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डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' आॅन लाईन होम्योपैथ एवं परम्परागत चिकित्सक, 9875066111

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मेथी दाना (Fenugreek Seeds)

मेथी दाना/Fenugreek Seeds
मेथीदाना हो सकता है खतरनाक! जानिए 5 नुकसान
1 यह जरूरी नहीं कि मेथीदाने का सेवन सभी के लिए फायदेमंद हो, कुछ लोगों को इससे नुकसान भी होता है। खास तौर से जो लोग ब्लडशुगर या डायबिटीज के मरीज हैं, उन्हें इसका सेवन सावधानी से करना चाहिए, क्योंकि यह यह शुगर के स्तर को प्रभावित करता है।
2 कई बार इसे खाने से पेट संबंधी समस्याएं भी होती हैं, जैसे गैस बनना, खट्टी डकार आना आदि। इससे बचने के लिए इसकी मात्रा का विशेष ध्यान रखें और यदि यह आपको सूट न कर रहा हो तो इसे न खाएं।
3 कई बार मेथीदाना खाने से त्वचा संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। त्वचा पर सूजन या दर्द जैसी समस्या भी इसका सेवन करने से हो सकती हैं।
4 इसकी तासीर गर्म होती है। इससे मूत्र संबंधी समस्याएं भी हो सकती है। मूत्र में अजीब से गंध आना या अन्य समस्या से बचने के लिए इसका प्रयोग सोच समझ कर करें।

5 गर्भवती महिलाओं या नवजात बच्चों की मांओं को इसका सेवन सावधानी से करना चाहिए। इससे दस्त आदि की समस्याएं हो सकती हैं। 
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हर घर में पाया जाने वाला मेथी दाना भोजन की सिर्फ स्वाद और महक ही नहीं बढ़ाता, बल्कि हमारे स्वास्थ्य की रक्षा भी करता है। मेथी दाना हमारे लिये बहुत ही गुणकारी और स्वास्थ्यवर्धक होता है।

इससे भी बड़ी बात यह है कि मेथी दाना का सर्वाधिक उत्पादन भारत में ही होता है और भारत में भी राजस्थान में सबसे ज्यादा (लगभग 80%) पैदा होता है। गुजरात, यूपी, एमपी, महाराष्ट्र, हरियाणा और पंजाब में भी इसका काफी मात्रा में उत्पादन होता है।

हरी मेथी : मेथी के पत्ते या हरी मेथी के गुण भी लगभग मेथी दाना जैसे ही होते है।

मेथी दाना के पोषक तत्व (Nutrients) : मेथी दाना में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट तथा कई प्रकार के खनिज जैसे आयरन, कैल्शियम, पोटेशियम, मैग्नेशियम, कॉपर, मैगनीज तथा ज़िंक आदि होते है। इसके अतिरिक्त मेथी दाना कई प्रकार के विटामिन और जरुरी पोषक तत्वों का बहुत अच्छा स्रोत है। जिसमे विटामिन बी-6, विटामिन ए, विटामिन सी, फोलिक एसिड, थायमिन, राइबोफ्लेविन तथा नियासिन आदि शामिल है।

मेथी में कई प्रकार के फायदेमंद फोटो न्यूट्रिएंट्स (Photo Nutrients=Phytonutrients are compounds found in plants or fruits, veggie, grains and grasses. They serve various functions in plants, helping to protect the plant's vitality. For example, some phytonutrients protect the plant from UV radiation while others protect it from insect attack.) भी होते है। फोटो न्यूट्रिएंट्स पेड़ पौधों में पाए जाने वाले वे तत्व है जो पौधों को तो बीमारी, फंगस आदि से बचाते ही है, हमारे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभदायक होते हैं।

मेथी दाना में मौजूद फायबर तथा सैपोनिन (Saponin=Saponins occur in many plant foods and get their name from their soap-like qualities. Eating saponins may help lower your cholesterol and reduce your risk of heart disease. Your immune function benefits from these plant compounds as well. Your risk of developing certain forms of cancer or getting tumors may even decrease from eating more saponins.) इसे आश्चर्यजनक औषधि बनाते है। इसमें म्यूसिलेज नाम का एक चिपचिपा तत्व होता है। मेथी को पानी में भिगोने पर यह तत्व फैलकर मल्हम जैसे जैल में परिवर्तित हो जाता है। यह जैल शरीर के तंतुओं की मरम्मत कर उन्हें मजबूत बनाने का काम करता है।

