होता है। इसीलिए त्वचा की समस्या आसानी से दूर हो जाती है। आप अपने फेस पैक में भी खीरे का इस्तेमाल कर सकते हैं। खीरा में विटामिन ‘ए’ और ‘सी’ की भरपूर मात्रा होती है। इसके छिलके में फाइबर और मिनरल्स मौजूद होते हैं। इसलिए इसे छिलके के साथ खाना ज्यादा बेहतर है। खीरा में मौजूद तत्व बुढ़ापे के लक्षणों जैसे झुर्रियों और असमय बालों को सफेद होने से रोकने में मदद करता है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाए : खीरे में नमी की मात्रा काफी होती है इसलिए यह त्वचा और शरीर दोनों को स्वस्थ रखती है। इसे रोज खाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। सर्दी और जुकाम जैसी बीमारी दूर रहती है। गर्मियों में शरीर के तापमान को एक समान रखने के लिए खीरा और अजवाइन का रस पीएं। बुखार होने पर भी खीरे का जूस फायदेमंद है।

सेहत के लिए गुणकारी : खीरा रक्तचाप को भी काबू में रखने में कारगार है। इसमें मौजूद पोटेशियम ज्यादा और कम दोनों तरह के रक्तचाप को नियंत्रित रखता है। अगर आपके नाखून बार-बार टूट जाते हैं तो आज ही खीरे का सेवन शुरू करें, यह आपके नाखूनों को मजबूती देता है। गैस की समस्या में भी खीरा बेहद लाभदायक होता है। अगर आप किडनी या लीवर की समस्या से परेशान हैं तो खीरे का नियमित रूप से सेवन करने से आपके बालों को भी फायदा होगा। अपने बालों का सेहतमंद रखने के लिए खीरे के जूस का सेवन करें। इसके नियमित इस्तेमाल से बाल लंबे और घने होते हैं। दांतों और मसूढ़े से जुड़ी समस्या और पायरिया जैसे रोग में भी खीरा फायदेमंद है। स्त्रोत : जय हिंद जनाब, 02.08.2011

खीरा आजमाएं, पिंपल्स भगाएं

कील, मुंहासे और पिंपल्स चेहरे की खूबरसूरती बिगाड़ देते हैं। ये स्कीन की चमक को तो फीका करते ही हैं, साथ में पिंपल्स के कारण फेस पर पड़ने वाले दाग-धब्बे और भी परेशान करते हैं। यदि आप भी पिंपल्स की समस्या से परेशान हैं, तो इन घरेलू नुस्खों को आजमा सकते हैं:-

- स्कीन को हेल्दी बनाने और नैचुरल ग्लो बरकरार रखने के लिए दिन भर में कम से कम एक लीटर पानी पीना बेहद जरूरी है। 
- पिंपल्स घटाने के लिए नींबू का रस लगा सकते हैं।
- एक चम्मच मूंगफली का तेल और एक चम्मच नींबू का रस मिलाकर चेहरे की मालिश करें। इससे मुंहासे दूर होते हैं। 
- खीरे को कद्दूकस में किस लें। अब इसे चेहरे, आंखों और गर्दन पर लगाएं। 15-20 मिनट तक सूखने दें और फिर पानी से धो लें। यह स्कीन को कॉम्लेक्शन के लिए बेहतरीन टॉनिक की तरह काम करता है। इसका नियमित इस्तेमाल करने से पिंपल्स और ब्लैकहेड्स दूर होते हैं।
- नीम की पत्तियों के साथ हल्दी पाउडर को मिलाकर पेस्ट बना लें। पिंपल्स और कील,मुंहासों पर इसे लगाएं। 25-30 मिनट के बाद इसे गर्मपानी से धो लें। 
- लौंग से बना फेस मास्क या मेथी की पत्तियों को पीसकर मुंहासों पर लगाएं। 
- मीट, शक्कर, कड़क चाय या कॉफी, आचार, सॉफ्ट ड्रिंक, कैंडी, आईसक्रीम आदि खाद्य पदार्थ पिंपल्स को बढ़ाते हैं। इनका सेवन करने बचें। 
- संतरे के छिलके से बने पाउडर पिंपल्स के उपचार में रामबाण हैं। इसमें पाए जाने वाले औषधीय गुण के कारण कुछ ही दिनों में पिंपल्स की समस्या से छुटकारा मिल सकता है।
- पके टमाटर या खीरे के गुदे को पिंपल्स पर लगाएं। एक घंटे के बाद चेहरा पानी से धो लें। 
- एलोवेरा मुंहासे से बचाव में कारगर होता है। यह मुंहासे की वजह से चेहरे पर पड़ने वाले गड्ढों को भी भरता है। 
- मसूर की दाल के पाडडर को दूध में भिंगोकर और उसमें कपूर व घी डालकर मुंहासे वाली जगह पर लगाएं। मुंहासे जल्दी दूर हो जाएंगे।- स्त्रोत : ह़ाई शवूंग डोट कॉम, 10 सितम्बर, 2010 



