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आंवला जूस

आंवला जूस बनाने की विधि– How to make Amla Juice at Home :
आंवला फल (Indian gooseberry) आइरन और विटामिन सी से भरपूर रस से भरा हुआ प्राकृ्तिक खजाना है. आंवले का जूस रोजाना लेने से पाचन दुरुस्त, त्वचा में चमक, त्वचा के रोगों में लाभ, बालों की चमक बढाने, बालों को सफेद होने से रोकने के अलावा और भी बहुत सारे फायदे हैं.
आंवले का मौसम दिसम्बर से चालू होकर अप्रेल तक रहता है.  दिसम्बर से अप्रेल तक  तो ताजा आंवला जूस ताजा निकाल कर पी सकते हैं.  आंवले के जूस (Amla Juice) को सीजन के बाद प्रयोग करने के लिये आप आंवला जूस को घर में आसानी से निकाल सकते हैं और प्रिजर्व कर सकते हैं
आवश्यक सामग्री - Ingredients for Amla Juice :
आंवला - 1 कि. ग्राम ( 28 - 30)
विधि - How to make Amla Juice at Home
आंवले को छोटे टुकड़े में काट लीजिये, बीज हटा दीजिये.
आंवले के थोड़े से टुकड़े मिक्सर जार जिसमें मसाला पीसा जाता है, उसमें डालिये और पीसिये, इन टुकड़ों के पेस्ट बन जाने पर थोड़े और टुकड़े जार में डालिये और बिलकुल बारीक होने तक पीस लीजिये. पहली बार थोड़े ही आंवले बारीक पीस लीजिये, इस पेस्ट को साफ सूती कपड़े में डालिये और दबाकर जूस किसी प्याले में छान लीजिये. आंवला पल्प को अलग प्याले में रख लीजिये.
इसके बाद आंवले के टुकडों के साथ निकाला हुआ आंवला जूस भी मिक्सी में डाल दीजिये और आंवले के टुकडों को पीस लीजिये. सूखे आंवले के टुकड़े पीसने के बजाय इन्हें थोडा तरल पदार्थ मिला कर आसानी से पीसा जा सकता है. थोड़ा पहले से निकाला हुआ आंवला जूस मिला देने से यह जल्दी और अच्छी तरह से पिस जायेंगे.
पिसे हुये आंवले और जूस के मिश्रण को कपड़े में डालिये और हाथ से दबाकर सारा जूस निकाल लीजिये, पल्प को पल्प वाले प्याले में रख दीजिये.
सारे आंवले के टुकड़ों के लिये यही तरीका बार बार दुहरा कर जूस निकाल लीजिये. एक किलोग्राम आंवले में लगभग 600 -700 ग्राम तक जूस निकल आता है.
आंवला जूस को किसी कांच या प्लास्टिक के कन्टेनर में भरकर फ्रिज में रख लीजिये. इस आंवला जूस को 1 महिने तक प्रयोग कर सकते हैं.
यदि आपके पास जूसर है, तब आंवले को काट कर डायरेक्ट जूसर में डालकर जूस आसानी से निकाला जा सकता है.
आंवला जूस को प्रिजर्व कैसे करें - How to Preserve Amla Juice : आंवला जूस प्रिजर्व करने के लिये 500 ग्राम आंवला जूस को 500 ग्राम कांच की या प्लास्टिक की बोतल में भरें और इसमें 1 छोटी चम्मच सोडियम लेक्टेट (Sodium Lactate) डालकर बोतल को अच्छी तरह से हिला दें ताकि सोडियम लेक्टेट (Sodium Lactate) आंवला जूस में भली भांति मिल जाय. प्रिजर्व करने के लिये उतनी ही बड़ी बोतल लें जितना जूस आप प्रिजर्व कर रहे है. जूस की मात्रा से अधिक बड़ी बोतल न लें. इस प्रिजर्व की हुई बोतल को आप फ्रिज में रखकर आठ-दस महीने तक प्रयोग कर सकते हैं.
सोडियम लेक्टेट (Sodium Lactate) आपको खाने के कैमीकल बेचने वाली दुकानों पर आराम से मिल जाता है.
इसके अलावा आप आंवले जूस को आइस ट्रें में जमाकर आंवला जूस क्यूब भी बना सकते है़.
आंवला जूस को कैसे प्रयोग करें - How to use Amla Juice : जब भी आप आंवला जूस प्रयोग करना चाहें तो दो छोटी चम्मच आंवला जूस या एक आंवला जूस क्यूब को एक कप गरम पानी और 1-2 छोटी चम्मच शहद में मिलाईये. यदि आप शहद न लेना चाहें तो आंवला जूस को काला नमक मिलाकर भी पी सकते हैं.
तुरन्त प्रयोग के लिये आंवला जूस कैसे निकालें - How to use Fresh Amla for Juice : दो आंवले के बीज हटाकर छोटे छोटे टुकडे करें और इसे ग्राइंडर में थोड़ा सा पानी डालकर पेस्ट बना लीजिये.  इस पेस्ट को एक कप पानी में मिलाकर छान लीजिये.  इस जूस में 1-2 छोटे चम्मच शहद या एक चुटकी काला नमक मिलाकर प्रयोग कर सकते हैं.
स्रोत : http://nishamadhulika.com/517-how-to-make-amla-juice-at-home.html
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Health benefits in hindi of amla juice

