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नींबू

छोटा है पर बड़े काम का नींबू
- निहालचंद जैन
नींबू में उपयोगिता का अक्षय भंडार है। जापान के एक प्रसिद्ध आहार शास्त्री का नीबू के लिए कथन है- 'घर में यह हमारा सेवक है, समाज के लिए उच्च कोटि का वैद्य है और समूचे राष्ट्रीय जीवन के लिए यह बहुत बड़ा वैज्ञानिक है।' एक से अधिक किस्म के नींबू भारत में पाए जाते हैं। प्रत्येक किस्म के नींबू में साइट्रिक अम्ल और प्राकृतिक लवण-पोटाश और फास्फोरस मुख्य रूप से होते हैं। 
ये लवण रक्त की अम्लता को दूर कर उसे क्षारत्व देते हैं और रक्त को शुद्ध करते हैं। इस प्रकार सभी रोगों को हरने में मददगार होने से नींबू को औषधि समझा जाता है। वैसे तो लगभग सभी फलों में यह गुण न्यूनाधिक मात्रा में होता है, पर नींबू में अधिक होने के कारण और प्रायः सालभर मिलते रहने के कारण उसका महत्व अधिक है।
नींबू अपच एवं पेट के अन्य विकारों में भी सुधार करता है। यह स्कर्वी रोग की विशेष दवा है। नींबू कच्ची-पकी तरकारियों का स्वाद बढ़ाता है। केले, सेब के टुकड़ों पर डालने से उनका रंग नहीं बदलता-या बिगड़ता एवं उनका स्वाद बढ़ जाता है। सर्दी लगने पर सोते समय गर्म पानी में नींबू मिलाकर पीने से फायदा होता है। कई बार ऐसा प्रयोग करने से पुराने जुकाम में भी लाभ होता है।
कब्ज+रक्तचाप : नींबू का प्रयोग कब्ज दूर करने में और रक्तचाप की समस्या को भी दूर करने में मददगार बताया जाता है।
अधिक खाँसी या दमा : अधिक खाँसी या दमा जोर पर हो उस समय शहद और उसका चौथाई भाग नीबू का रस मिलाकर लेने से तुरंत आराम होता है।
एनीमा : नींबू के पानी का एनीमा, सादे पानी के एनीमा की तुलना में ज्यादा प्रभावी होता है तथा कई विकारों को दूर करता है।
चर्म रोगों : नींबू त्वचा के रोग, मसूड़ों की सूजन, गले की खराश, टॉंसिल के रोगों में भी लाभ करता है। आँख-कान के रोगों में भी फायदा करता है। मुँह की झाँई, मुहाँसे, घावों, दाँतों एवं चर्म रोगों के लिए श्रेष्ठ उपचार का प्रयोग है।
नासिका के रक्तस्राव को तत्काल रोकता है।
पर्वतारोही क्लबों में अक्सर सुना जाता है कि 'मध्ययुग में नेपोलियन ने आल्पस को जीता और इस युग में विश्व की सबसे ऊँची चोटी को नींबू ने जीता।' सौंदर्य संबंधी अनेक समस्याओं का हल नींबू है।    
भोजन सामग्री को खराब होने से बचाता है। ऋतु के अनुसार अपने गुणों में परिवर्तन करता है और ऋतु के दोषों के अनुकूल गुण पैदा कर लेता है। नींबू को रक्त में खटाईवर्धक माना जाता है, क्योंकि वह खाने में खट्टा लगता है परंतु पेट के रसों के साथ क्रिया होने पर क्षारीय पदार्थ बन जाते हैं, जो रक्त को क्षारीय बनाते हैं।
नींबू में 89 भाग जल, 1 भाग पोषक तत्व, 1 भाग चिकनाई, 8 भाग कार्बोज, आधा भाग खनिज पदार्थहोता है। इसमें विटामिन बी और सी अधिक मात्रा में और विटामिन ए साधारण मात्रा में पाए जाते हैं। बर्फीले पहाड़ों पर जाने वाले नींबू को आवश्यक रूप से अपने साथ ले जाते हैं।
सौंदर्यवर्धकों में नींबू श्रेष्ठ व सर्वत्र उपलब्ध होकर तत्काल उपयोग में लिया जा सकता है।
रूसी का शत्रु : सिर से पैर तक के लिए सौंदर्यवर्धक, बालों के लिए बड़ा हितकर, रूसी का शत्रु होता है नींबू। इसका रस लगाकर सिर साफ करें-रूसी गायब। नींबू के शेम्पू कई रूपों में प्राप्त हैं, पर नींबू सबसे सस्ता और प्रभावी। पानी में इसका रस मिलाकर बाल धोने से बालों में चमक आ जाती है।
सौंदर्य तथा स्वास्थ्य की दृष्टि से प्रातःकाल पहली चीज पानी में एक नींबू का रस मिलाकर पीना है। नींबू मिला पानी शरीर को आकर्षक बनाने में सहायक है। नींबू मिला पानी कब्ज दूर करने में भी सहायक है और यदि कब्ज नहीं रहे तो शरीर स्फूर्ति भरा रहता है और यह स्फूर्ति आकर्षक व्यक्तित्व प्रदान करने में प्रभावी होती है।
आँखों के चारों ओर काली धारी तथा मुहाँसे कब्ज के कारण होते हैं तथा कब्ज दूर होते ही ये गायब हो जाते हैं। इस प्रकार चेहरे को चमक प्राप्त हो जाती है। कोहनी, टखनों का कालापन भी नींबू लगाने से दूर होना पाया गया है। नींबू का उबटन प्रसिद्ध है। नींबू के गुण अनेक हैं।
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कागजी नींबू के असरकारी गुण

