परामर्श समय : 10 AM से 10 PM के बीच। Mob & Whats App No. : 9875066111

सभी लेखों में लिखी गयी दवाईयों का विवरण जनहित में स्वास्थ्य और बीमारियों के बारे में जागरूकता के लिए लिखा गया है। पाठक कृपया स्वयं अपना इलाज करने का खतरा मोल नहीं लें।

कृपया अपने चिकित्सक के परामर्श के बिना, सुझाई गयी (किसी भी प्रकार की) दवा का सेवन नहीं करें।

Please Do not take any (kind of) suggested medicine, without consulting your doctor.

हमारे 95 फीसदी रोगियों को व्यक्तिगत रूप से हम से आकर मिलने की जरूरत नहीं पड़ती। यद्यपि रोगियों की संख्या अधिक होने के कारण, आपको इन्तजार करना पड़ सकता है। कृपया धैर्यपूर्वक सहयोग करें। (Due to the high number of patients, you may have to wait. Please patiently collaborate.)

डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' आॅन लाईन होम्योपैथ एवं परम्परागत चिकित्सक, 9875066111

परामर्श समय : 10 AM से 10 PM के बीच। Mob & Whats App No. : 9875066111

एलर्जी का उपचार

एलर्जी का उपचार
===========
>>>>>एलर्जी (Allergy) एवं अतिसंवेदनशीलता (Oversentiveness) : किसी भी वस्तु का अनुभव करना संवेदनशीलता कहलाता है और जो व्यक्ति अधिक संवेदनशील होता है, उसे छोटी सी व्स्तु भी बहुत बड़ी महसूस होती है, अधिक संवेदनशीलता होने के कारण रोग ग्रस्त स्थान पर हल्का सा छू देने से भी तेज दर्द होता है और छू जाने के डर से भी रोगी काँप उठता है। इस तरह हल्का सा छूने से उत्पन्न दर्द आदि को ही अतिसंवेदनशीलता कहते है।

>>>>>कभी-कभी संवेदनशीलता गंभीर परेशानी का सबब बन जाती है, जब हमारा शरीर किसी पदार्थ के प्रति अतिसंवेदनशीलता दर्शाता है तो इसे एलर्जी कहा जाता है और जिस पदार्थ के प्रति प्रतिक्रिया दर्शाई जाती है, उसे एलर्जेन [Allergens= A substance (पदार्थ) that causes an allergic reaction (एलर्जी की प्रतिक्रिया)] कहा जाता है। इस रोग के कारण रोगी के शरीर पर छोटे-छोटे दाने निकल आते है और कभी-कभी तो इन दानों के साथ शरीर में खुजली भी मचने लगती है। इस रोग के कारण कभी-कभी रोगी के गाल तथा शरीर की त्वचा शुष्क हो जाती है।

एलर्जी की प्रतिक्रियाएं :

>>>>>अस्थमा (asthma), राइनाइटिस (Rainaitis/नासा शोध), एक्जिमा (Eczema/शरीर पर दाग धब्बे निकल जाना), माइग्रेन (आधे सर का दर्द ), पाचन संबंधी विकार (भोजन पचने में परेशानी)। इसके अलावा इस रोग के कारण व्यक्तियों को अन्य अनेक प्रकार की बीमारियां भी होती देखी जाती हैं, जो की हृदय रोग, अल्सर, दमा, एक्जिमा व मधुमेह आदि, एलर्जी के कारण रोगी एनाफाएजेटिक शॉक में भी जा सकता है और आपात्कालीन स्थिति निर्मित हो सकती है।

एलर्जी होने के कारण :
1. प्राकृतिक चिकित्सा के अनुसार एलर्जी उन लोगों को होती है, जिनके शरीर में रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक शक्ति कम हो जाती है।
2. यह रोग नशीले पदार्थों के सेवन, हानिकारक पदार्थ का पेट में चले जाना, पेट में कीड़े होना तथा रसायन युक्त भोजन का सेवन, सोंदर्य प्रसाधनों, किसी विशेष प्रकार का भोजन ग्रहण करने के कारण हो सकता है।
3. औषधियों का अधिक प्रयोग करने के कारण भी एलर्जी हो सकती है।
4. चीनी का अधिक सेवन करना या इससे बनी मिठाइयों का सेवन करने से भी एलर्जी रोग हो सकता है।
5. सिंथेटिक कपडे पहनने तथा अत्यधिक मानसिक तनाव हो जाने के कारण भी एलर्जी रोग हो सकता है।
6. बीमारी की हालत में अधिक सेक्स करने से भी एलर्जी रोग हो सकता है।
7. अधिक सोड़े वाला साबुन उपयोग करने से भी एलर्जी रोग हो सकता है।
8. कुछ लोगों में एलर्जी का कारण खाद्य पदार्थ होता है-जैसे दूध, दही, मछली, अंडे, गिरीदार फल आदि।
9. एलर्जी गेहू का आटा या चॉकलेट खाने से भी एलर्जी हो सकती है।
10. एंटीबायोटिक दवाइयों का प्रयोग करना तथा ज्वेलरी आदि से भी एलर्जी हो सकती है.