आंवला, भारतीय करोदा अपने पोषण संबंधी गुण(amla ke gun) के कारण सदियो से प्रसिद्ध है। आंवला के फायदे, इसमे एंटीऑक्सीडेंट व प्रतिरोधक क्षमता होती है। किसी भी प्रकार के त्वचा के रोग के लिए आंवला उत्तम उपचार है। आंवला मे विटामिन सी, आयरन, और भी विटमिन्स होते है जो की शरीर के लिए व बालो के लिए बहुत ही लाभकारी है। यहा आंवला के कुछ लाभ बताए गए है।

आमला जूस के फायदे – विटामिन सी के स्रोत (amla ka juice ke fayde – Source of Vitamin C) : आंवला मे विटामिन सी होता है जो की संतरे से 20 गुना अधिक होता है। आमला जूस के फायदे, आंवला आपके शरीर की गर्मी को कम करता है और शरीर मे तापमान सामान्य बनाए रखता है और आपकी त्वचा को भी चमकीला बनता है।

आंवला रस के लाभ – रक्त शोधन (Blood Purification) : रोजाना आंवला रस मे शहद मिलाकर पीने से अस्थमा और श्वासनली का प्रदाह जैसी बीमारियो से आराम मिलता है। आवला खून को भी सॉफ करता है आप आंवला भी खा सकते है या इसका पावडर भी खा सकते है। आंवला रस के लाभ, अगर आपको गेस की समस्या है तो शहद की जगह घी का उपयोग करे।

शारीरिक तापमान को बनाए रखना (Retains Body Temperature): आमला के लाभ, गर्मियों के दिनों मे आंवला का रस बहुत ही फयदेमंद होता है ये आपके शरीर की गर्मी को बाहर निकालता है और पराबेगनि किरण से भी बचाता है।

व्यक्ति का जीवनकाल (Life Span of a Person) : आयुर्वेद मे कहा गया है की अगर रोजाना आंवला का सेवन किया जाए तो इंसान की उम्र बढ़ जाएगी | इसमे 80% पानी,मिनरल्स,विटामिन,फाइबेर,प्रोटीन समाहित होते है जो की शरीर के लिए बहुत ही लाभकारी है।

आमला के फायदे – चेहरे की चमक (Facial Glow) : अगर रोजाना आंवला का रस शहद के साथ पिया जाए तो आपकी चेहरे की चमक बढ़ जाएगी और किसी प्रकार के दाग भी नही होगे।

त्वचा से धब्बे निकालना (Removes Blemishes from Skin) : आंवला त्वचा मे मुहसो के कारण हुए दाग धब्बो को दूर करने मे आपकी मदद करेगा। आमला के लाभ, अगर आप आवले से बने पेस्ट को रोजाना 15 से 20 मिनिट तक लगाएगे तो आपकी त्वचा के सारे रोग दूर हो जाएगे।

आंवला रस के फायदे – मजबूत बालो का विकास (Stronger Hair Growth) : आंवला जूस के फायदे, रस को सिर की त्वचा पर लगाने से ये आपके बालो की जड़ो को उर्जा और मजबूती प्रदान करेगी।आमला के गुण, आंवला के पावडर मे नीबू का रस मिलाकर बालो की जड़ो मे लगाए इससे बालो को चमक मिलेगी और बाल मजबूत भी होगे।
कुछ लोग तनाव से आराम पाने के लिए भी आंवला का उपयोग करते है।

मूत्र मार्ग की सफाई (amla ke upyog – Urinary Tract Cleanliness) : आंवला रस के फायदे, यदि आपको मूत्र से संबंधित कोई बीमारी है तो आपको रोजाना 30 मिली लीटर आंवला रस का सेवन करना चाहिए।

आमला के फायदे – पोषक तत्वों का स्रोत (Source of Nutrients) : आंवला रस के गुण, आंवला त्रिफला और चव्यांप्रास मे मुख्यता रूप से पाया जाता है जो की मिनरल्स, विटमिन्स, आयरन, पोषक तत्वों का स्रोत है। आंवला एक प्रकार का शक्तिशालि एंटीऑक्सीडेंट है।

आंवला के औषधीय गुण – लाल रक्त कोशिकाओं का बढ़ना (Increases Red Blood Cells) : आंवला रस के गुण, जिन लोगो मे हिमोगोलोबिन की मात्रा की कमी होती है उन्हे रोजाना आंवला रस का सेवन करना चाहिए जो की शरीर मे लाल रक्त कोशिकाओं को बढ़ता है और जिससे खून की कमी नही होती।