बुखार की हरारत : यह शरीर को शीतलता एवं ताजगी प्रदान करता है। यह शरीर की गर्मी को भी शांत करता है। इसके रस को चाय में डालकर पिएँ या एक नींबू को पाँच बराबर-बराबर भागों में काटकर तीन गिलास पानी में डालकर एक गिलास पानी रह जाने तक धीमी आँच में उबालें। ठंडा होने के बाद छानकर, बुखार की हरारत होते ही पी लें। बुखार नहीं आएगा।

  1. * यदि शौच ठीक तरह से नहीं हो रहा हो या पेचिश हो, तो प्याज के रस में कागजी नींबू का रस मिलाएँ। इसमें थोड़ा-सा पानी डालकर पिएँ, लाभ होगा। 
  2. * एक छोटा-सा अदरक का टुकड़ा लें। तीन माशा (आधे तोले का आधा) सेंधा नमक लें तथा एक माशा नींबू का रस। इसे मिलाकर खाएँ। अपच व कब्ज गायब हो जाएँगे। 
  3. * स्कर्वी रोग में नींबू श्रेष्ठ दवा का काम करता है। एक भाग नींबू का रस और आठ भाग पानी मिलाकर रोजाना दिन में एक बार लें।

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10 घरेलू नुस्खे गुणकारी नींबू के

  • 1 शुद्ध शहद में नींबू की शिकंजी पीने से मोटापा दूर होता है।
  • 2 नींबू के सेवन से सूखा रोग दूर होता है।
  • 3 नींबू का रस एवं शहद एक-एक तोला लेने से दमा में आराम मिलता है।
  • 4 नींबू का छिलका पीसकर उसका लेप माथे पर लगाने से माइग्रेन ठीक होता है।
  • 5 नींबू में पिसी काली मिर्च छिड़क कर जरा सा गर्म करके चूसने से मलेरिया ज्वर में आराम मिलता है।
  • 6 नींबू के रस में नमक मिलाकर नहाने से त्वचा का रंग निखरता है और सौंदर्य बढ़ता है।
  • 7  नौसादर को नींबू के रस में पीसकर लगाने से दाद ठीक होता है।
  • 8 नींबू के बीज को पीसकर लगाने से गंजापन दूर होता है।
  • 9 बहरापन हो तो नींबू के रस में दालचीनी का तेल मिलाकर डालें।
  • 10 आधा कप गाजर के रस में नींबू निचोड़कर पिएं, रक्त की कमी दूर होगी।

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चाशनीयुक्त नींबू का पना
सामग्री : 

  • 25 नींबू, 1 से डेढ़ किलो अथवा आवश्यकतानुसार शक्कर, 3-4 लौंग, आधा चम्मच काली मिर्च पावडर। 

विधि :

  • एक भाग नींबू का रस और चार से छह भाग शक्कर लेकर दोनों को अच्छी तरह पकाकर चाशनी बना लें। तत्पश्चात लौंग एवं काली मिर्च का चूर्ण डालें। लीजिए चाशनीयुक्त नींबू का पना तैयार है। 
  • अब जब भी जरूरत हो तब आवश्यकतानुसार पानी मिलाकर पीने से यह नींबू का पना भोजन के प्रति रुचि उत्पन्न करता करने के साथ-साथ भोजन को पचाता है एवं बढ़ते हुए वात को नष्ट करता है।

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नींबू (कैसे) रखें तरोताजा...?

नींबुओं को लंबे समय तक ताजा बनाए रखने के लिए उन पर नारियल का तेल लगाकर फ्रिज में रखें।
दालों को यदि अंकुरित करके खाया जाए तो उनमें विटामिन 'सी' की मात्रा अधिक बढ़ जाती है।
दिनभर रसोईघर में उपयोग किए गए कपड़े रातों को ही साबुन से धोकर रसोईघर में सुखा लें।
वॉश बेसिन तथा टब पर से जंग के दाग छुड़ाने के लिए उन पर नमक के साथ तारपीन का तेल मिलाकर लगाएँ।
थर्मस फ्लास्क से चाय/काफी के दाग छुड़ाने के लिए उसमें अंडे के छिलके के टुकड़े चूरा करके गर्म पानी के साथ डालें। अच्छी तरह हिलाने के बाद धो दें।
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गुणकारी नींबू के फायदे
- किरण मिश्रा
नींबू स्वास्थ्य की रक्षा के लिए अत्यंत उपयोगी और लाभदायक माना जाता है। यह स्वाद से खट्टा-मीठा, कसैला आदि कई प्रकार का होता है। नींबू बरसात में सर्वाधिक पैदा होता है, लेकिन यह सभी ऋतुओं में सरलता से उपलब्ध हो जाता है।
नींबू में सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, लोहा, ताँबा, फॉस्फोरस, क्लोरिन आदि तत्वों के साथ प्रोटीन, वसा, विटामिन बी और सी भी पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं।