स्थानानुसार एलर्जी के लक्षण :

1. नाक की एलर्जी-नाक में खुजली होना, छीकें आना, नाक बहना, नाक बंद होना या बार बार जुकाम होना आदि।
2. आँख की एलर्जी-आखों में लालिमा, पानी आना, जलन होना, खुजली आदि।
3. श्वसन संस्थान की एलर्जी-इसमें खांसी, साँस लेने में तकलीफ एवं अस्थमा जैसी गंभीर समस्या हो सकती हैं।
4. त्वचा की एलर्जी-त्वचा की एलर्जी काफी कॉमन है और बारिश का मौसम त्वचा की एलर्जी के लिए बहुत ज्यादा मुफीद है, त्वचा की एलर्जी में त्वचा पर खुजली होना, दाने निकलना, एक्जिमा, पित्ती उछलना आदि होता है।
5. खान पान से एलर्जी-बहुत से लोगों को खाने पीने की चीजों जैसे दूध, अंडे, मछली, चॉकलेट आदि से एलर्जी होती है।
6. सम्पूर्ण शरीर की एलर्जी-कभी कभी कुछ लोगों में एलर्जी से गंभीर स्थिति उत्पन्न हो जाती है और सारे शरीर में एक साथ गंभीर लक्षण उत्पन्न हो जाते हैं ऐसी स्तिथि में तुरंत हॉस्पिटल लेकर जाना चाहिए।
8. अंग्रेजी दवाओं से एलर्जी-कई अंग्रेजी दवाएं भी एलर्जी का सबब बन जाती हैं। जैसे पेनिसिलिन का इंजेक्शन जिसका रिएक्शन बहुत खतरनाक होता है और मौके पर ही मौत हो जाती है। इसके अलावा दर्द की गोलियां, सल्फा ड्रग्स एवं कुछ एंटीबायोटिक दवाएं भी सामान्य से गंभीर एलर्जी के लक्षण उत्पन्न कर सकती हैं।
9. मधु मक्खी ततैया आदि का काटना–इनसे भी कुछ लोगों में सिर्फ त्वचा की सूजन और दर्द की परेशानी होती है, जबकि कुछ लोगों को इमर्जेन्सी में जाना पड़ जाता है।

एलर्जी से बचाव/Avoidance of Allergens : 
>>>>>एलर्जी से बचाव ही एलर्जी का सर्वोत्तम इलाज है। इसलिए एलर्जी से बचने के लिए इन उपायों का पालन करना चाहिए। य़दि आपको एलर्जी है तो सर्वप्रथम ये पता करें की आपको किन—किन चीजों से एलर्जी है। इसके लिए आप ध्यान से अपने खान-पान और रहन-सहन को वाच करें।
1. घर के आस पास गंदगी ना होने दें।
2. घर में अधिक से अधिक खुली और ताजा हवा आने का मार्ग प्रशस्त करें।
3. जिन खाद्य पदार्थों से एलर्जी है, उन्हें न खाएं।
4. एकदम गरम से ठण्डे और ठण्डे से गरम वातावरण में ना जाएं।
5. बाइक चलाते समय मुंह और नाक पर रुमाल बांधे, आँखों पर धूप का अच्छी क़्वालिटी का चश्मा लगायें।
6. गद्दे, रजाई, तकिये के कवर एवं चद्दर आदि समय—समय पर गरम पानी से धोते रहें।
7. रजाई, गद्दे, कम्बल आदि को समय—समय पर धूप दिखाते रहें।
8. पालतू जानवरों से एलर्जी है तो उन्हें घर में ना रखें।
9. ज़िन पौधों के पराग कणों से एलर्जी है, उनसे दूर रहें।
10. घर में मकड़ी वगैरह के जाले ना लगने दें। समय—समय पर साफ सफाई करते रहें।
11. धूल मिट्टी से बचें, यदि धूल मिट्टी भरे वातावरण में काम करना ही पड़ जाये तो फेस मास्क पहन कर काम करें।