खीरा न खाने की चेतावनी




स्पेन से आयातित जैविक खीरे पर शक
क्या आपने कभी सोचा है कि आमतौर पर स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक माना जानेवाला खीरा जानलेवा भी साबित हो सकता है और उसे खाने से मना भी किया जा सकता है.

जी हां, जर्मनी की सरकार ने लोगों को तबतक खीरा न खाने की चेतावनी दी है जबतक इस बात की जांच नहीं हो जाती कि घातक ई कोलाई बैक्टीरिया का स्रोत क्या है जिसने अब तक 10 लोगों की जान ले ली है और पूरे यूरोप में फैल गया है.

ऐसा माना जा रहा है कि संक्रमित जैविक खीरा स्पेन से आ रहा था, लेकिन इसकी और जांच की जा रही है.

सब्ज़ियों में संक्रमण की वजह से सैकड़ों लोगों में हेमोलाइटिक यूरेमिक सिंड्रोम पाया गया है जिससे गुर्दे में ख़राबी आ जाती है.

ऐसे मामले स्वीडेन, डेनमार्क, नीदरलैंड्स और ब्रिटेन में भी पाए गए हैं.

रविवार को चेक गणराज्य और ऑस्ट्रिया में अधिकारियों ने स्पेन में उगाए खीरों को संक्रमण फैलने के डर से दुकानों से हटवा दिया था.

चेक अधिकारियों का कहना था कि संक्रमित खीरों का हंगरी और लक्ज़म्बर्ग में भी निर्यात किए जाने की संभावना है.

ऐसी आशंका जताई जा रही है कि स्पेन से जर्मनी में जैविक खीरे का आयात किया गया और फिर जर्मनी से उन्हें दूसरे यूरोपीय देशों में भेज दिया गया.

एक और आशंका ये भी जताई जा रही है कि संक्रमित खीरे सीधे स्पेन से यूरोपीय देशों में पहुंचे होंगे.

यूरोपीय संघ के एक प्रवक्ता के मुताबिक़ स्पेन के दो हरितगृहों को जिनकी पहचान संक्रमण के स्रोत के रूप में की गई है, उन्हें बंद कर दिया गया है और इस बात की जांच की जा रही है कि वाक़ई संक्रमण वहीं से फैला या फिर उसकी शुरुआत कहीं और से हुई है.

संक्रामक खीरे ?

जैविक खीरा
स्वीडन स्थित बीमारी से बचाव और नियंत्रण के यूरोपीय केंद्र ने हेमोलाइटिक यूरेमिक सिंड्रोम को जर्मनी में ऐसे संक्रमण का अब तक का सबसे बड़ा मामला बताया है.

जर्मनी का हैम्बर्ग इलाक़ा इससे सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ है.

बर्लिन में मौजूद बीबीसी संवाददाता स्टीफ़न इवान्स का कहना है कि इस संक्रमण ने वैज्ञानिकों को भी ये सोचने पर मजबूर कर दिया है कि जो सिंड्रोम पहले केवल पांच साल से छोटे बच्चों तक सीमित था, उसने इस बार क़रीब 90 फ़ीसदी वयस्कों को अपनी चपेट में ले लिया है जिनमें दो तिहाई संख्या महिलाओं की है.