मेथी दाना का सेवन कैसे? : मेथी दाना अंकुरित करके खाया जा सकता है। मेथी दाना की किशमिश के साथ सब्जी बनाकर खाई जा सकती है। इसे साबुत ही पानी के साथ फांक सकते है या चूर्ण बनाकर बूरा चीनी मिलाकर फंकी ले सकते है। सर्दी के मौसम में मेथी के लडडू बनाकर खाये जा सकते है। अगर मेथी के दाने ज्‍यादा कडुवे हों तो उन्‍हें कैप्‍सूल के रूप में भी खाया जा सकता है।


मेथी को अंकुरित करने की विधि : चार चम्मच मेथी दाना धोकर आधा गिलास पानी में 6 -7 घंटे के लिए भिगो दें। इसके बाद छान कर कपड़े में बांध कर अंकुरित करके खाएं। इसका बचा हुआ पानी भी पी लेना चाहिए।

मेथी दाना से सावधान (Beware of Fenugreek Seeds) :  मेथी दाना के लाभ जानने से इसके संभावित नुकसान जान लिए जाएँ : कई बीमारियों में रामबाण के रूप में काम करने वाला मेथी न केवल आपके चेहरे की सुंदरता को बरकरार रखता है, बल्कि आपकी पाचन संबंधी समस्या को भी दूर कर देता है। लेकिन क्या आप जानते हैं इसका सेवन कई बार आपको नुकसान भी पहुंचा सकता है। आइए जानते है इसके नुकासन के बारे में…
1. डायबिटीज : मेथी के सेवन से ब्लड सुगर का स्तर प्रभावित होता है। इसलिए जो व्यक्ति डायबिटीज के मरीज हैं, उन्हें मेथी खाते समय बहुत ही सावधानी बरतनी पड़ेगी।

2. एलर्जी : ऐसे कई सारे मामले देखे गए हैं कि जो लोग ज्यादा मेथी का सेवन करते हैं, उन्हें स्किन में होने वाली एलर्जी की दिक्कते आने लगती है। इस तरह के एलर्जी से न केवल आपका चेहरा सूज जाता है, बल्कि आपके चेस्ट में दर्द भी होने लगता है।

3. खट्टी डकार और गैस : अगर आप अच्छा और सही तरीके से भोजन नहीं लेते, तो आपको गैस और खट्टी डकार की समस्या होने लगती है। डकार में पेट की गैस को मुंह से निकाला जाता है, जिसमें कभी-कभी अजीब सी आवाज़ और गंध होती है। यह ज्यादातार तीखी भोजन खाने वालों को होती है। लेकिन अगर आप मेथी का ज्यादा सेवन करते हैं, तो आपको खट्टी डकार, गैस और सूजन जैसी समस्या हो सकती है। इसलिए मेथी जब खाएं उसकी मात्रा के बारे में अच्छी तरह से जान लें।

4. दस्त : अगर आप मेथी का ज्यादा सेवन करते हैं तो आपको दस्त की समस्या हो सकती है और जिन माताओं ने अभी-अभी अपने बच्चे को जन्म दिया है, उन्हें तो मेथी खाते समय और भी ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। क्योंकि स्तनपान कराने वाली मताएं अगर दस्त की शिकार हैं तो यह रोग उनके बच्चे को भी हो सकता है। जिसकी वजह से डिहाइड्रेशन की भी समस्या हो सकती है।

5. मूत्र की गंध : गंध चाहे पसीने की हो या मूत्र की हर कोई इससे दूर भागता है। अगर आपके साथ भी यह समस्या है तो इसे जल्द से जल्द दूर कर लें। मेथी के खाने से मूत्र में गंध की समस्या आने लगती है। इसलिए इसे खाते समय सावधानी बरतें। वैसे यह बदबू मूत्र में मौजूद बैक्टीलरिया और सूक्ष्म जीवों की वजह से भी आ सकती है।