एलर्जी का प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार/Naturopathy Treatment of Allergies :

1-एलर्जी रोग से पीड़ित रोगी का प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार करने के लिए सबसे पहले रोगी को 4-5 दिनों तक निम्बू पानी, नारियल पानी, सब्जियों का रस और फलों के रसों का सेवन करके उपवास रखना चाहिए। इसके बाद एक सप्ताह तक बिना पका हुआ भोजन का सेवन करना चाहिए।
2-इस रोग से पीड़ित रोगी को कभी भी डिब्बाबंद खाद्य,नमक तथा चीनी का सेवन सेवन नहीं करना चाहिए, क्योकि इससे रोग गंभीर हो सकता है।
3-एलर्जी से पीड़ित रोगी को सोयाबीन दूध में डालकर पीना चाहिए, इसका प्रतिदिन सेवन करने से यह रोग कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है।
4-एलर्जी के रोगी व्यक्ति कुछ दिनों तक सुबह खाली पेट नीम के पत्तों को पीसकर पानी में मिलाकर पीना चाहिए तथा आधे घंटे तक कुछ भी नहीं खाना चाहिए।
5-प्रतिदिन आंवले के चूर्ण में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर पानी के साथ सेवन करने से एलर्जी रोग जल्द ही ठीक हो जाता है।
6-एलर्जी के रोगी को सूर्यतृप्त नीली बोतल का पानी पीना चाहिए।

एलर्जी का होमोयोपेथिक उपचार/Homeopathic Treatment of Allergies :

1. Apis Mellifica : कीट-पतंगों से एलजीं होने तथा सूजन आने पर पर ‘एपिस’ 30 शक्ति का प्रयोग करना चाहिए।
2. अर्जेन्टम नाइट्रिकम/Argentum nitricum 200 : कोई चीज खाने से एलर्जी के लक्षण दिखाई दे तो उपचार के इस औषधि की 30 शक्ति का प्रयोग करना चाहिए। इस औषधि का प्रयोग श्लेष्मिक झिल्ली तथा शरीर के किसी भी अंग पर विशेष कर फेफड़ों पर एलर्जी के प्रभाव को ठीक करने के लिए किया जाता है।
3. ऐसेरम यूरोपम/Asarum Europaeum 200 : कभी-कभी रोगी को आवाज के प्रति संवेदनशीलता आ जाती है, रोगी हलकी आवाजें भी बर्दाश्त नहीं कर पाता, रोगी को हर समय ठण्ड लगती है।
4. आर्सेनिक एल्बम/Arsenic Album 200 : पुराने जुकाम, नजला, छींक आना, नाक से गर्म स्त्राव होना, ठण्ड लगना, समुद्र के किनारे जाने से रोग का बढ़ जाना आदि में उपयोग होता है।
5. आर्सेनिक एल्बम/Arsenic Album 200+3-नक्स-वोमिका/ Nux Vomica-30 : खाद्य पदार्थों से एलर्जी होने पर ‘आर्सेनिक’ 30 शक्ति में व ‘नक्सवोमिका’ 30 शक्ति में।
6. बेलाडोना/Belladonna-30/200 : रोगी को हल्की सी आवाज भी बर्दाश्त नहीं होती, शोर से रोगी गुस्सा हो जाता है। चेहरा लाल पड़ने पर
7. ब्रोमीन-30 : धूल से एलर्जी होने पर ‘ब्रोमीन’ 30 शक्ति में।
8. कैमोमिला/Chamomilla 30 : इस औषधि का सेवन करने से रोगी में दर्द सहन करने की शक्ति बढ़ती है।
9. काफ़िया/Coffea 200 : किसी भी अंग में होने वाले तेज दर्द जिसे रोगी बिलकुल बर्दाश्त नही कर पाता, रोगी दर्द वाले स्थान पर छू जाने का अनुभव करके ही डर जाता है।
10. डल्कामारा/Dulcamara 30 : शरीर पर पित्ती उछलने पर ‘डल्कामारा’ 30 शक्ति में ।
11. इग्नेशिया/Ignatia Amara 30 या 200 : तम्बाकू व धुएं से एलर्जी होने पर ‘इग्नेशिया’ 30 या 200 शक्ति में।
12. नैट्रम म्यूर/Natrum Muriaticum 200 : फूल की गंध, अंडे, प्याज, गेहूं, शहद, दूध, मांस आदि से एलर्जी होने पर इस औषधि का सेवन किया जा सकता है।
13. नैट्रम म्यूर/Natrum Muriaticum 200 : अत्यधिक छींक आने पर नाक टपकने पर ‘नेट्रमम्यूर’ 200 की एक खुराक व ‘एलियम सीपा’ 30 शक्ति में।
14. नक्स-वोमिका/Nux Vomica 200 : संवेदनशीलता में ऐसे लक्षण जिसमें रोगी किसी भी प्रकार के बाहरी अनुभूति से संवेदनशील हो जाता है। जिसके कारण रोगी छोटी-छोटी बातों पर भी ग़ुस्सा हो जाता है।
15. सोरिनम/Psorinum 200 : गेहूं से एलर्जी होने पर।
16. ट्यूबरकुलीनम/Tuberculinum : जिस व्यक्ति को दूध, दही, दूध से बने पदार्थों, अंडा, मछली या मांस से किसी भी प्रकार की कोई एलर्जी हो तो पहले इस औषधि की 200 शक्ति का सेवन सप्ताह में एक बार दो सप्ताह तक ले। इससे लाभ न हो तो सल्फर औषधि की 1m/1000 का सेवन करें।
17. सल्फर/Sulphur 200 : चॉकलेट से एलर्जी होने पर
18. अर्टिका युरेन्स/Urtica Urens 200 : दूध पीने से पित्ती उछलने के लक्षण में इस औषधि के मूलार्क का सेवन करना चाहिए।
19. पायोस 200 : धूल-मिटटी के कारण दमा रोग होना भी एक प्रकार की एलर्जी है। इस तरह के लक्षण में यह औषधि उपयोगी होती है।
20. अर्टिका युरेन्स/Urtica Urens-Q : शरीर पर चकत्ते पड़ने पर ‘आर्टिका यूरेंस’ औषधि मूल अर्क में लें। शैल फिश (एक प्रकार की मछली) खाने से होने वाली एलर्जी में भी यह लाभकारी है।