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़ इतनी बड़ी संख्या में वयस्कों के संक्रमित होने की एक वजह ये हो सकती है कि अपने स्वास्थ्य का विशेष ख़्याल रखने वाले लोगों ने शायद संक्रमित खाद्य का सेवन किया होगा.

बैक्टीरिया के डीएनए के विश्लेषण की भी तैयारी की जा रही है ताकि संक्रमित लोगों की पहले पहचान की जा सके.

बैक्टीरिया से होनेवाली बीमारी सीधे तौर पर संक्रामक नहीं है लेकिन अगर कोई संक्रमित व्यक्ति दूसरे लोगों के लिए भोजन तैयार कर रहा हो तो ये बीमारी फैल सकती है.

जर्मनी के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बैक्टीरिया का स्रोत अभी भी सक्रिय हो सकता है और अगर ऐसा है तो ये समस्या और भी विकराल रूप में सामने आ सकती है. स्त्रोत : बी बी सी हिंदी, 30.05.2011

खीरा खाओ और वजन खटाओ

पानी का स्रोत माना जाने वाला खीरा अधिकतर कई लोगों को नहीं अच्‍छा लगता है। पर क्‍या आपको पता है कि इसको कई बॉलीवुड स्‍टार अपने आपको स्‍लिम-ट्रिम बनाएं रखने के लिए खाते हैं। अगर आप जानना चाहते हैं कि खीरा खा कर वजन कैसे कम होता है तो हमारा यह लेख जरुर पढ़ें।

फायदे-खीरे में 95% पानी और 5% फाइबर पाया जाता है। इसलिए यह शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के साथ ही पाचन क्रिया को भी सही रखता है तथा नमक को भी बैलेंस करता है। साथ ही खीरे से शरीर में ठंडक रहती है और यह आंखों तथा त्‍वचा को भी साफ करता है।

डाइट-अगर आपको खीरे को अपनी डाइट में शामिल करना है तो इसका सलाद तैयार करें जिसमें 2 खीरे काटें और उसमें नमक, ऑलिव आयल तथा कुछ पत्‍तेदार सब्‍जियां भी मिला लें। यह खाने से आपका पेट कम होगा और पेट भर भी जाएगा।

कुछ हर्ब जैसे, धनिया, में विटामिन ए और आयरन, कॉपर और मैगनीश्यिम जैसे मिनरल पाए जाते हैं। इसलिए इनको अपने सलाद में जरुर शामिल करें जिससे आपकी बॉडी को पोषण मिल सके।

1. ब्रेकफास्‍ट में खाएं- 
गेहूं की ब्रैड और जैम
1 कटोरा खीरे का सलाद
1 गरम कप चाय
2. लंच-दाल, रोटी, सब्‍‍जी और खीरे का सलाद।
3. डिनर-डिनर में आपको केवल सलाद ही खाना चाहिये।
अगर आप खीरे से तैयार सलाद बना कर खाएगें तो 3 दिन में लगभग 2 किलो वजन तो कम ही हो जाएगा। इसके अलावा यह हमारी त्‍वचा का भी खास ख्‍याल रखता है। स्त्रोत : हिंदी बोल्ड स्काई, Published: शनिवार, मार्च 10, 2012.
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खीरा है गुणों की खान

नयी दिल्ली, 7 मई (वार्ता)। गर्मी के मौसम में सहजता से किफायती दाम पर उपलब्ध खीरा न सिर्फ गर्मी से राहत देता है बल्कि यह पोषक तत्वों से भरपूर होने की वजह से कई बीमारियों में भी लाभदायक होता है।

पोषाहार विशेषज्ञ एवं डायटिशियन संगीता राज ने बताया कि खीरा में 96 प्रतिशत जल की मात्रा होती है जो किसी भी कंपनी के बोतलबंद पानी से बेहतर और प्राकृतिक रूप से डिस्टिल्ड होता है। उन्होंने बताया कि आमतौर पर लोग खीरे का छिलका हटाकर खाना पंसद करते लेकिन इसे कभी भी बिना छिलके के नहीं खाना चाहिए क्योंकि इसके छिलके में विटामिन ए प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