  1. नींबू पानी प्रातःकाल पीने से पेट साफ होता है। 
  2. नींबू आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। 
  3. नींबू का सेवन उल्टी की समस्या का समाधान करता है। 
  4. नींबू पानी पीने से शरीर में स्फूर्ति आती है। 
  5. नींबू रस का दो समय सेवन करने से शरीर की चर्बी समाप्त होती है। इसका नियमित सेवन मोटापे को समाप्त करने का सबसे उपयोगी उपाय है। 
  6. नींबू का सेवन रक्त को शुद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  7. नींबू स्वास्थ्य की रक्षा के लिए अत्यंत उपयोगी और लाभदायक माना जाता है। यह स्वाद से खट्टा-मीठा, कसैला आदि कई प्रकार का होता है। नींबू बरसात में सर्वाधिक पैदा होता है, लेकिन यह सभी ऋतुओं में सरलता से उपलब्ध हो जाता है।  
  8. नींबू का रस जख्मों से बैक्टीरिया नष्ट करता है, वहीं जख्म से खून बहना भी रोकता है। 
  9. मुँहासे और एक्जिमा जैसे त्वचा रोगों में नींबू का रस लगाने से फायदा होता है। 
  10. नींबू का सेवन लीवर (जिगर) की विकृति की समस्या का समाधान भी करता है। 
  11. नींबू का रस ऑस्टियोआर्थराइटिस में भी फायदेमंद होता है। 
  12. नींबू के पानी से नियमित कुल्ला करने व उसके गूदे को दाँतों पर मलने से मुँह व दाँतों की समस्याओं का समाधान होता, वहीं मुँह की दुर्गंध भी समाप्त हो जाती है। 
  13. दूध में नींबू का रस मिलाकर लगाने से चेहरे की रंगत में निखार आता है।

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खट्टे नींबू के 10 मीठे गुण

  • 1 शुद्ध शहद में नींबू की शिकंजी पीने से मोटापा दूर होता है।
  • 2 नींबू के सेवन से सूखा रोग दूर होता है।
  • 3 नींबू का रस एवं शहद एक-एक तोला लेने से दमा में आराम मिलता है।
  • 4 नींबू का छिलका पीसकर उसका लेप माथे पर लगाने से माइग्रेन ठीक होता है।
  • 5 नींबू में पिसी काली मिर्च छिड़क कर जरा सा गर्म करके चूसने से मलेरिया ज्वर में आराम मिलता है।
  • 6 नींबू के रस में नमक मिलाकर नहाने से त्वचा का रंग निखरता है और सौंदर्य बढ़ता है।
  • 7 नौसादर को नींबू के रस में पीसकर लगाने से दाद ठीक होता है।
  • 8 नींबू के बीज को पीसकर लगाने से गंजापन दूर होता है।
  • 9 बहरापन हो तो नींबू के रस में दालचीनी का तेल मिलाकर डालें।
  • 10 आधा कप गाजर के रस में नींबू निचोड़कर पिएँ, रक्त की कमी दूर होगी।

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खट्टा नींबू मीठे फायदे! नींबू के खास उपयोग

आमतौर पर हमारे यहाँ तीन प्रकार के नींबू पाए जाते हैं। देशी, कागजी और पहाड़ी। इन तीनों का अलग-अलग बीमारियों में अलग-अलग उपयोग किया जाता है। गर्मी के दिनों के लिए यह नींबू बड़े काम का है। यह एक गुणकारी औषधीय पदार्थ है तथा र तरह के अपच, पेट की गड़बड़ी, लीवर और तिल्ली की बीमारी में उपयोगी सिद्ध होता है। 
आइए, हम आपको बता रहे है इनके खास उपयोग :-

1. कागजी नींबू : यह शरीर को शीतलता एवं ताजगी प्रदान करता है। यह शरीर की गर्मी को भी शांत करता है। इसके रस को चाय में डालकर पिएँ या एक नींबू को पाँच बराबर-बराबर भागों में काटकर तीन गिलास पानी में डालकर एक गिलास पानी रह जाने तक धीमी आँच में उबालें। ठंडा होने के बाद छानकर, बुखार की हरारत होते ही पी लें। बुखार नहीं आएगा।