0 जानकारी अच्छी लगे तो कृपया एक कमेंट अवश्य करें।:

Post a Comment

--->--->श्रीमती जानकी पुरुषोत्तम मीणा जिनका 08 अप्रेल, 2012 को असमय निधन हो गया!

--->--->श्रीमती जानकी पुरुषोत्तम मीणा जिनका 08 अप्रेल, 2012 को असमय निधन हो गया!
सभी के स्वस्थ एवं सुदीर्घ जीवन की कामना के साथ-मेरे प्यारे और दुलारे तीन बच्चों की ममतामयी अद्वितीय माँ (मम्मी) जो दुखियों, जरूतमंदों और मूक जानवरों तक पर निश्छल प्यार लुटाने वाली एवं अति सामान्य जीवन जीने की आदी महिला थी! वह पाक कला में निपुण, उदार हृदया मितव्ययी गृहणी थी! मेरी ऐसी स्वर्गीय पत्नी "जानकी मीणा" की कभी न भुलाई जा सकने वाली असंख्य हृदयस्पर्शी यादों को चिरस्थायी बनाये रखते हुए इस ब्लॉग को आज दि. 08.08.12 को फिर से पाठकों के समक्ष समर्पित कर रहा हूँ!-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'

Label Cloud

(Tribulus Terrestris) Abutilon Indicum Allergy Aloevera Juice Alum Amaranthus spinosus Ammonium chloride Ash-coloured Fleabane Bauhinia purpurea Bernini’s Cinema Bitter Gourd Black night shade Blumea Lacera Borax Calories Calories Chart Care Carrots Castor beans Chanca Piedra Cheese Chenopodium Album Cholesterol Convolvulus Pluricaulis Cumin Date Palm Dengue Diabetes Emblic Myrobalan Fatty liver Femininity FENUGREEK Fenugreek Seeds Folic Acid Gardenia Gummifera Garlic Ginger Gooseberry Gourd Groundnut-peanut Guava Hair Falling Health Health Care Friend Health Links Hepatitis Homeopathic Homeopathy Honey How to get pregnant? Immunity IMPOTENCY Juice Juice of Berries LAND CALTROPS Lemon Leucorrhea Lever Liver Cirrhosis Liver fibrosis Low Blood Pressure Mexican Daisy Migraine Myopia Night Jasmine Nutmeg Obesity Omega 3 Oroxylum indicum Portulaca Oleracea Prostate Gland Protein Radish rectum collapse Saffron Senna occidentalis Sex Sperms Spiny Amaranth Stone Breaker Tips Tribulus Terrestris Tridax Procumbens Unquenchable Conjugal Vitamins White Discharge अंकुरित अनाज अंकुरित गेहूं-Wheat germ अंकुरित भोजन-Sprouts अखरोट अंगूर-Grapes अचूक चमत्कारिक चूर्ण अजवाइन अजवायन अजीर्ण-Indigestion अंडकोष अडूसा (वासा)-Adhatoda Vasika-Malabar nut अण्डी अतिबला अतिसार अतिसार-Diarrhea अतृप्त अतृप्त दाम्पत्य अदरक अदरख अध्ययन अनिद्रा अपच अपराधबोध अफरा अफीम अमरूद अमृता अम्लपित्त-Pyrosis अरंडी अरण्ड अरण्डी अरलू अरुचि अरुचि-Anorexia-Distaste अर्जुन अर्थराइटिस