6. अन्य नुकसान : डॉक्टरों के मुताबिक गर्भवती महिलाओं को मेथी का कम से कम सेवन करना चाहिए या हो सके तो इसका सेवन न करें। इसके अलावा ज्यादा मेथी दानों के सेवन से आप इंटरनल ब्लीडिंग की समस्या से जूझ सकते हैं। यहा तक की मेथी दाना आपके बच्चे की सोचने समझने की शक्ति को कम कर देता है इसलिए उसे डॉक्टर की सलाह के बाद मेथी दाना दें।

Note : मेथी दाना की तासीर बहुत गर्म होती है। जिन लोगों के शरीर से किसी भी प्रकार से रक्त निकलता हो जैसे बवासीर के कारण, नकसीर के कारण, पेशाब में रक्त जाता हो, माहवारी के समय अधिक मात्रा में या अधिक दिन तक रक्त स्राव होता हो तो उन्हें मेथी का उपयोग बड़ी सावधानी और चिकित्सक की देख रेख में करना चाहिए। मेथी दाना रक्त स्राव बढ़ा सकती है। तेज गर्मी में भी मेथी का उपयोग कम ही करना चाहिए। सर्दी के मौसम में इसका उपयोग अधिक लाभदायक सिद्ध होता है।

मेथी दाना के फायदे :

1. कोलेस्ट्रॉल : मेथी में कोलेस्ट्रॉल को कम करने का गुण होता है। इससे हानिकारक LDL कोलेस्ट्रॉल कम होता है। यही वह कोलेस्ट्रॉल है जो रक्तवाहिकाओं में जमा होकर हार्ट अटैक पैदा कर सकता है। मेथी में मौजूद फायबर गेलेक्टोमेनन के कारण भी रक्त में कोलस्ट्रोल की मात्रा कम करने में मदद मिलती है। इसके नियमित उपयोग से रक्त में क्लोट बनने की सम्भावना कम हो जाती है। इस प्रकार मेथी से हृदय रोग से बचाव हो सकता है। मेथी की सब्जी इस परेशानी में लाभ देती है। डॉक्‍टरों का कहना है कि यह हार्ट रोगियों के लिए एक वरदान के समान है, जिसे वह रोज अपने भोजन में खा कर अपने बढे हुए कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को कम कर सकता है। अगर मेथी के दाने ज्‍यादा कडुवे हों तो उन्‍हें कैप्‍सूल के रूप में भी खाया जा सकता है। भोजन में कुछ दाने मेथी के खाने से कोलेस्‍ट्रॉल लेवल में सुधार तो आता ही है साथ में हार्ट अटैक का रिस्‍क भी कम हो जाता है।

2. डायबिटीज : मेथी डायबिटीज को कंट्रोल में रखने में मदद करती है। इससे पेशाब में शक्कर की मात्रा कम हो जाती है। इसके प्राकृतिक फायबर के कारण तथा इन्सुलिन पर मेथी दाना के उपयोग से पड़ने वाले प्रभाव से डायबिटीज में यह बहुत लाभदायक सिद्ध होती है। यह इन्सुलिन के बनने तथा इसके रक्त में प्रवाहित होने की गति दोनों पर अच्छा प्रभाव डालती है। इससे ब्लड शुगर बहुत ऊपर नीचे होना बंद होता है। रोजाना तीन चार चम्मच मेथी के उपयोग से अच्छे परिणाम आ सकते है। इसके गर्म प्रभाव से बचने के लिए मेथी दाना मोटा पिसा हुआ दो चम्मच और सौंफ एक चम्मच रात को एक गिलास पानी में भिगो दें। सुबह छान कर यह पानी पिएँ। हरी मेथी रक्त में शकर को कम कर देती हैं। इस कारण डायबिटीज रोगियों के लिए भी यह फायदेमंद होती है। प्रतिदिन एक चम्मच मेथी दाना पाउडर पानी के साथ फांकें। डायबिटीज से दूर रहेंगे। मधुमेह की समस्या से राहत दिलाये मेथी–मधुमेह की समस्या आजकल अनेक लोगों में देखने को मिल ही जाती है. इस परेशानी को समाप्त करने के लिए मेथी के पत्तों का रस निकाल कर सुबह शाम पियें इससे मधुमेह ठीक होने लगता है। मेथी से करें मधुमेह की रोकथाम–मेथी पाउडर का सेवन मधुमेह की समस्या को दूर करने के लिए काफी लाभदायक होता है. इसके सेवन के लिए थोड़ा मेथी पाउडर लें. अब इस पाउडर को दूध में डालकर पीए. इससे मधुमेह की समस्या कम होने लगती है। रिसर्च के अनुसार यह जानकारी प्राप्‍त हुई है कि यह टाइप 2 के मधुमेह रोगियों के लिए काफी लाभकारी होता है। अगर रोगी रोज़ दिन में 6-7 मेथी के दानों का या फिर मेथी के पानी का सेवन करे तो उसका ब्‍लड शुगर लेवल कम हो सकता है।