  1. * यदि शौच ठीक तरह से नहीं हो रहा हो या पेचिश हो, तो प्याज के रस में कागजी नींबू का रस मिलाएँ। इसमें थोड़ा-सा पानी डालकर पिएँ, लाभ होगा।
  2. * एक छोटा-सा अदरक का टुकड़ा लें। तीन माशा (आधे तोले का आधा) सेंधा नमक लें तथा एक माशा नींबू का रस। इसे मिलाकर खाएँ। अपच व कब्ज गायब हो जाएँगे।
  3. * स्कर्वी रोग में नींबू श्रेष्ठ दवा का काम करता है। एक भाग नींबू का रस और आठ भाग पानी मिलाकर रोजाना दिन में एक बार लें।
2. पहाड़ी नींबू : यह नींबू भूख बढ़ाने वाला होता है। बेस्वाद मुँह होना, अधिक प्यास लगना, उल्टियाँ होना, कमजोर पाचन शक्ति, खाँसी, श्वास लेने में परेशानी तथा पेट के कीड़ों के लिए यह बेहद लाभदायक है। एसिडिटी एवं अम्ल पित्त की स्थिति में शाम के समय में इसका ताजा रस पिएँ। अपच के लिए यह हितकारी है।
  1. * देशी नींबू के रस में थोड़ी शकर मिलाएँ। इसे गर्म कर सिरपनुमा बना लें। इसमें थोड़ा पानी मिलाकर पिएँ। पित्त के लिए यह अचूक औषधि है।
  2. * दो तोला नींबू का गूदा लें। इसमें छः माशा (करीब आधा तोला) काला नमक मिलाएँ। इसे खाने से लीवर संबंधी तकलीफ दूर होगी। यह पीलिया रोग के लिए भी फायदेमंद है।
  3. * एक गिलास पानी में एक नींबू निचोड़कर प्रातः भूखे पेट हमेशा पीते रहने से नेत्र ज्योति ठीक रहती है। इससे पेट साफ रहता है व शरीर स्वस्थ रहता है। निरोग रहने का यह प्राथमिक उपचार है। 
  4. * सुबह-शाम एक गिलास पानी में एक नींबू निचोड़कर पीने से मोटापा दूर होता है। 
  5. * बवासीर (पाइल्स) में रक्त आता हो तो नींबू की फाँक में सेंधा नमक भरकर चूसने से रक्तस्राव बंद हो जाता है।
  6. * आधे नींबू का रस और दो चम्मच शहद मिलाकर चाटने से तेज खाँसी, श्वास व जुकाम में लाभ होता है। 
  7. * नींबू ज्ञान तंतुओं की उत्तेजना को शांत करता है। इससे हृदय की अधिक धड़कन सामान्य हो जाती है। उच्च रक्तचाप के रोगियों की रक्तवाहिनियों को यह शक्ति देता है। 
  8. * एक नींबू के रस में तीन चम्मच शकर, दो चम्मच पानी मिलाकर, घोलकर बालों की जड़ों में लगाकर एक घंटे बाद अच्छे से सिर धोने से रूसी दूर हो जाती है व बाल गिरना बंद हो जाते हैं। 
  9. * एक गिलास पानी में एक नींबू निचोड़कर सेंधा नमक मिलाकर सुबह-शाम दो बार नित्य एक महीना पीने से पथरी पिघलकर निकल जाती है। 
  10. * नींबू को तवे पर रखकर सेंक लें (दो भाग करके)। उस पर सेंधा नमक डालकर चूसें। इससे पित्त की दिक्कत खत्म होती है। 

3. देशी नींबू : सी प्रकार नकसीर, दाँतों की मजबूती, खुजली, मलेरिया, पीलिया, अस्थमा, सिरदर्द, अनिद्रा, त्वचा रोग आदि में भी नींबू अत्यंत उपयोगी है। इतना ही नहीं स्वास्थ्य के साथ ही यह सौंदर्यवर्धक भी है।

यदि आपकी त्वचा शुष्क व साँवली है तो प्रतिदिन रात में सोने से पूर्व शुद्ध आँवले के तेल में नींबू का रस मिलाकर चेहरे व गर्दन पर लगाएँ एवं हल्के हाथों से मालिश करें। कुछ ही दिनों में त्वचा का रंग निखर आएगा।

इसी प्रकार हथेलियों व कोहनियों की सौंदर्य वृद्धि के लिए भी नींबू को निचोड़कर बचे हुए छिलके में शकर के खड़े दाने डालकर उक्त स्थानों पर तब तक हल्के-हल्के घिसें जब तक पूरी शकर न पिघल जाए। इससे त्वचा चमकदार व मुलायम बनती है। तो देखा आपने कितने फायदे छुपे हैं
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रात को मोजे में नींबू डालकर सोएंगे तो ये 5 शानदार फायदे