अर्द्धसिरशूल अर्श अर्श रोग-बवासीर-Hemorrhoids-Piles अलसी अल्सर अल्सर-Ulcers अवसाद अवसाद-Depression अश्वगंधा-Winter Cherry असफल असर नहीं असली अस्थमा अस्थमा-दमा-Asthma आइरन आक आकड़ा आत्महत्या आंत्र कृमि आंत्रकृमि-Helminth आंत्रिक ज्वर-टायफाइड-Typhoid fever आधाशीशी आधासीसी आंधीझाड़ा-ओंगा-अपामार्ग-Prickly Chalf flower आमला आमवात आमाशय आयुर्वेद आयुर्वेदिक उपचार आयुर्वेदिक औषधियां आयुर्वेदिक सीरप-Ayurvedic Syrup आयुर्वेदिक-Ayurvedic आरोग्य आँव आंव आंवला आंवला जूस आंवला रस आशावादी-Optimistic आसन आसान प्रसव-Easy Delivery आहार चार्ट आहार-Food आॅर्गेनिक इन्द्रायण- इमर्जेंसी में होम्योपैथी इमली-Tamarind Tree इम्युनिटी इलाज इलाज का कुल कितना खर्चा इलायची उच्च रक्तचाप उच्च रक्तचाप-High Blood Pressure-Hypertension उत्तेजक उत्तेजना उदर शूल-Abdominal Haul उन्माद-Mania उपवास उम्र उल्टी ऊर्जा एक्जिमा एक्यूप्रेशर एग्जिमा एजिंग-Aging एंटी ऑक्सीडेंट्स एंटी-ओक्सिडेंट एंटीऑक्सीडेंट एनजाइना एमिनो एसिड एरंड एलर्जी एलर्जी-Allergy एलोवेरा एलोवेरा जूस ऐलोपैथ ऐसीडिटी ऑर्गेनिक ओमेगा 3 के स्रोत ओमेगा-3 ओर्गेनिक औषध-Drug औषधि सूची-Drug List औषधियों के नुकसान-Loss of drugs कचनार कचनार-Bauhinia Purpurea कड़वाहट कंडोम कद्दू कनेर कपास-COTTON कपिकच्छू कफ कब्ज कब्ज़ कब्ज-कोष्ठबद्धता-Constipation कब्ज. Cucumber कब्जी कमजोरी कमर दर्द करेला कर्णरोग कष्टार्तव-Dysmenorrhea कांच निकलना काजू कान कानून सम्मत काम काम शक्ति कामशक्ति कामशक्ति-Sexual power कामोत्तेजना कायाकल्प कार्बोहाइड्रेट कार्बोहाइड्रेट-Carbohydrates काला जीरा काला नमक काली जीरी काली तुलसी काले निशान कास-खांसी-Cough किडनी कीड़े कुकरौंधा कुकुंदर कुटकी-Black Hellebore कुबडापन कुल्थी कुल्ला कुष्ठ कृमि केला केसर कैफीन-Caffeine कैलोरी कैलोरी चार्ट कैलोरी-Calories कैवांच कैविटी कैंसर कॉफी कॉफ़ी कोढ़ कोबरा कोलेस्ट्रॉल कोलेस्ट्रॉल-Cholesterol कौंच कौमार्य क्रियाशीलता क्षय रोग-Tuberculosis क्षारीय तत्व क्षुधानाश खजूर खजूर की चटनी खनिज खरबूजा-Musk melon खरेंटी खरैंटी शिलाजीत खांसी खिरेंटी खिरैटी खीरा खुजली खुशी-Joy खुश्की खुश्बू खूनबंद क​रने वाली रूखड़ी खोया गंजापन-Baldness गठिया गठिया-Arthritis गठिया-Gout गंध गन्ने का रस गरमा गरम गर्भधारण गर्भपात गर्भवती गर्भवती कैसे हों? गर्भावस्था गर्भावस्था की विकृतियां-Disorders of Pregnancy गर्भावस्था के दौरान संभोग-Sex During Pregnancy गर्भावस्था-Pregnancy गर्भाशय गर्भाशय-उच्छेदन के साइड इफेक्ट्स-Side Effects of Hysterectomy गर्म