उन्होंने बताया कि खीरा में अल्कालिन फर्मोगि मिनरल होता है और यह एंटी आक्सीडेंट का काम करने वाले विटामिन ए एवं सी, फ्लोट, मैगनीज, मोलीबडीन्म, पोटाशियम, सिलिका और सल्फर जहां प्रचुर मात्रा पाये जाते हैं वहीं विटामिन बी कांप्लेक्स, सोडियम, कैल्सियम, फास्फोरस और क्लोरिन भी पाये जाते हैं।

उन्होंने बताया कि खीरा में मिनरलों की मात्रा अधिक होने की वजह से अब इसका उपयोग हबर्ल फेश क्रीम और फेश वाश बनाने में किया जाने लगा है। उन्होंने बताया कि खीरा में इतना कुछ होने के बावजूद यह कम कैलोरी वाला खाद्य पदार्थ है। एक सौ ग्राम खीरा में मात्र 54 कैलोरी ऊर्जा होता है।

उन्होंने बताया कि खीरा में पाये जाने वाले मिनरल अपच एवं एसिडिटी में भी लाभदायक होते हैं। पाचन तंत्र को मजबूत बनाने के साथ ही यह गैस्ट्रिक और ड्यूडीनल अल्सर के मरीजों के लिए भी दवा का काम करता है1 खीरा रक्तचाप को नियंत्रित करने तथा उसे सुचारू रूप से संचालित करने में भी मददगार है।

उन्होंने बताया कि खीरा में सिलिका नामक रासायनिक तत्व पाया जाता है जो शरीर के उत्तकों को जोडऩे में मददगार होता है। खीरा का जूस शरीर के अपशिष्ट पदार्थों को मूत्र के रास्ते बाहर निकालता है और किडनी में यदि पत्थर हो तो उसे ङ्क्षपघलाने में भी सहायक होता है। खीरा के जूस का सेवन बुखार के दौरान भी किया जा सकता है। यह शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में बहुत कारगर होता है।

खीरा यूरिक एसिड को कम करता है जिससे शरीर के विभिन्न स्थानों विशेषकर जोड़ों की सूजन को कम करने में मदद करता है। इसका सेवन बाल वृद्धि के लिए भी लाभदायक है1 इसके अतिरिक्त यह हर तरह से त्वचा की देखभाल में भी बहुत मददगार होता है क्योंकि इसमें पाये जाना वाला विटामिन सी और एंटी आक्सीडेंट त्वचा को निखारता है। स्त्रोत : dainik tribune online.com Posted On May - 8 - 2010
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गुणों की खान है खीरा 

खीरा भारतीय भोजन का अभिन्न अंग है। सच कहा जाए तो यह गुणों की खान है। खीरा न केवल भूख मिटाने बल्कि पोषण व इंस्टैंट एनर्जी देने, फैट कम करने, सरदर्द भगाने और मुंह की दुर्गंध दूर करने में काम आता है। यह डायबीटीज, किडनी, लीवर और मूत्राशय संबंधी बीमारियों में लाभदायक होता है।

खीरा में विटामिन बी, बी-2, बी-3, बी-5, बी-6, सी, फोलिक एसिड, कैल्शियम, आयरन, मैगनीशियम, फासफोरस, मिनरल और जिंक होता है। विटामिन ´ए´ और ´सी´ अधिक मात्रा में पाया जाता है। खीरा में 97 प्रतिशत तक पानी होता है और इसे खाने से भूख भी शांत होती है। यह मधुमेह के रोगियों और स्थूल शरीर वालों के लिए बहुत लाभकारी है।

इसका प्रयोग खास तौर पर सलाद के रूप में किया जाता है। यह पेशाब लाने वाला और मूत्र रोगों को दूर करने वाला होता है। खीरा ठंडा होता है और गर्मी के मौसम में इसे खाने से प्यास शांत होती है। खीरा को लैटिन में क्युकूमिस सैटाइवस कहते हैं। खीरा सफेद, पीला और हरा होता है।

आयुर्वेद के अनुसार खीरा स्वादिष्ट, शीतल, प्यास, दाहपित्त तथा रक्तपित्त दूर करने वाला रक्त विकार नाशक है।