आवला रस के अन्य स्वस्थ लाभ (amla juice ke labh) :
  1. आंवला के फायदे, दिल के लिए बहुत अच्छा होता है यह मांसपेशियो को शक्ति प्रदान करता है।
  2. आवला रस कब्ज से राहत देने में मदद करता है।
  3. आवला रस मल त्याग उत्तेजित करता है और पुरानी कब्ज के इलाज के लिए मदद करता है।
  4. आंवला रस शरीर को नया जन्म देता है यह बढ़ती उम्र के रोकथाम के लिए उत्तम उपचार है।
  5. आंवला रस मे हल्दी और शहद मिलाकर पीने से मधुमह की बीमारी मे आराम मिलता है।
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आंवला जूस में छिपे है अच्‍छी सेहत के राज
Jun 15, 2016, 20:50 IST
ये तो हम सभी जानते हैं कि आंवला त्वचा और बाल दोनों के लिए ही बहुत फायदेमंद होता है। बाजार में बिकने वाले ढ़ेराें ब्यूटी-प्रोडक्ट्स का ये मूल तत्व होता है, लेकिन स्वास्थ्य से जुड़े इसके फायदों के बारे में आपको शायद ही पता हो।
आंवला के 100 ग्राम रस में 921 मि.ग्रा. और गूदे में 720 मि.ग्रा. विटामिन सी पाया जाता है। आर्द्रता 81.2, प्रोटीन 0.5, वसा 0.1, खनिज द्रव्य 0.7, कार्बोहाइड्रेट्स 14.1, कैल्शियम 0.05, फॉस्फोरस 0.02, प्रतिशत, लौह 1.2 मि.ग्रा., निकोटिनिक एसिड 0.2 मि.ग्रा. पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें गैलिक एसिड, टैनिक एसिड, शर्करा (ग्लूकोज), अलब्यूमिन, काष्ठौज आदि तत्व भी पाए जाते हैं। 
आंवला प्राकृति का दिया हुआ ऐसा तोहफा है, जिससे हमारे शरीर में पनप रही कई सारी बीमारियों का नाश हो सकता है। यदि आपको अच्‍छी सेहत का मालिक बनना है तो आंवला का जूस आज से ही पीना शुरु कर दें। आंवला में आयरन और विटामिन सी भरा पड़ा होता है। हर इंसान को प्रतिदिन 50 मिली ग्राम विटामिन सी की जरूरत होती है तो ऐसे में यदि आप आंवला का सेवन या फिर इसके रस का सेवन करेंगे तो आपके शरीर में विटामिन सी की पूर्ती होगी।
1. आंवले के ताजे रस में चीनी मिलाकर प्रतिदिन सुबह पीने से यूरिन की जलन दूर हो जाती है।
2. यदि आमला के रस को रोज शहद के साथ लिया जाए तो अस्‍थमा और ब्रोंकाइटिस की बीमारी में लाभ मिल सकता है।
3. नारियल के पानी के साथ आंवले के रस का सेवन करने से खट्टी डकारें आनी बंद हो जाती हैं।
4. आंवले का रस पेट की पाचन क्रिया को बढाता है और भयंकर कब्‍ज की बीमारी दूर करता है।
5. बच्चो के दांत निकलते समय उसे हर रोज शहद में आंवले के रस मिलाकर चटाने से लाभ पहुंचता है।
6. आंवले के रस में थोड़ा कपूर मिला कर उसका लेप मसूड़ों पर करने से दांत का दर्द ठीक हो जाता है, इससे दांतों के कीड़े भी मर जाते हैं।
7. यदि पीरियड्स के समय ज्‍यादा ब्‍लीडिंग होती है तो आंवले के रस को रोजाना तीन बार केले के साथ लीजिये।
8. रोज सुबह आमला का रस शहद के साथ पीने से आपका चेहरा चमकदार बनेगा और झाइंया मिटेंगी।
9. आंवले का जूस पेप्ट‍िक अल्सर में बहुत कारगर साबित होता है, हर सुबह इसके सेवन से आराम मिलता है।
10. मधुमेह रोगियों के लिये आमला जूस वर्दान है। इसे शहद और हल्‍दी पाउडर के साथ पीने से मधुमेह कंट्रोल होता है।
11. आंवले के रस में घी का छौंक देकर सेवन करने से ज्वर नष्ट हो जाता है।
Source : http://huntnews.in/p/detail/498599180306781?xlang=en&uc_param_str=dnfrpfbivesscpgimibtbmntnijblauputoggdnw&pos=1466004028258&channel=offbeat&chncat=category_hindi
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By: Purnima Updated: Monday, February 18, 2013, 16:54 [IST]