पानी गर्मी गर्मी-Heat गाजर गाजवां गांठ गाँठ-Knot गिलोय गिल्टी गुंदा गुदाभ्रंश गुलज़ाफ़री गृध्रसी गृह-स्वामिनी गैस गैस्ट्रिक गोक्षुरादि चूर्ण गोखरू गोखरू (LAND CALTROPS) गोंद कतीरा-Hog-Gum गोंदी गोभी-Cabbage गोरख मुंडी गोरखमुंडी घमोरी घाघरा घाव चकवड़ चक्कर चपाती चमत्कारिक सब्जियां चर्बी चर्म चर्म रोग चर्मरोग चाय चाय-Tea चालीस के पार-Forty Across चिकनगुनिया चिकित्सकीय चिरायता-Absinth चिरोटा चुंबन चोक चौलाई छपाकी छरहरी काया छाछ छाले छीकें छुआरा छुहारा छोटा गोखरू छोटा धतूरा छोटी हरड़ जकवड़ जंगली-कटीली चौलाई जटामांसी-Spikenard जलजमनी जलन जलोदर रोग-Ascites Disease जवारे जवासा-Alhag जहर जामुन का जूस जायफल जीरा जीवन रक्षक जीवनी शक्ति जुएं जुकाम जुलाब जूएं जूस जूस-Juice जोड़ों के दर्द ज्योति ज्वर ज्वर-Fiver झाइयाँ झांईं झुर्रियाँ झुर्रियां झुर्री झूठे दर्द टमाटर-Tomatoes टाइफाइड टायफायड टूटी हड्डी टॉन्सिल टोटला ट्यूमर ठेकेदार डॉक्टर डकार डायबिटीज डायरिया डिनर डिलेवरी डीकामाली डीगामाली डेंगू डेंगू-Dengue डॉ. निरंकुश डॉ. मीणा ढीलापन ढीली योनि तकलीफ का सही इलाज तरबूज-Watermelon तलाक ताकत तिल तिल्ली तुंबा तुंबी तुलसी तेल त्रिदोषनाशक त्रिफला त्वचा त्वचा रोग थकान थाईरायड थायरायड-Thyroid थायरॉइड दण्डनीय अपराध दन्तकृमि दन्तरोग दमा दर्द दर्दनाक दस्त दही दाग-धब्बे-Stains-Spots दाढ़ दांत दांतो में कैविटी-Teeth Cavity दाद दाम्पत्य दाम्पत्य-Conjugal दाल दालचीनी दालें दिल दुर्गंध दुर्बलता दुष्प्रभाव दूध दूधी दूधी-Milk Hedge दृष्टिदोष द्रोणपुष्पी-Leucas Cephalotes धड़कन धनिया-Coriander धमासा धातु धातु पतन धार्मिक नज़ला नपुंसकता नाक नाखून नागबला नागरमोथा नाडी हिंगु नाड़ी हिंगु (डिकामाली) नामर्दी नारकीय पीड़ा नारियल नाश्ता निमोनिया निम्न रक्तचाप निम्बू नियासिन निराश निरोगधाम निर्गुण्डी निसोरा नींद नींबू नींबू-Lemon नीम-azadirachta indica नुस्खे नुस्खे-Tips नेगड़ नेगड़-निर्गुन्डी-Vitex negundo नेत्र रोग नैतिक नौसादर न्युमोनिया-Pneumonia पक्षघात पढ़ने में मन लगेगा पंतजलि पत्तागोभी-CABBAGE पत्थर फोड़ी पत्थरचट्टा पत्नी पथरी पदार्थ पनीर पपीता पपीता-CARICA PAPPYA पमाड परदेशी लांगड़ी परहेज पराठा परिस्थिति पवाड़ पवाँर पाइल्स पाक-कला पाचक पाचन पाठक संख्या 16 लाख पार पाठक संख्या पंद्रह लाख पायरिया पारिजात पालक पालक-Spinach पित्त पित्ती पिंपल-मुंहासे-Pimples-Acne पिरामिड पीलिया पीलिया-Jaundice पीलिया-कामला-Jaundice पुआड़ पुदीना पुनर्नवा-साटी-सौंटी-Punarnava पुरुष पेचिश पेट के कीड़े पेट दर्द पेट में गैस पेट रोग पेड़ पेशाब में रुकावट पेंसिल थेरेपी-Pencil Therapy पौधे पौरुष पौष्टिक रागी रोटी प्याज-Onion प्यास प्रजनन प्रतिरक्षा प्रतिरक्षा प्रणाली प्रतिरोधक प्रतिरोधक-Resistance प्रदर प्रमेह प्रवाहिका (पेचिश)-Dysentery प्रसव प्रसव सुरक्षा चक्र प्रसूति प्राणायाम प्रेग्नेंसी-Pregnancy प्रेमिका प्रोटीन प्रोटीन का कार्य प्रोटीन के स्रोत प्रोस्टेट ग्रन्थि प्लीहा प्लूरिसी-Pleurisy प्लेटलेट्स फफूंद-Fungi फरास फल फल-Fruit फाइबर फिटकरी फुंसी-Pimples फूलगोभी-CAULIFLOWER फेंफड़े फैट फोटोफोबिया फोड़ा फोड़े-Boils फोलिक एसिड फ्लू फ्लू-Flu फ्लेक्स सीड्स बकायन बकुल बड़ी हरड़ बथुआ बथुआ पाउडर बथुआ-White Goose Foot बदबू बबूल-ACACIA बरसाती बीमारियाँ बरसाती बीमारियां बलगम बलवृद्धि बला बलात्कार बवासीर बहुनिया बहुमूत्रता- बांझपन बादाम-Almonds बादाम. बाल बाल झड़ना बाल झडऩा-Hair Falling बिना सिजेरियन मां बनें बिवाई बीजबंद बीमारियों के अनुसार औषधियां बीमारी बुखार बूंद-बूंद पेशाब बेल बेल – Bael बेली बैक्टीरिया ब्र​ह्मदण्डी ब्रेस्ट ग्रोथ ब्लड प्रेशर ब्लैक मेलिंग ब्लॉकेज भगंदर भगंदर-Fistula-in-ano भगनासा भगोष्ठ भय भस्मक रोग भावनात्मक भुई आंवला-Phyllanthus Niruri भूई आमला भूई आंवला भूख भूख बढ़ाने भूमि भूमि आंवला भोजनलीवर मकोय मकोय-Soleanum nigrum मंजीठ मटर-PEA मंद दृष्टि मंदाग्नि मदार मधुमेह मधुमेह-Diabetes मन्दाग्नि-Dyspepsia मरुआ मर्द मर्दाना मलेरिया (Malaria) मसाले मस्तिष्क मस्से मस्से-WARTS महत्वपूर्ण लेख महाबला माइग्रेन माईग्रेन माईंड सैट माजूफल मानसिक मानसिक-Mental मानिसक तनाव-Mental Stress मायोपिया मासिक मासिक-धर्म मासिकधर्म मासिकस्राव माहवारी मिनरल मिर्गी मिर्च-Chili मीठा खाने की आदत मुख मैथुन-ओरल सेक्स-Oral Sex मुधमेह मुलहठी मुलेठी मुहाँसे मूँगफली मूड डिस्ऑर्डर-Mood Disorders मूत्र मूत्र असंयमितता मूत्र में जलन-Burning in Urine मूत्राशय मूर्च्छा (Unconsciousness) मूली मृत्यु मृत्युदण्ड मेथी मेथी दाना मेंहदी मैथुन मोगरा (Mogra) मोटापा मोटापा-Obesity मोतियाबिंद मौत मौलसिरी मौसमी बीमारियां यकृत यकृत प्लीहा यकृत वृद्धि-Liver Growth यकृत-लीवर-जिगर-Lever यूपेटोरियम परफोलियेटम योग विज्ञापन योन योनि योनि ढीली योनि शिथिल योनि शूल-Vaginal Colic योनि संकोचन योनी योनी संकोचन यौन यौन आनंद यौन दौर्बल्य यौनशक्ति यौनशिक्षा यौनसुख यौनानंद यौनि रक्त प्रदर (Blood Pradar) रक्त रोहिड़ा-TECOMELLA UNDULATA रक्तचाप रक्तपित्त रक्तशोधक रक्ताल्पता रक्ताल्पता (एनीमिया)-Anemia रस-juices रातरानी Night Blooming Jasmine/Cestrum nocturnum रामबाण रामबाण