औषधीय लाभ

यह कब्ज दूर करता है। पीलिया, ज्वर, प्यास, शरीर की जलन, त्वचा रोग, छाती में जलन, अजीर्ण व एसीडीटी में फायदेमंद है।

मोटापे से परेशान लोग सलाद के रूप में इसका प्रयोग करें तो लाभ होता है। इससे गुर्दे की समस्या दूर हो सकती है।

खीरा का सेवन करने से भूख बढती है।

खीरे के टुकड़े आँखों पर रखने से आँखों के नीचे का कालापन दूर होता है। खीरे के रस में नीबू-मलाई मिलाकर लगाने से चेहरे का रंग निखरता है।

खीरे में मौजूद फाइटो केमिकल्स हमारी स्किन को टाइट रखने में मदद करते हैं और झुर्रियों को बाय-बाय कहने में मदद करते हैं। स्विमिंग करने से पहले या बाद में अपने प्रॉब्लम एरिया पर इसके कुछ टुकड़े मलने से वजन तेजी से घटता है।

खीरा से थकान कम होती है, सिंक या स्टेनलेस स्टील के बरसों पुराने दाग मिटाने, पेन का लिखा मिटाने और यहां तक कि जूते पॉलिश करने तक में इसका प्रयोग किया जाता है। स्त्रोत : आज की खबर, 11.04.2012
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खीरा खाने के फायदे

खीरे में इरेप्सिन नामक एंजाइम होता है जो की प्रोटीन को पचाने में सहायता करता है| 
खीरा खाने से बाल स्वस्थ रहतें हैं| 
खीरे का जूस दांत के कीड़ो को ठीक करने में सहायक होता है! 
खीरा खाने से पेशाब ना आना या रूक-रूक कर आना की बिमारी ठीक हो जाती है और पेशाब खुलकर आता है| 
खीरा शुगर के मरीजों के लिए बहुत ही लाभदायक होता है! इसलिए शुगर के मरीजों को खीरा जरुर खाना चाहिए| 
खीरा गुर्दे और मूत्राशय के रोगों को ठीक करने में बहुत सहायक होता है| 
खीरा लीवर की बीमारियों को होने से भी रोकता है! 
खीरा शरीर के अग्नाशय को भी स्वस्थ रखता है! 
खीरा ब्लड प्रेशर को सन्तुलित रखता है! 
खीरा शरीर की गर्मी को शांत करता है| गर्मियों में यह फायदेमंद होता है| वैसे खीरा गर्मियों के मौसम में ही पैदा है| 
खीरा शरीर की त्वचा को स्वस्थ बनाता है| इसके साथ साथ यह आँखों के लिए भी फायदेमंद होता है| 
गर्मियों में हमें रोजाना खीरा खाना चाहिए इससे हम गर्मियों में होने वाली बीमारियों से बच सकते हैं। 
स्त्रोत : हेल्थ ब्लॉग,
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--->--->श्रीमती जानकी पुरुषोत्तम मीणा जिनका 08 अप्रेल, 2012 को असमय निधन हो गया!

--->--->श्रीमती जानकी पुरुषोत्तम मीणा जिनका 08 अप्रेल, 2012 को असमय निधन हो गया!
सभी के स्वस्थ एवं सुदीर्घ जीवन की कामना के साथ-मेरे प्यारे और दुलारे तीन बच्चों की ममतामयी अद्वितीय माँ (मम्मी) जो दुखियों, जरूतमंदों और मूक जानवरों तक पर निश्छल प्यार लुटाने वाली एवं अति सामान्य जीवन जीने की आदी महिला थी! वह पाक कला में निपुण, उदार हृदया मितव्ययी गृहणी थी! मेरी ऐसी स्वर्गीय पत्नी "जानकी मीणा" की कभी न भुलाई जा सकने वाली असंख्य हृदयस्पर्शी यादों को चिरस्थायी बनाये रखते हुए इस ब्लॉग को आज दि. 08.08.12 को फिर से पाठकों के समक्ष समर्पित कर रहा हूँ!-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'