आंवला प्राकृति का दिया हुआ ऐसा तोहफा है जिससे हमारे शरीर में पनप रही कई सारी बीमारियों का नाश हो सकता है। यदि आपको अच्‍छी सेहत का मालिक बनना है तो आंवला का जूस अभी से ही पीना शुरु कर दें। आंवला में आयरन और विटामिन सी भरा पड़ा होता है। हर इंसान को प्रतिदिन 50 मिली ग्राम विटामिन सी की जरूरत होती है तो ऐसे में यदि आप आंवला का सेवन या फिर इसके रस का सेवन करेंगे तो आपके शरीर में विटामिन सी की पूर्ती होगी। आंवले का जूस रोजाना लेने से पाचन दुरुस्त, त्वचा में चमक, त्वचा के रोगों में लाभ, बालों की चमक बढाने, बालों को सफेद होने से रोकने के अलावा और भी बहुत सारे फायदे हैं, जिसके बारे में आज हम आपको बताएंगे। आंवले का मौसम दिसम्बर से चालू होकर अप्रेल तक रहता है। आंवला का जूस बनाने के लिये उसे छोटे टुकड़ों में काट लीजिये और मिक्‍सी में बारीक पीस लीजिये। उसके बाद साफ कपड़े में पीसा गया आवंला डाल कर जूस निकाल लीजिये। आंवला सेहत से भरा फल है तो ऐसे में आंवले का सेवन आपको कई बीमारियों से निजात दिला सकता है। आइये जानते हैं कि आंवला जूस हमें क्‍या क्‍या फायदा पहुंचा सकता है। अस्‍थमा में लाभ यदि आमला के रस को रोज शहद के साथ लिया जाए तो अस्‍थमा और ब्रोंकाइटिस की बीमारी में लाभ मिल सकता है। 
  1. कब्‍ज की बीमारी कंट्रोल करे : अमला का रस पेट की पाचन क्रिया को बढाता है और भयंकर कब्‍ज की बीमारी दूर करता है।
  2. खून साफ करे : अमला रस को शहद के साथ पीने से खून साफ होता है।
  3. पेशाब की जलन को मिटाए : यदि पेशाब में जलन होती है तो 30 एमएल, आमला रस दिन में दो बार रोज पीजिये।
  4. अत्‍यधिक ब्‍लीडिंग रोके : यदि पीरियड्स के समय ज्‍यादा ब्‍लीडिंग होती है तो आमला रस को रोजाना तीन बार केले के साथ लीजिये।
  5. झाइयां मिटाए और चेहरे को चमकाए : रोज सुबह आमला का रस शहद के साथ पीने से आपका चेहरा चमकदार बनेगा और झाइंया मिटेंगी।
  6. हृदय रोग दूर करे : यह दिल की मासपेशियों को मजबूत बनाता है और हृदय रोग से दूर रखता है।
  7. पाइल्‍स का इलाज : पाइल्‍स के समय पैदा होने वाले कब्‍ज से आमला का रस राहत दिलाता है।
  8. आंखों की रौशनी बढाए : आमला जूस नियमित पीने से आंखों की रौशनी बढाती है।
  9. मुंहासो को मिटाए : आमला जूस चेहरे पर पैदा होने वाले एक्‍ने और मुंहासो से निजात दिलाता है।
  10. डायबिटीज कंट्रोल करे : मधुमेह रोगियों के लिये आमला जूस वर्दान है। इसे शहद और हल्‍दी पाउडर के साथ पीने से मधुमेह कंट्रोल होता है।
Source : http://hindi.boldsky.com/health/diet-fitness/2013/top-reasons-drink-amla-juice/slider-pf1980-002740.html

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OCTOBER 23, 2015 BY AG

Herbal juice benefits and side effects in Hindi: नेचुरल प्रोडक्ट्स हमें फायदा जरूर पहुंचाते हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल शुरू करने से पहले ये सोच लेना जरूरी है कि ये आपके लिए फायदेमंद हैं या नहीं? इसकी वजह ये है कि कई बार ये दवाएं आपको बीमार भी कर सकती हैं। दूसरी ओर, आयुर्वेदिक दवाएं उम्र, बॉडी की पावर और बीमारी, उसकी स्टेज, सही मात्रा और मौसम के अनुसार लेने पर ही फायदेमंद साबित होती हैं। इसलिए जब भी ऐसी दवाओं को खाना जरूरी लगे तो सबसे पहले किसी एक्सपर्ट से सलाह-मशविरा जरूर करें।
सेहतमंद बने रहने के लिए तरह-तरह के नेचुरल जूस का सेवन शुरू करने से पहले उनकी प्योरिटी और इस्तेमाल के लिए हिदायतों पर गौर करना जरूरी होता है। वरना फायदे की जगह आपको हो सकता है नुक्सान।