औषधियाँ-Panacea Medicines रुक्षांश रूसी रूसी मोटापा रेचक रेठु रोग प्रतिरोधक लकवा लक्ष्मी लंच लसोड़ा लस्सी लहसुन लहसुन-Garlic लाइलाज लाभ लिंग लिंग प्रवेश लिसोड़ा लीकोरिया लीवर लीवर-Liver लू-hot wind लैंगिक लोनिया लौकी लौंग की चाय ल्युकोरिया ल्यूकोरिया ल्यूज योनी वजन वज़न वजन कम वजन बढाएं-Weight Increase वन/जंगली तुलसी वनौषधियाँ वमन वमन विकृति-Vomiting Distortion वसा वात वात श्लैष्मिक ज्वर वात-Rheumatism वायरल वायरल फीवर वायरल बुखार-Viral Fever वासना विटामिन विधारा वियाग्रा-Viagra विलायती नीम विष विषखपरा वीर्य वीर्य वृद्धि वृक्कों (गुर्दों) में पथरी-Renal (Kidney) Stone वृक्ष वैज्ञानिक वैधानिक वैवाहिक जीवन वैवाहिक जीवन-Marital वैश्यावृति व्यायाम शंखपुष्पी शरपुंखा शराब शरीफा-सीताफल-Custard apple शर्करा शलगम-Beets शल्यक्रिया शहद शहद-Honey शारीरिक शिथिलता शीघ्र पतन शीघ्रपतन शुक्राणु-Sperm शुक्राणू शुगर शोथ श्योनाक श्रेष्ठतर श्वास श्वांस श्वेत प्रदर श्वेत प्रदर-Leucorrhea श्वेतप्रदर षड़यंत्र संकुचन संकोच संक्रमण संखाहुली संतरा-Orange संतान संतुष्टि सत्यानाशी सदा सुहागन सदाफूली सदाबहार सदाबहार चूर्ण सनबर्न सफ़ेद दाग सफेद पानी सब्जि सब्जियां-Vegetables सब्जी संभालू संभोग समर्पण-Dedication सरकार को सुझाव सरफोंका सरहटी सर्दी सर्दी जुकाम-Cold सर्पक्षी सर्पविष सलाद संवेदना सहदेई सहदेवी साइटिका साइटिका-Sciatica साइड इफेक्ट्स साबूदाना-Sago सायटिका सिजेरियन सिर दर्द सिरका सिरदर्द सिरोसिस सीजर डिलेवरी सुगर सुदर्शन सुहागा सूखा रोग सूजन सेक्स सेक्स परामर्श-Sex Counseling सेक्स पावर सेक्स समस्या सेक्स हार्मोन सेक्‍स-Sex सेंधा नमक सेब सेमल-Bombax Ceiba सेल्स सोजन-सूजन सोंठ सोना पाठा सोयाबीन सोयाबीन (Soyabean) सोयाबीन-Soyabean सोराइसिस सोरियासिस-Psoriasis सौंठ सौंदर्य सौंदर्य-Beauty सौन्दर्य सौंफ सौंफ की चाय सौंफ-Fennel स्किन स्तन स्तन वृद्धि स्तनपान स्तम्भन स्त्री स्त्रीत्व स्त्रैण स्वप्न दोष स्वप्नदोष स्वप्नदोष-Night Fall स्वरभंग स्वर्णक्षीरी स्वस्थ स्वास्थ्य स्वास्थ्य रक्षक सखा हजारदानी हड़जोड़ हड्डी हड्डी में दर्द हड्डीतोड़ ज्वर हड्डीतोड़ बुखार हरड़ हरसिंगार हरी दूब-CREEPING CYNODAN हरीतकी हर्टबर्न हस्तमैथुन हस्तमैथुन-Masturbation हारसिंगार हालात हिचकी हिचकी-Hiccup हिमोग्लोबिन-hemoglobin हिस्टीरिया हिस्टीरिया-Hysteria हींग हीनतर हृदय हृदय-Heart हेपेटाइटिस हेपेटाईटिस हेल्थ टिप्स-Health-Tips हैजा हैपीनेस-Happiness हैल्थ होम केयर टिप्स-Home Care Tips होम्योपैथ होम्योपैथिक होम्योपैथी होम्योपैथी-Homeopathy