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Cucumber कब्जी कमजोरी कमर दर्द करेला कर्णरोग कष्टार्तव-Dysmenorrhea कांच निकलना काजू कान कानून सम्मत काम काम शक्ति कामशक्ति कामशक्ति-Sexual power कामोत्तेजना कायाकल्प कार्बोहाइड्रेट कार्बोहाइड्रेट-Carbohydrates काला जीरा काला नमक काली जीरी काली तुलसी काले निशान कास-खांसी-Cough किडनी कीड़े कुकरौंधा कुकुंदर कुटकी-Black Hellebore कुबडापन कुल्थी कुल्ला कुष्ठ कृमि केला केसर कैफीन-Caffeine कैलोरी कैलोरी चार्ट कैलोरी-Calories कैवांच कैविटी कैंसर कॉफी कॉफ़ी कोढ़ कोबरा कोलेस्ट्रॉल कोलेस्ट्रॉल-Cholesterol कौंच कौमार्य क्रियाशीलता क्षय रोग-Tuberculosis क्षारीय तत्व क्षुधानाश खजूर खजूर की चटनी खनिज खरबूजा-Musk melon खरेंटी खरैंटी शिलाजीत खांसी खिरेंटी खिरैटी खीरा खुजली खुशी-Joy खुश्की खुश्बू खूनबंद क​रने वाली रूखड़ी खोया गंजापन-Baldness गठिया गठिया-Arthritis गठिया-Gout गंध गन्ने का रस गरमा गरम गर्भधारण गर्भपात गर्भवती गर्भवती कैसे हों? गर्भावस्था गर्भावस्था की विकृतियां-Disorders of Pregnancy गर्भावस्था के दौरान संभोग-Sex During Pregnancy गर्भावस्था-Pregnancy गर्भाशय गर्भाशय-उच्छेदन के साइड 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सही इलाज तरबूज-Watermelon तलाक ताकत तिल तिल्ली तुंबा तुंबी तुलसी तेल त्रिदोषनाशक त्रिफला त्वचा त्वचा रोग थकान थाईरायड थायरायड-Thyroid थायरॉइड दण्डनीय अपराध दन्तकृमि दन्तरोग दमा दर्द दर्दनाक दस्त दही दाग-धब्बे-Stains-Spots दाढ़ दांत दांतो में कैविटी-Teeth Cavity दाद दाम्पत्य दाम्पत्य-Conjugal दाल दालचीनी दालें दिल दुर्गंध दुर्बलता दुष्प्रभाव दूध दूधी दूधी-Milk Hedge दृष्टिदोष द्रोणपुष्पी-Leucas Cephalotes धड़कन धनिया-Coriander धमासा धातु धातु पतन धार्मिक नज़ला नपुंसकता नाक नाखून नागबला नागरमोथा नाडी हिंगु नाड़ी हिंगु (डिकामाली) नामर्दी नारकीय पीड़ा नारियल नाश्ता निमोनिया निम्न रक्तचाप निम्बू नियासिन निराश निरोगधाम निर्गुण्डी निसोरा नींद नींबू नींबू-Lemon नीम-azadirachta indica नुस्खे नुस्खे-Tips नेगड़ नेगड़-निर्गुन्डी-Vitex negundo नेत्र रोग नैतिक नौसादर न्युमोनिया-Pneumonia पक्षघात पढ़ने में मन लगेगा पंतजलि पत्तागोभी-CABBAGE पत्थर फोड़ी पत्थरचट्टा पत्नी पथरी पदार्थ पनीर पपीता पपीता-CARICA PAPPYA पमाड परदेशी लांगड़ी परहेज पराठा परिस्थिति पवाड़ पवाँर पाइल्स पाक-कला पाचक पाचन पाठक संख्या 16 लाख पार पाठक संख्या पंद्रह लाख पायरिया पारिजात पालक पालक-Spinach पित्त पित्ती पिंपल-मुंहासे-Pimples-Acne पिरामिड पीलिया पीलिया-Jaundice पीलिया-कामला-Jaundice पुआड़ पुदीना पुनर्नवा-साटी-सौंटी-Punarnava पुरुष पेचिश पेट के कीड़े पेट दर्द पेट में गैस पेट रोग पेड़ पेशाब में रुकावट पेंसिल थेरेपी-Pencil Therapy पौधे पौरुष पौष्टिक रागी रोटी प्याज-Onion प्यास प्रजनन प्रतिरक्षा प्रतिरक्षा प्रणाली प्रतिरोधक प्रतिरोधक-Resistance प्रदर प्रमेह प्रवाहिका (पेचिश)-Dysentery प्रसव प्रसव सुरक्षा चक्र प्रसूति प्राणायाम प्रेग्नेंसी-Pregnancy प्रेमिका प्रोटीन प्रोटीन का कार्य प्रोटीन के स्रोत प्रोस्टेट ग्रन्थि प्लीहा प्लूरिसी-Pleurisy प्लेटलेट्स फफूंद-Fungi फरास फल फल-Fruit फाइबर फिटकरी फुंसी-Pimples फूलगोभी-CAULIFLOWER फेंफड़े फैट फोटोफोबिया फोड़ा फोड़े-Boils फोलिक एसिड फ्लू फ्लू-Flu फ्लेक्स सीड्स बकायन बकुल बड़ी हरड़ बथुआ बथुआ पाउडर बथुआ-White Goose Foot बदबू बबूल-ACACIA बरसाती बीमारियाँ बरसाती बीमारियां बलगम बलवृद्धि बला बलात्कार बवासीर बहुनिया बहुमूत्रता- बांझपन बादाम-Almonds बादाम. बाल बाल झड़ना बाल झडऩा-Hair Falling बिना सिजेरियन मां बनें बिवाई बीजबंद बीमारियों के अनुसार औषधियां बीमारी बुखार बूंद-बूंद पेशाब बेल बेल – Bael बेली बैक्टीरिया ब्र​ह्मदण्डी ब्रेस्ट ग्रोथ ब्लड प्रेशर ब्लैक मेलिंग ब्लॉकेज भगंदर भगंदर-Fistula-in-ano भगनासा भगोष्ठ भय भस्मक रोग भावनात्मक भुई आंवला-Phyllanthus Niruri भूई आमला भूई आंवला भूख भूख बढ़ाने भूमि भूमि आंवला भोजनलीवर मकोय मकोय-Soleanum nigrum मंजीठ मटर-PEA मंद दृष्टि मंदाग्नि मदार मधुमेह मधुमेह-Diabetes मन्दाग्नि-Dyspepsia मरुआ मर्द मर्दाना मलेरिया (Malaria) मसाले मस्तिष्क मस्से मस्से-WARTS महत्वपूर्ण लेख महाबला माइग्रेन माईग्रेन माईंड सैट माजूफल मानसिक मानसिक-Mental मानिसक तनाव-Mental Stress मायोपिया मासिक मासिक-धर्म मासिकधर्म मासिकस्राव माहवारी मिनरल मिर्गी मिर्च-Chili मीठा खाने की आदत मुख मैथुन-ओरल सेक्स-Oral Sex मुधमेह मुलहठी मुलेठी मुहाँसे मूँगफली मूड डिस्ऑर्डर-Mood Disorders मूत्र मूत्र असंयमितता मूत्र में जलन-Burning in Urine मूत्राशय मूर्च्छा (Unconsciousness) मूली मृत्यु मृत्युदण्ड मेथी मेथी दाना मेंहदी मैथुन मोगरा (Mogra) मोटापा मोटापा-Obesity मोतियाबिंद मौत मौलसिरी मौसमी बीमारियां यकृत यकृत प्लीहा यकृत वृद्धि-Liver Growth यकृत-लीवर-जिगर-Lever यूपेटोरियम परफोलियेटम योग विज्ञापन योन योनि योनि ढीली योनि शिथिल योनि शूल-Vaginal Colic योनि संकोचन योनी योनी संकोचन यौन यौन आनंद यौन दौर्बल्य यौनशक्ति यौनशिक्षा यौनसुख यौनानंद यौनि रक्त प्रदर (Blood Pradar) रक्त रोहिड़ा-TECOMELLA UNDULATA रक्तचाप रक्तपित्त रक्तशोधक रक्ताल्पता रक्ताल्पता (एनीमिया)-Anemia रस-juices रातरानी Night