3. त्‍वचा रोगों से निजात : अगर आपको खुजली, जलन, फोड़े-फुसीं और गांठ की समस्‍या है तो आपको कुछ ग्राम मेथी खाने की आवश्‍यक्‍ता है। न सिर्फ खानें से बल्कि इसके पेस्‍ट को लगाने से भी फायदा होता है। अगर रुसी की समस्‍या है तो बालों में मेथी और दही मिला कर लगाने से यह समस्‍या जल्‍द दूर हो जाएगी। त्‍वचा रोग ठीक होता है-त्‍वचा रोग जैसे एक्‍जिमा, जलने का घाव, फोडे-फुंसी और गठिया रोग मेंथी पो पीस कर पेस्‍ट लगाने से ठीक हो सकता है।

4. मौसमी बीमारियां : कहा जाता है कि अगर बुखार या कोई भी अन्‍य बीमारी में मेथी का उपयोग किया जाए तो वह तुरंत ही ठीक हो जाती है। और अगर आप खुद को रिफ्रैश करना चाहते हैं तो मेथी के पत्‍तों से बनी हर्बल टी पिएं। फिर देखें कैसा फील/अनुभव करते हैं? मेथी एक अच्‍छी घरेलू दवा है जो कि बुखार और कई अन्‍य बीमारियों को ठीक करती है। यही नहीं मेथी के पत्‍तों से हर्ब टी बनाई जा सकती है जिससे दिमाग शांत और फ्रेश रहता है।

5. स्तन सौन्दर्य और वृद्धि : मेथी दाना की सब्जी खाने से अविकसित और छोटे स्तन बड़े और पुष्ट हो जाते है। साथ ही मेथी दाना को पानी के साथ बारीक पीसकर स्तन की हल्के हाथ से नियमित मालिश भी करनी चाहिए। इन दोनों के करने से स्तन के आकार में वृद्धि होती है। यदि स्तन में दूध सुखाना हो या स्तन में सूजन और दर्द हो तो मेथी की हरी पत्तियां पीस कर स्तन पर लगा कर दो घंटे बाद धो लें। इससे आराम मिल जाता है।

6. दाग-धब्बे : चेहरे के दाग-धब्बों को कम करें मेथी–चेहरे से दाग तथा धब्बों को समाप्त करने के लिए भी मेथी बहुत फायदेमंद होती है. इसका प्रयोग करने के लिए मेथी के दानो को पीस कर उसका लेप बना लें. अब इस लेप को अपने चेहरे पर लगाए. इससे त्वचा कोमल तथा बेदाग बनती है.

7. पाचन तंत्र : मेथी से कई प्रकार से पाचन तंत्र को फायदा पहुंचता है। इससे पेट और आँतों की जलन सूजन आदि में आराम मिलता है। यह पेट और आँतों के अल्सर में आराम दिलाती है । इसके पानी में घुलनशील फायबर आँतों की सफाई करके कब्ज मिटाते है तथा आँतों की शक्ति बढ़ाते है। मेथी में मौजूद पाचक एंजाइम अग्नाशय को अधिक क्रियाशील बना देते हैं। इससे पाचन क्रिया अत्यंत सरल हो जाती है।  इससे भूख खुल कर लगने लगती है। खाने में अरुचि हो जाने पर इससे रुचि जाग्रत हो जाती है। मेथी मेटाबोलिज्म को भी सुधरती है। जिसके कारण कमजोरी दूर होती है। मेथी में लासा होता है जो पाचन से संबधित हर रोग को दूर कर देता है। यह डायरिया और हार्ट बर्न आदि को दूर करती है। इसके अलावा अगर मेथी के दाने को मठ्ठे के साथ मिला कर पिया जाए तो अल्‍सर और एसीडिटी में लाभ होता है। कुछ मेथी के दाने सुबह खाने से पेट के कीडे मरते हैं।