1. एलोवेरा जूस (Aloevera juice) :
लाभ- यह ठंडा होता है। इसे पीना स्किन और बालों के ही लिए बहुत ही फायदेमंद है। शरीर की इम्यूनिटी पावर और ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाने में भी ये मददगार होता है। यह दिल और लिवर से जुड़ी कई प्रकार की बीमारियों के खतरे को कम करता है।
कब-कितना लें- सुबह खाली पेट पानी के साथ 10 से 30 मिली.।
एहतियात- कफ की शिकायत है, तो मानसून या सर्दी के मौसम में इसे नहीं पीना चाहिए, क्योंकि कई बार इससे गले में खराश, खांसी और सीने में दर्द की शिकायत भी हो सकती है। एलोवेरा शरीर में नए सेल्स को बनाता है और उनका ग्रोथ भी करता है, इसलिए कैंसर रोगी इसे न पिएं।

2. आंवला जूस (Amla juice) :
लाभ- वजन कंट्रोल करता है, आंखों, बालों और स्किन के लिए फायदेमंद होता है। इम्यूनिटी और डाइजेशन सिस्टम को मज़बूत बनाता है। शरीर की गर्मी को बाहर करने के साथ-साथ एसिडिटी और कोलेस्ट्रॉल की शिकायत भी दूर करता है।
कब-कितना लें- सुबह खाली पेट पानी के साथ 20 से 40 मिली.।
एहतियात- गर्मियों में तो इसे कोई भी व्यक्ति पी सकता है, लेकिन कफ की समस्या से जूझ रहे व्यक्ति को बारिश और ठंड के दिनों में इससे परहेज करना चाहिए।
3. जामुन का रस (Jamun juice) : 
लाभ- डायबिटीज रोगियों के लिए खासतौर से फायदेमंद। ब्लड में शुगर की मात्रा को कंट्रोल करता है। डाइजेशन सिस्टम को सही रखने में मददगार होता है।
कब-कितना लें- सुबह खाली पेट पानी के साथ 20 मिली.।
एहतियात- कसैला होने के कारण वात प्रकृति के लोगों के लिए हानिकारक हो सकता है। गले में खराश या दर्द की शिकायत होने पर भी इसका सेवन न करें।

4. करेले का रस (Karele ka juice) : 
लाभ- डायबिटीज का खतरा कम करता है।
कब-कितना लें- सुबह खाली पेट पानी के साथ 20 मिली.।
एहतियात- ठंड खत्म होने का दौर में इससे परहेज करना चाहिए। इससे पेट दर्द और गैस की शिकायत हो सकती है। दस्त होने पर भी इसे पीना अवॉयड करना चाहिए।

5. जवारे का रस (Jaware ka ras) :
लाभ- खून की कमी दूर करता है। कैंसर मरीजों के लिए फायदेमंद होता है।
कब-कितना लें- सुबह खाली पेट पानी के साथ 40 मिली.।
एहतियात- डायबिटीज की शिकायत हो, तो इससे परहेज करें।

Source : http://www.ajabgjab.com/2015/10/herbal-juices-benefits-and-side-effects.html
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3 comments:

--->--->श्रीमती जानकी पुरुषोत्तम मीणा जिनका 08 अप्रेल, 2012 को असमय निधन हो गया!

--->--->श्रीमती जानकी पुरुषोत्तम मीणा जिनका 08 अप्रेल, 2012 को असमय निधन हो गया!
सभी के स्वस्थ एवं सुदीर्घ जीवन की कामना के साथ-मेरे प्यारे और दुलारे तीन बच्चों की ममतामयी अद्वितीय माँ (मम्मी) जो दुखियों, जरूतमंदों और मूक जानवरों तक पर निश्छल प्यार लुटाने वाली एवं अति सामान्य जीवन जीने की आदी महिला थी! वह पाक कला में निपुण, उदार हृदया मितव्ययी गृहणी थी! मेरी ऐसी स्वर्गीय पत्नी "जानकी मीणा" की कभी न भुलाई जा सकने वाली असंख्य हृदयस्पर्शी यादों को चिरस्थायी बनाये रखते हुए इस ब्लॉग को आज दि. 08.08.12 को फिर से पाठकों के समक्ष समर्पित कर रहा हूँ!-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'