Blooming Jasmine/Cestrum nocturnum रामबाण रामबाण औषधियाँ-Panacea Medicines रुक्षांश रूसी रूसी मोटापा रेचक रेठु रोग प्रतिरोधक लकवा लक्ष्मी लंच लसोड़ा लस्सी लहसुन लहसुन-Garlic लाइलाज लाभ लिंग लिंग प्रवेश लिसोड़ा लीकोरिया लीवर लीवर-Liver लू-hot wind लैंगिक लोनिया लौकी लौंग की चाय ल्युकोरिया ल्यूकोरिया ल्यूज योनी वजन वज़न वजन कम वजन बढाएं-Weight Increase वन/जंगली तुलसी वनौषधियाँ वमन वमन विकृति-Vomiting Distortion वसा वात वात श्लैष्मिक ज्वर वात-Rheumatism वायरल वायरल फीवर वायरल बुखार-Viral Fever वासना विटामिन विधारा वियाग्रा-Viagra विलायती नीम विष विषखपरा वीर्य वीर्य वृद्धि वृक्कों (गुर्दों) में पथरी-Renal (Kidney) Stone वृक्ष वैज्ञानिक वैधानिक वैवाहिक जीवन वैवाहिक जीवन-Marital वैश्यावृति व्यायाम शंखपुष्पी शरपुंखा शराब शरीफा-सीताफल-Custard apple शर्करा शलगम-Beets शल्यक्रिया शहद शहद-Honey शारीरिक शिथिलता शीघ्र पतन शीघ्रपतन शुक्राणु-Sperm शुक्राणू शुगर शोथ श्योनाक श्रेष्ठतर श्वास श्वांस श्वेत प्रदर श्वेत प्रदर-Leucorrhea श्वेतप्रदर षड़यंत्र संकुचन संकोच संक्रमण संखाहुली संतरा-Orange संतान संतुष्टि सत्यानाशी सदा सुहागन सदाफूली सदाबहार सदाबहार चूर्ण सनबर्न सफ़ेद दाग सफेद पानी सब्जि सब्जियां-Vegetables सब्जी संभालू संभोग समर्पण-Dedication सरकार को सुझाव सरफोंका सरहटी सर्दी सर्दी जुकाम-Cold सर्पक्षी सर्पविष सलाद संवेदना सहदेई सहदेवी साइटिका साइटिका-Sciatica साइड इफेक्ट्स साबूदाना-Sago सायटिका सिजेरियन सिर दर्द सिरका सिरदर्द सिरोसिस सीजर डिलेवरी सुगर सुदर्शन सुहागा सूखा रोग सूजन सेक्स सेक्स परामर्श-Sex Counseling सेक्स पावर सेक्स समस्या सेक्स हार्मोन सेक्‍स-Sex सेंधा नमक सेब सेमल-Bombax Ceiba सेल्स सोजन-सूजन सोंठ सोना पाठा सोयाबीन सोयाबीन (Soyabean) सोयाबीन-Soyabean सोराइसिस सोरियासिस-Psoriasis सौंठ सौंदर्य सौंदर्य-Beauty सौन्दर्य सौंफ सौंफ की चाय सौंफ-Fennel स्किन स्तन स्तन वृद्धि स्तनपान स्तम्भन स्त्री स्त्रीत्व स्त्रैण स्वप्न दोष स्वप्नदोष स्वप्नदोष-Night Fall स्वरभंग स्वर्णक्षीरी स्वस्थ स्वास्थ्य स्वास्थ्य रक्षक सखा हजारदानी हड़जोड़ हड्डी हड्डी में दर्द हड्डीतोड़ ज्वर हड्डीतोड़ बुखार हरड़ हरसिंगार हरी दूब-CREEPING CYNODAN हरीतकी हर्टबर्न हस्तमैथुन हस्तमैथुन-Masturbation हारसिंगार हालात हिचकी हिचकी-Hiccup हिमोग्लोबिन-hemoglobin हिस्टीरिया हिस्टीरिया-Hysteria हींग हीनतर हृदय हृदय-Heart हेपेटाइटिस हेपेटाईटिस हेल्थ टिप्स-Health-Tips हैजा हैपीनेस-Happiness हैल्थ होम केयर टिप्स-Home Care Tips होम्योपैथ होम्योपैथिक होम्योपैथी होम्योपैथी-Homeopathy