First Published:27-09-2016 04:53:32 PM
Last Updated:27-09-2016 04:53:32 PM

नई दिल्ली, लाइव हिन्दुस्तान टीम अक्सर लोगों के घरों में ऐसे कई सदस्य होंगे, जिनके पैरों से बदबू आते हैं और न सिर्फ घर में बल्कि बाहर आस-पास के लोगों के बीच शर्मसार होना पड़ता है। इतना ही यदि आपके पैरों की एड़ियां फटी हो तो रात को सोने से पहले मोजे में नींबू डालकर लेटे, तब यह बेहद कारगर साबित हो सकता है। नींबू न सिर्फ गर्मियों में बल्कि पैरों की देखभाल करने में असरदार होता है। नींबू न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए ही लाभदायक है, बल्कि इससे पैरों से जुड़ी समस्याएं भी खत्म की जा सकती है। इसके अलावा ऐसा करने से 5 शानदार फायदे मिल सकते हैं, जिन्हें आप जरूर जानना चाहेंगे।

नींबू को मोजे में रखने के 5 शानदार फायदे


1. पैरों के तलवे : रात में सोने से पहले मोजे में नींबू डालकर सोएं, इससे न सिर्फ आपके पैर की त्वचा मुलायम रहते हैं बल्कि फटी हुई एड़ियां भी ठीक हो जाती हैं।

2. नहीं होगी बदबू : पैरों से आने वाली बदबू लोगों के लिए बड़ी समस्या है। जूता-चप्पल पहनने के बाद बाद पसीना आना और इसके बाद जबरदस्त बदबू हर किसी के लिए परेशानी का विषय होता है। यदि आप इससे जल्द छुटकारा पाना चाहते हैं तो रोजाना आपको सोते वक्त मोजे में नींबू डालकर सोना चाहिए।
3. पैरों का रंग साफ और गोरापन : यदि आपके पैर में दाद या फिर रंग दबा हुआ हो तो इसका रंग साफ करने और गोरापन पाने के लिए इसका प्रयोग किया जा सकता है। पैरों में यदि दाने होते हैं तो भी यह फायदेमंद हो सकता है।
4. पैरों का रूखापन : पैरों से जुड़ी समस्याओं में सबसे ज्यादा परेशानी रूखापन होता है। इसके लिए लोग कई प्रकार के लोशन आदि का प्रयोग करते हैं। पैरों के रूखेपन को दूर करने के लिए यह तरीका आपके लिए बेहद कारगर साबित हो सकता है।

5. पैरों में नमी और दाद से सुरक्षा : रात में सोते वक्त नींबू को मोजे में डालकर सोने से नमी तो आती ही है, साथ ही दाद जैसी कोई समस्या दूर रहती है। इतना ही नहीं नींबू के पोषक तत्व आपके पैरों के दुर्गंध को दूर भी कर देता है।

क्या है नींबू का प्रयोग करने का तरीका?

  1. नींबू को दो टुकड़ों में काट लें और फिर इसे पूरे पैरों के तलवों पर अच्छे से घिस लीजिए। अब आप बचे हुए टुकड़े को एड़ियों के उपर रखकर इसे ढ़क लें। नींबू का आकर इतना हो कि इससे आपकी पूरी एड़ी ढ़क जाए। इसके बाद आप जुराबे पहनें।
  2. नींबू से पैर की एड़ियों को मोजों के अंदर कम से कम दो घंटे तक ही रखें। आपको कुछ दिनों तक थोड़ा अटपटा या अजीब सा लग सकता है लेकिन आपको इसके बेहतर परिणाम दिखने लगेगें।
  3. नींबू कैसे करता है असर नींबू के रस में कई तरह के तत्व होते हैं जो पैरों और एड़ियों की समस्या को अच्छी तरह से ठीक कर देते हैं। रूखी और फटी एड़ियां फिर से मुलायम और सुंदर बन जाती हैं। नींबू के इस घरेलू उपाय को आप नियमित कुछ दिनों तक करते रहें। आपको बेहतर और स्वस्थ लाभ दिखने लगेगें।
Source :http://www.livehindustan.com/news/health-news/article1-5-feet-benefits-about-a-lemon-in-your-socks-567315.html?c=home-flicker

>>>>>>>>उपचारक बाद में पहले—स्वास्थ्य रक्षक सखा<<<<<<<<<<<
निवेदन : उपरोक्त पोस्ट में दी गयी जानकारी अच्छी लगे तो कृपया लेखक के उत्साहवर्धन के लिये एक कमेंट अवश्य करें। हमारे द्वारा पीलिया की दवाई मुफ्त में दी जाती है। जबकि-पैट में गैस, ऐसीडिटी, कब्जी, आँतों के अल्सर/छाले, लीवर/यकृत में सूजन/कमजोरी सिरदर्द, आधासीसी/माईग्रेन, पथरी, आसान और बिना सिजेरियन सुरक्षित प्रसव/डिलेवरी, विरह वेदना/प्रेम विछोह, डिप्रेशन, प्रदर, प्रमेह, शीघ्रपतन, यौन दुर्बलता, चिकनगुनिया/डेंगू के दर्द, सियाटिक आदि जटिल रोगों का बहुत कम खर्चे में उपचार किया जाता है। इसके अलावा दाम्पत्य विवाद समाधान के लिये भी सम्पर्क किया जा सकता है।नोट : कृपया उपचार के नाम पर गारण्टी देकर ठगने वालों से बचें और एक बार सेवा का मौका प्रदान करें। उपचारक बाद में पहले—स्वास्थ्य रक्षक सखा डॉ. पुरुषोत्तम मीणा-मोबाईल एवं वाट्स एप नम्बर : 9875066111.