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Cucumber कब्जी कमजोरी कमर दर्द करेला कर्ण वेदना कर्णरोग कष्टार्तव-Dysmenorrhea कांच निकलना काजू कान कानून सम्मत काम काम शक्ति कामशक्ति कामशक्ति-Sexual power कामोत्तेजना कायाकल्प कार्बोहाइड्रेट कार्बोहाइड्रेट-Carbohydrates काला जीरा काला नमक काली जीरी काली तुलसी काले निशान कास-खांसी-Cough किडनी किडनी स्‍टोन कीड़े कुकरौंधा कुकुंदर कुटकी-Black Hellebore कुबडापन कुल्थी कुल्ला कुष्ठ कृमि केला केसर कैफीन-Caffeine कैलोरी कैलोरी चार्ट कैलोरी-Calories कैवांच कैविटी कैंसर कॉफी कॉफ़ी कोंडी घास कोढ़ कोबरा कोलेस्ट्रॉल कोलेस्ट्रॉल-Cholesterol कोलेस्ट्रोल कौंच कौमार्य क्रियाशीलता क्रोध क्षय रोग-Tuberculosis क्षारीय तत्व क्षुधानाश खजूर खजूर की चटनी खनिज खरबूजा-Musk melon खरेंटी खरैंटी शिलाजीत खांसी खिरेंटी खिरैटी खीरा खुजली खुशी-Joy खुश्की खुश्बू खोया गंजापन-Baldness गठिया गठिया-Arthritis गठिया-Gout गड़तुम्बा गंध गन्ने का रस गरमा गरम गर्भधारण गर्भपात गर्भवती गर्भवती कैसे हों? गर्भावस्था गर्भावस्था की विकृतियां-Disorders of Pregnancy गर्भावस्था के दौरान संभोग-Sex During Pregnancy गर्भावस्था-Pregnancy गर्भाशय गर्भाशय-उच्छेदन के साइड इफेक्ट्स-Side Effects of Hysterectomy गर्म पानी गर्मी गर्मी-Heat गाजर गाजवां गांठ गाँठ-Knot गिलोय गिल्टी गुंदा गुदाभ्रंश गुर्दे गुलज़ाफ़री गुस्सा गृध्रसी गृह-स्वामिनी गैस गैस्ट्रिक गोक्षुरादि चूर्ण गोखरू गोखरू (LAND CALTROPS) गोंद कतीरा-Hog-Gum गोंदी गोभी-Cabbage गोरख मुंडी गोरखमुंडी ग्रीन-टी घमोरी घाघरा घाव चकवड़ चक्कर चपाती चमत्कारिक सब्जियां चर्बी चर्म चर्म रोग चर्मरोग चाय चाय-Tea चालीस के पार-Forty Across चिकनगुनिया चिकित्सकीय चिरायता-Absinth चिरोटा चुंबन चोक चौलाई छपाकी छरहरी काया छाछ छाले छीकें छुआरा छुहारा छोटा गोखरू छोटा धतूरा छोटी हरड़ जंक फूड जकवड़ जंगली-कटीली चौलाई जटामांसी-Spikenard जलजमनी जलन जलोदर रोग-Ascites Disease जवारा जवारे जवासा-Alhag जहर जामुन का जूस जायफल जिगर जीरा जीवन रक्षक जीवनी शक्ति जुएं जुकाम जुलाब जूएं जूस जूस-Juice जोड़ों के दर्द जोड़ों में दर्द जौ ज्यूस ज्योति ज्वर ज्वर-Fiver झाइयाँ झांईं झुर्रियाँ झुर्रियां झुर्री झूठे दर्द टमाटर का रस टमाटर-Tomatoes टाइफाइड टायफायड टूटी हड्डी टॉन्सिल टोटला ट्यूमर ठेकेदार डॉक्टर डकार डायबिटीज डायरिया डिटॉक्सीफाई डिटॉक्सीफिकेशन डिनर डिब्बाबंद भोजन डिलेवरी डीकामाली डीगामाली डेंगू डेंगू-Dengue डॉ. निरंकुश डॉ. मीणा ढीलापन ढीली योनि तकलीफ का सही इलाज तरबूज-Watermelon तलाक ताकत तिल तिल्ली तुंबा तुंबी तुलसी तेल त्रिदोषनाशक त्रिफला त्वचा त्वचा रोग थकान थाईरायड थायरायड-Thyroid थायरॉइड दण्डनीय अपराध दंत वेदना दन्तकृमि दन्तरोग दमा दर वेदना दर्द दर्द निवारक दवा दर्दनाक दस्त दही दाग-धब्बे-Stains-Spots दाढ़ दांत दांतो में कैविटी-Teeth Cavity दाद दाम्पत्य दाम्पत्य विवाद सलाहकार दाम्पत्य-Conjugal दाल दालचीनी दालें दिल दुर्गंध दुर्बलता दुष्प्रभाव दुष्प्रभावरहित दूध दूध वृद्धि दूधी दूधी-Milk Hedge दृष्टिदोष द्रोणपुष्पी-Leucas Cephalotes