8. पेट के छाले/अल्सर : पेट के छाले ठीक करने के लिए मेथी का उपयोग–पेट के छाले ठीक करने के लिए भी मेथी एक अच्छा उपाय है। इसके लिए दो चम्मच पीसी हुयी मेथी एक कप पानी में उबाल कर मेथी का काढ़ा बना लें. अब इस काढ़े को पीए. इससे पेट के छाले कम होने लगेंगे। पाचन उपचार-डायरिया और हार्टबर्न के अलावा मेथी के रस से पेट और आंत की सभी समस्‍याएं दूर होती हैं। अगर आप अल्‍सर और एसिडिटी को ठीक करना चाहते हैं तो मेथी और मठ्ठे को घोल कर पीएं। सिर्फ यही नहीं अगर आप रोज़ सुबह खाली पेट कुछ मेथी के दानें खाएगें तो पेट के सभी रोग दूर होगें।

9. आँतों के कैंसर से बचाव : मेथी में कैंसर को मिटाने के गुण होते है। मेथी में पाया जाने वाला डिओसजेनिन नामक तत्व आँतों के कैंसर से बचाव करने में सक्षम होता है। इसके अलावा इसमें पाए जाने वाले सैपोनिन , म्यूसिलेज , पेक्टिन आदि तत्व आँतों के म्युकस मेंब्रेन की रक्षा करते है। इस तरह आंतों पर पड़ने वाले बुरे प्रभाव से मुक्ति दिलाकर यह कैंसर होने से बचाती है। इसमें पाए जाने वाले एंटी ऑक्सीडेंट्स के कारण फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से भी बचाव संभव है।

10. मोटापा : मेथी के दानों में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है। खाली पेट मेथी दानों को चबाने से एक्सट्रा कैलरी बर्न होती है। सुबह दो गिलास मेथी का पानी पीने से मोटापा दूर होता है। मेथी का पानी बनाने क लिए एक बड़ा चम्मच मेथी के दानों को दो गिलास पानी में रातभर भिगो दें और सुबह इसे छानकर पी लें। 
किडनी भी स्वस्थ : मेथी का पानी  पीने से किडनी भी स्वस्थ होती है।

11. दर्द निवारक : वात रोग, बुखार, गैस को दूर करने के लिए मेथी का उपयोग–शरीर की अनेक समस्याओं को दूर करने के लिए मेथी बहुत ही फायदेमंद होती है. वात रोग, बुखार तथा गैस की समस्या से निपटने के लिए थोड़ी मेथी के दाने लें. अब इन दानों को पीस कर इनका चूर्ण बना लें. इसके बाद इस चूर्ण को एक गिलास छाछ में डालकर पी लें. इससे इस सभी समस्याओं से छुटकारा मिलेगा. मेथी से करें घुटनों का दर्द कम–घुटनों का दर्द लोगों को काफी परेशान करने वाला दर्द होता है. इस दर्द को समाप्त करने के लिए मेथी दाने को पीस कर बारीक़ चूर्ण बना लें. अब इस चूर्ण को रोजाना सुबह पानी के साथ खाये. इससे घुटनों का दर्द कम होने लगता है.

12. आँखों के काले घेरे : मेथी से आँखों के नीचे का कालापन हटाए-कई बार उम्र बढ़ने या कोई अन्य समस्या होने के कारण हमारी आँखों के नीचे काले घेरे हो जाते हैं. जिसके कारण चेहरा भी बेजान लगने लगता है. इस समस्या को दूर करने के लिए मेथी के दानों को पीस कर उसका पेस्ट बना लें. अब इस पेस्ट को अपने आँखों के नीचे कालेपन पर लगाए. इससे फायदा होगा.
13. बाल बढ़ाने के लिए : बालों को लम्बा करने के लिये मेथी का प्रयोग–लम्बे तथा घने बाल हर किसी को अच्छे लगते हैं. बालों को लम्बा करने के लिए मेथी भी बहुत फायदेमंद होती है. इसका प्रयोग करने के लिए इस के दानों को रात भर पानी में भिंगोकर रख दें. अब सुबह उसे पीसकर बालों में लगाए तथा कुछ देर बाद बालों को धो दें. इससे बाल कुछ समय बाद आपको लम्बे लगने लगेंगे।