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--->--->श्रीमती जानकी पुरुषोत्तम मीणा जिनका 08 अप्रेल, 2012 को असमय निधन हो गया!

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सभी के स्वस्थ एवं सुदीर्घ जीवन की कामना के साथ-मेरे प्यारे और दुलारे तीन बच्चों की ममतामयी अद्वितीय माँ (मम्मी) जो दुखियों, जरूतमंदों और मूक जानवरों तक पर निश्छल प्यार लुटाने वाली एवं अति सामान्य जीवन जीने की आदी महिला थी! वह पाक कला में निपुण, उदार हृदया मितव्ययी गृहणी थी! मेरी ऐसी स्वर्गीय पत्नी "जानकी मीणा" की कभी न भुलाई जा सकने वाली असंख्य हृदयस्पर्शी यादों को चिरस्थायी बनाये रखते हुए इस ब्लॉग को आज दि. 08.08.12 को फिर से पाठकों के समक्ष समर्पित कर रहा हूँ!-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'

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कामोत्तेजना कायाकल्प कार्बोहाइड्रेट कार्बोहाइड्रेट-Carbohydrates काला जीरा काला नमक काली जीरी काली तुलसी काले निशान कास-खांसी-Cough कीड़े कुकरौंधा कुकुंदर कुटकी-Black Hellebore कुल्थी कुल्ला कुष्ठ कृमि केला कैफीन-Caffeine कैलोरी चार्ट कैलोरी-Calories कैवांच कैविटी कैंसर कॉफी कॉफ़ी कोढ़ कोबरा कोलेस्ट्रॉल कोलेस्ट्रॉल-Cholesterol कौंच क्रियाशीलता क्षय रोग-Tuberculosis क्षारीय तत्व क्षुधानाश खजूर खजूर की चटनी खनिज खरबूजा-Musk melon खरेंटी खरैंटी शिलाजीत खांसी खिरेंटी खिरैटी खीरा-Cucumber खुजली खुशी-Joy खुश्की खुश्बू खूनबंद क​रने वाली रूखड़ी—Tridax procumbens खोया गंजापन-Baldness गठिया गठिया-Arthritis गठिया-Gout गंध गन्ने का रस गरमा गरम गर्भधारण गर्भपात गर्भवती गर्भवती कैसे हों? गर्भावस्था की विकृतियां-Disorders of Pregnancy गर्भावस्था के दौरान संभोग-Sex During Pregnancy गर्भावस्था-Pregnancy गर्भाशय-उच्छेदन के साइड इफेक्ट्स-Side Effects of Hysterectomy गर्म पानी गर्मी गर्मी-Heat गाजर गाजवां गाँठ-Knot गिलोय गिल्टी गुंदा गुलज़ाफ़री गृध्रसी गृह-स्वामिनी गैस गोक्षुरादि चूर्ण गोखरू गोखरू (LAND CALTROPS) गोंद कतीरा-Hog-Gum गोंदी गोभी-Cabbage गोरख मुंडी गोरखमुंडी घमोरी घाघरा घाव चकवड़ चक्कर चपाती चमत्कारिक सब्जियां चर्म चर्म रोग चर्मरोग चाय चाय-Tea चालीस के पार-Forty Across चिकनगुनिया चिकित्सकीय चिरायता-Absinth चिरोटा चुंबन चोक चौलाई छपाकी छरहरी काया छाछ छाले छीकें छुआरा छुहारा छोटा गोखरू छोटा धतूरा छोटी हरड़ जकवड़ जंगली/कटीली चौलाई जटामांसी-Spikenard जलजमनी जलन जलोदर रोग-Ascites Disease जवारे जवासा-Alhag जहर जामुन का जूस जायफल-Nutmeg जीरा जीवन रक्षक जुएं जुकाम जुलाब जूएं जूस जूस-Juice जोड़ों के दर्द ज्वर ज्वर-Fiver झांईं झुर्रियाँ झुर्री झूठे दर्द टमाटर-Tomatoes टाइफाइड टायफायड टॉन्सिल टोटला ट्यूमर ठेकेदार डॉक्टर डकार डायबिटीज डायरिया डिनर डिलेवरी डीकामाली डीगामाली डेंगू डेंगू-Dengue डॉ. निरंकुश डॉ. मीणा ढीलापन ढीली योनि तकलीफ का सही इलाज तरबूज-Watermelon तलाक ताकत तिल तिल्ली तुंबा तुंबी तुलसी तेल त्रिदोषनाशक