धड़कन धनिया बीज धनिया-Coriander धमासा धातु धातु पतन धार्मिक धैर्यहीन नज़ला नपुंसकता नाक नाखून नागबला नागरमोथा नाडी हिंगु नाड़ी हिंगु (डिकामाली) नामर्दी नारकीय पीड़ा नारियल नाश्ता निमोनिया निम्न रक्तचाप निम्बू नियासिन निराश निरोगधाम निर्गुण्डी निसोरा नींद नींबू नींबू-Lemon नीम-azadirachta indica नुस्खे नुस्खे-Tips नेगड़ नेगड़-निर्गुन्डी-Vitex negundo नेत्र रोग नैतिक नोनिया नौसादर न्युमोनिया-Pneumonia पक्षघात पढ़ने में मन लगेगा पंतजलि पत्तागोभी-CABBAGE पत्थर फोड़ी पत्थरचट्टा पत्नी पथरी पदार्थ पनीर पपीता पपीता-CARICA PAPPYA पमाड परदेशी लांगड़ी परहेज पराठा परिस्थिति पवाड़ पवाँर पाइल्स पाक-कला पाचक पाचन पाठक संख्या 16 लाख पार पाठक संख्या पंद्रह लाख पायरिया पारिजात पालक पालक-Spinach पित्त पित्ती पिंपल-मुंहासे-Pimples-Acne पिरामिड पीलिया पीलिया-Jaundice पीलिया-कामला-Jaundice पुआड़ पुदीना पुनर्नवा-साटी-सौंटी-Punarnava पुरुष पेचिश पेट के कीड़े पेट दर्द पेट में गैस पेट रोग पेड़ पेशाब में रुकावट पेंसिल थेरेपी-Pencil Therapy पौधे पौरुष पौष्टिक रागी रोटी प्याज-Onion प्यास प्रजनन प्रतिरक्षा प्रतिरक्षा प्रणाली प्रतिरोधक प्रतिरोधक-Resistance प्रदर प्रमेह प्रवाहिका (पेचिश)-Dysentery प्रसव प्रसव सुरक्षा चक्र प्रसव-पीड़ा प्रसूति प्राणायाम प्रेग्नेंसी-Pregnancy प्रेमिका प्रोटीन प्रोटीन का कार्य प्रोटीन के स्रोत प्रोस्टेट ग्रन्थि प्लीहा प्लूरिसी-Pleurisy प्लेटलेट्स फफूंद-Fungi फरास फल फल-Fruit फाइबर फिटकरी फुंसी-Pimples फूलगोभी-CAULIFLOWER फेंफड़े फैट फैटी लीवर फोटोफोबिया फोड़ा फोड़े-Boils फोलिक एसिड फ्लू फ्लू-Flu फ्लेक्स सीड्स बकायन बकुल बड़ी हरड़ बथुआ बथुआ पाउडर बथुआ-White Goose Foot बदबू बबूल-ACACIA बरसाती बीमारियाँ बरसाती बीमारियां बलगम बलवृद्धि बला बलात्कार बवासीर बहरापन बहुनिया बहुमूत्रता- बांझपन बादाम-Almonds बादाम. बाल बाल झड़ना बाल झडऩा-Hair Falling बिना सिजेरियन मां बनें बिवाई बीजबंद बीमारियों के अनुसार औषधियां बीमारी बुखार बूंद-बूंद पेशाब बेल बेली बैक्टीरिया ब्र​ह्मदण्डी ब्रेस्ट ग्रोथ ब्लड प्रेशर ब्लैक मेलिंग ब्लॉकेज भगंदर भगंदर-Fistula-in-ano भगनासा भगोष्ठ भड़भांड़ भय भविष्य भस्मक रोग भावनात्मक भुई आंवला-Phyllanthus Niruri भूई आमला भूई आंवला भूख भूख बढ़ाने भूमि भूमि आंवला भोजनलीवर मकोय मकोय-Soleanum nigrum मंजीठ मटर-PEA मंद दृष्टि मंदाग्नि मदार मधुमेह मधुमेह-Diabetes मन्दाग्नि-Dyspepsia मरुआ मर्द मर्दाना मलेरिया मलेरिया (Malaria) मसाले मस्तिष्क मस्से मस्से-WARTS महत्वपूर्ण लेख महाबला माइग्रेन माईग्रेन माईंड सैट माजूफल मानसिक मानसिक लक्षण मानसिक-Mental मानिसक तनाव-Mental Stress मायोपिया मासिक मासिक-धर्म मासिकधर्म मासिकस्राव माहवारी मिनरल मिर्गी मिर्च-Chili मीठा खाने की आदत मुख मैथुन-ओरल सेक्स-Oral Sex मुधमेह मुलहठी मुलेठी मुहाँसे मूँगफली मूड डिस्ऑर्डर-Mood Disorders मूत्र मूत्र असंयमितता मूत्र में जलन-Burning in Urine मूत्राशय मूर्च्छा (Unconsciousness) मूली मूली कर रस मृत्यु मृत्युदण्ड मेथी मेथी दाना मेंहदी मैथुन मोगरा (Mogra) मोटापा मोटापा-Obesity मोतियाबिंद मौत मौलसिरी मौसमी बीमारियां यकृत यकृत प्लीहा यकृत वृद्धि-Liver Growth यकृत-लीवर-जिगर-Lever यूपेटोरियम परफोलियेटम यूरिक एसिड लेबल योग विज्ञापन योन योनि योनि ढीली योनि शिथिल योनि शूल-Vaginal Colic योनि संकोचन योनी योनी संकोचन यौन यौन आनंद यौन दौर्बल्य यौनशक्ति यौनशिक्षा यौनसुख यौनानंद यौनि रक्त प्रदर (Blood Pradar) रक्त रोहिड़ा-TECOMELLA UNDULATA रक्तचाप रक्तपित्त रक्तशोधक रक्ताल्पता रक्ताल्पता (एनीमिया)-Anemia रस-juices रातरानी Night Blooming Jasmine/Cestrum nocturnum रामबाण रामबाण औषधियाँ-Panacea Medicines रुक्षांश रूढिवादी रूसी रूसी मोटापा रेचक रेठु रोग प्रतिरोधक लकवा लक्षण लक्ष्मी लंच लसोड़ा लस्सी लहसुन लहसुन-Garlic लाइलाज लाइलाज का इलाज लाक्षणिक जानकारी लाभ लिंग लिंग प्रवेश लिसोड़ा लीकोरिया लीवर लीवर-Liver लू-hot wind लैंगिक लोनिया लौकी लौंग की चाय ल्युकोरिया ल्यूकोरिया ल्यूज योनी वजन वज़न वजन कम वजन बढाएं-Weight Increase वन/जंगली तुलसी वनौषधियाँ वमन वमन विकृति-Vomiting Distortion वसा वात वात श्लैष्मिक ज्वर वात-Rheumatism वायरल वायरल फीवर वायरल बुखार-Viral Fever वासना विटामिन विधारा वियाग्रा-Viagra विरह वेदना विलायती नीम विष विष हरनी विषखपरा वीर्य वीर्य वृद्धि वीर्यपात वृक्कों (गुर्दों) में पथरी-Renal (Kidney) Stone वृक्ष वैज्ञानिक वैधानिक वैवाहिक जीवन वैवाहिक जीवन-Marital वैवाहिक रिश्ते वैश्यावृति व्यायाम शंखपुष्पी शरपुंखा शराब शरीफा-सीताफल-Custard apple शर्करा शलगम-Beets शल्यक्रिया शहद शहद-Honey शारीरिक शिथिलता शीघ्र पतन शीघ्रपतन शुक्राणु-Sperm शुक्राणू शुगर शोथ श्योनाक श्रेष्ठतर श्वास श्वांस श्वेत प्रदर श्वेत प्रदर-Leucorrhea श्वेतप्रदर षड़यंत्र संकुचन संकोच संक्रमण संखाहुली संतरा-Orange संतान संतुष्टि सत्यानाशी सदा सुहागन सदाफूली सदाबहार सदाबहार चूर्ण सनबर्न सफ़ेद दाग सफेद पानी सब्जि सब्जियां-Vegetables सब्जी संभालू संभोग समर्पण-Dedication सरकार को सुझाव सरफोंका सरहटी सर्दी सर्दी जुकाम-Cold सर्पक्षी सर्पविष सलाद संवेदना सहदेई सहदेवी साइटिका साइटिका-Sciatica साइड इफेक्ट्स साबूदाना-Sago सायटिका सिजेरियन सिर दर्द सिर वेदना सिरका सिरदर्द सिरोसिस सीजर डिलेवरी सुगर सुदर्शन सुहागा सूखा रोग सूजन सेक्स सेक्स परामर्श-Sex Counseling सेक्स पावर सेक्स समस्या सेक्स हार्मोन सेक्‍स-Sex सेंधा नमक सेब सेमल-Bombax Ceiba सेल्स सोजन-सूजन सोंठ सोना पाठा सोयाबीन सोयाबीन (Soyabean) सोयाबीन-Soyabean सोराइसिस सोरियासिस-Psoriasis सौंठ सौंदर्य सौंदर्य-Beauty सौन्दर्य सौंफ सौंफ की चाय सौंफ-Fennel स्किन स्तन स्तन वृद्धि स्तनपान स्तम्भन स्त्री स्त्रीत्व स्त्रैण स्वप्न दोष स्वप्नदोष स्वप्नदोष-Night Fall स्वभाव स्वभावगत स्वरभंग स्वर्णक्षीरी स्वस्थ स्वास्थ्य स्वास्थ्य रक्षक सखा हजारदानी हड़जोड़ हड्डी हड्डी में दर्द हड्डीतोड़ ज्वर हड्डीतोड़ बुखार हरड़ हरसिंगार हरी दूब-CREEPING CYNODAN हरीतकी हर्टबर्न हस्तमैथुन हस्तमैथुन-Masturbation हारसिंगार हालात हिचकी हिचकी-Hiccup हिमोग्लोबिन-hemoglobin हिस्टीरिया हिस्टीरिया-Hysteria हींग 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