त्रिफला त्वचा थकान थायरायड-Thyroid थायरॉइड दण्डनीय अपराध दन्तकृमि दन्तरोग दमा दर्द दर्दनाक दस्त दही दाग-धब्बे-Stains-Spots दाढ़ दांत दांतो में कैविटी-Teeth Cavity दाद दाम्पत्य दाम्पत्य-Conjugal दाल दालचीनी दालें दिल दुर्गंध दुर्बलता दुष्प्रभाव दूध दूधी दूधी-Milk Hedge दृष्टिदोष द्रोणपुष्पी-Leucas Cephalotes धड़कन धनिया-Coriander धमासा धातु धातु पतन धार्मिक नज़ला नपुंसकता नाक नाखून नागबला नागरमोथा नाडी हिंगु नाड़ी हिंगु (डिकामाली) नामर्दी नारियल नाश्ता निमोनिया निम्न रक्तचाप निम्बू नियासिन निरोगधाम निर्गुण्डी निसोरा नींद नींबू नींबू-Lemon नीम-azadirachta indica नुस्खे-Tips नेगड़ नेगड़-निर्गुन्डी-Vitex negundo नेत्र रोग नैतिक नौसादर न्युमोनिया-Pneumonia पक्षघात पढ़ने में मन लगेगा पंतजलि पत्तागोभी-CABBAGE पत्थरचट्टा पत्नी पथरी पनीर पपीता पपीता-CARICA PAPPYA पमाड परहेज पराठा परिस्थिति पवाड़ पवाँर पाइल्स पाक-कला पाचक पाचन पाठक संख्या पंद्रह लाख पायरिया पारिजात पालक पालक-Spinach पित्त पित्ती पिंपल-मुंहासे-Pimples-Acne पिरामिड पीलिया पीलिया-Jaundice पीलिया-कामला-Jaundice पुआड़ पुदीना पुनर्नवा-साटी-सौंटी-Punarnava पुरुष पेचिश पेट के कीड़े पेट दर्द पेट में गैस पेट रोग पेंसिल थेरेपी-Pencil Therapy पौरुष प्याज-Onion प्रजनन प्रतिरक्षा प्रतिरक्षा प्रणाली प्रतिरक्षा-इम्युनिटी-Immunity प्रतिरोधक प्रतिरोधक-Resistance प्रदर प्रमेह प्रवाहिका (पेचिश)-Dysentery प्रसव प्रसव सुरक्षा चक्र प्रसूति प्राणायाम प्रेग्नेंसी-Pregnancy प्रेमिका प्रोटीन प्रोटीन का कार्य प्रोटीन के स्रोत प्रोस्टेट ग्रन्थि-Prostate Gland प्लीहा प्लूरिसी-Pleurisy फफूंद-Fungi फरास फल फल-Fruit फाइबर फिटकरी फुंसी-Pimples फूलगोभी-CAULIFLOWER फेंफड़े फैट फोटोफोबिया फोड़ा फोड़े-Boils फोलिक एसिड-Folic Acid फ्लू फ्लू-Flu फ्लेक्स सीड्स बकायन बकुल बड़ी हरड़ बथुआ बथुआ पाउडर बथुआ-White Goose Foot बदबू बबूल-ACACIA बरसाती बीमारियाँ बरसाती बीमारियां बलगम बलवृद्धि बला बवासीर बहुमूत्रता- बांझपन बादाम-Almonds बादाम. बाल बाल झड़ना बाल झडऩा-Hair Falling बिना सिजेरियन मां बनें बीजबंद बीमारियों के अनुसार औषधियां बुखार बेल बेल – Bael बेली बैक्टीरिया ब्र​ह्मदण्डी ब्रेस्ट ग्रोथ ब्लड प्रेशर ब्लैक मेलिंग भगंदर भगंदर-Fistula-in-ano भगनासा भगोष्ठ भय भस्मक रोग भावनात्मक भुई आंवला-Phyllanthus Niruri भूई आमला भूख भूख बढ़ाने भूमि आंवला भोजनलीवर मकोय मकोय-Soleanum nigrum मंजीठ मटर-PEA मंद दृष्टि मंदाग्नि मदार मधुमेह मधुमेह-Diabetes मन्दाग्नि-Dyspepsia मरुआ मर्दाना मलेरिया (Malaria) मस्तिष्क मस्से मस्से-WARTS महाबला माइग्रेन माईग्रेन माईंड सैट माजूफल मानसिक मानसिक-Mental मानिसक तनाव-Mental Stress मायोपिया मासिक मासिक-धर्म मासिकधर्म मासिकस्राव माहवारी मिनरल मिर्गी मिर्च-Chili मुख मैथुन-ओरल सेक्स-Oral Sex मुधमेह मुलहठी मुलेठी मुहाँसे मूँगफली मूड डिस्ऑर्डर-Mood Disorders मूत्र मूत्र असंयमितता मूत्र में जलन-Burning in Urine मूत्राशय मूर्च्छा (Unconsciousness) मूली मृत्यु मृत्युदण्ड मेथी मेथी दाना मेंहदी मैथुन मोगरा (Mogra) मोटापा मोटापा-Obesity मोतियाबिंद मौत मौलसिरी मौसमी बीमारियां यकृत यकृत प्लीहा यकृत वृद्धि-Liver Growth यकृत-लीवर-जिगर-Lever यूपेटोरियम परफोलियेटम योग विज्ञापन योन योनि योनि शूल-Vaginal Colic योनि संकोचन योनी योनी संकोचन यौन यौन आनंद यौन दौर्बल्य यौनशक्ति यौनशिक्षा यौनानंद यौनि रक्त प्रदर (Blood Pradar) रक्त रोहिड़ा-TECOMELLA UNDULATA रक्तचाप रक्तपित्त रक्तशोधक रक्ताल्पता रक्ताल्पता (एनीमिया)-Anemia रस-juices रातरानी Night Blooming Jasmine/Cestrum nocturnum रामबाण रामबाण औषधियाँ-Panacea Medicines रुक्षांश रूसी रूसी मोटापा रेचक रेठु रोग प्रतिरोधक लकवा लक्ष्मी लंच लसोड़ा लस्सी लहसुन लहसुन-Garlic लाइलाज लाभ लिंग लिसोड़ा लीकोरिया लीवर लीवर-Liver लू-hot wind लैंगिक लोनिया लौकी लौंग की चाय ल्युकोरिया ल्यूकोरिया वजन वज़न वजन कम वजन बढाएं-Weight Increase वन/जंगली तुलसी वमन वमन विकृति-Vomiting Distortion वसा वात वात श्लैष्मिक ज्वर वात-Rheumatism वायरल वायरल फीवर वायरल बुखार-Viral Fever वासना विटामिन विधारा वियाग्रा-Viagra विलायती नीम विष विषखपरा वीर्य वृक्कों (गुर्दों) में पथरी-Renal (Kidney) Stone वैज्ञानिक वैधानिक वैवाहिक जीवन वैवाहिक जीवन-Marital वैश्यावृति व्यायाम शंखपुष्पी शरपुंखा शराब शरीफा-सीताफल-Custard apple शर्करा शलगम-Beets शल्यक्रिया शहद शहद-Honey शारीरिक शिथिलता शीघ्र पतन शीघ्रपतन शुक्राणु-Sperm शुक्राणू शुगर शोथ श्योनाक श्रेष्ठतर श्वास श्वांस श्वेत प्रदर श्वेत प्रदर-Leucorrhea षड़यंत्र संकुचन संकोच संक्रमण संखाहुली संतरा-Orange संतान संतुष्टि सत्यानाशी सदा सुहागन सदाफूली सदाबहार सदाबहार चूर्ण सनबर्न सफ़ेद दाग सफेद पानी सब्जि सब्जियां-Vegetables संभालू संभोग समर्पण-Dedication सरकार को सुझाव सरफोंका सरहटी सर्दी सर्दी जुकाम-Cold सर्पक्षी सर्पविष सलाद संवेदना सहदेई सहदेवी साइटिका साइटिका-Sciatica साइड इफेक्ट्स साबूदाना-Sago सायटिका सिजेरियन सिर दर्द सिरका सिरदर्द सिरोसिस सुगर सुदर्शन सुहागा सूखा रोग सूजन सेक्स सेक्स परामर्श-Sex Counseling सेक्स पावर सेक्स समस्या सेक्‍स-Sex सेंधा नमक सेब सेमल-Bombax Ceiba सेल्स सोजन-सूजन सोंठ सोना पाठा सोयाबीन सोयाबीन (Soyabean) सोयाबीन-Soyabean सोराइसिस सोरियासिस-Psoriasis सौंठ सौंदर्य सौंदर्य-Beauty सौन्दर्य सौंफ सौंफ की चाय सौंफ-Fennel स्किन स्तन स्तन वृद्धि स्तनपान स्तम्भन स्त्री स्त्रीत्व स्त्रैण स्वप्न दोष स्वप्नदोष स्वप्नदोष-Night Fall स्वरभंग स्वर्णक्षीरी स्वस्थ स्वास्थ्य स्वास्थ्य रक्षक सखा हजारदानी हड़जोड़ हड्डी हड्डी में दर्द हड्डीतोड़ ज्वर हड्डीतोड़ बुखार हरड़ हरसिंगार-Night Jasmine हरी दूब-CREEPING CYNODAN हरीतकी हर्टबर्न हस्तमैथुन हस्तमैथुन-Masturbation हालात हिचकी हिचकी-Hiccup हिमोग्लोबिन-hemoglobin हिस्टीरिया हिस्टीरिया-Hysteria हींग हीनतर हृदय हृदय-Heart हेपेटाइटिस हेल्थ 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