14. खांसी और श्वांस : खाँसी से आराम पाने के लिए करें मेथी का प्रयोग-मेथी का सेवन करने से गला साफ होता है. खांसी की समस्या को ठीक करने के लिए मेथी के कुछ दानों को खायें. जिससे खांसी या श्वांस सम्बन्धी समस्याएं कम होने लगती हैं। 

15. मुंह के छाले : मुंह के छाले ठीक करने के लिए मेथी का प्रयोग–मुंह के छालों को कम करने के लिए सबसे पहले मेथी के दानों को पाने में उबाल लें. अब इस पानी से कुल्ला करें। इससे मुंह के छाले कम होने लगेंगे। 

16. पथरी : पथरी के इलाज में भी मेथी फायदा करती है। इस जादुई औषधि से पथरी पेशाब के साथ शरीर से बाहर निकल जाती है।

17. यौन शक्ति/सेक्स पावर : एक सर्वे के मुताबिक मेथी सेक्स पावर को भी बढ़ाने में सक्षम है। इस सर्वे के दौरान मेथी के इस्तेमाल से लोगों की सेक्स क्षमता में एक चौथाई का इजाफा हुआ। विशेषज्ञों के मुताबिक इंडियन करी में मेथी डाली जाती है। यह सीधे आदमियों के सेक्स हार्मोन्स को बढ़ाने का काम करती है। दूसरे अर्थों मे मेथी के सेवन से सेक्स पावर बढती है। इसलिए मेथी का सेवन आपकी यौन क्षमता में अतिशय वृद्धि करता है। यदि मेथी के कुछ दाने रोज लिए जाएं तो मानसिक सक्रियता बढ़ती है। पुरुषों में होने वाली लिंग उत्थान की समस्या इससे हल हो सकती है। इसके अलावा यह टेस्टोस्टेरोन हार्मोन में इजाफा करके अन्य समस्या को भी ठीक करने में मदद करती है। रात को सोते समय आधा चम्मच पिसा हुआ मेथी दाना तथा आधा चम्मच धनिया पाउडर मिलाकर गर्म दूध के साथ नियमित एक महीने लेने से पुरुषों में यौन शक्ति में बढ़ोतरी होती है। ब्रिसबेन स्थित आणविक चिकित्सा केंद्र के अनुसंधानकर्ताओं का दावा है कि भारत में सबसे अधिक मात्रा में पाई जाने वाली मेथी पुरुषों की कामेच्छाओं को काफी अच्छे स्तर तक बढ़ाने में सक्षम है। अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार मेथी के बीज में पाया जाने वाला सैपोनीन पुरुषों में पाए जाने वाले टेस्टोस्टेरॉन हॉरमोन में उत्तेजना पैदा करता है।

18. गठिया : यह वात के कारण जॉइंट्स में होने वाले दर्द से तथा गठिया रोग से मुक्ति दिला सकती है। एक चम्मच पिसा हुआ मेथी दाना सुबह खाली पेट गर्म पानी के साथ नियमित लेने से जॉइंट पैन में बहुत आराम आता है। मेथी के लडडू (मेथी, आटा और गुड़ से बनाये जाते है) खाने से भी जोड़ों का दर्द नहीं सताता है। टूटी हुई हड्डी इसके उपयोग से जल्दी जुड़ती है।

19. मेनोपॉज (Menopause=रजोनिवृत्ति) : मेनोपोज़ के समय स्त्रियों को कई तरह की परेशानियां होती है जैसे डिप्रेशन, मूड बदलना, क्रेम्प आना, रात को बहुत पसीना आना आदि। मेथी के उपयोग से इनमे कमी हो सकती है। क्योंकि इसें स्त्री हार्मोन इस्ट्रोजन जैसे तत्व होते है। इसके अलावा इससे स्त्रियों को होने वाली अन्य हार्मोन संबंधी परेशानियां भी कम होती है।

20. गले की खराश (Sore throat) : मेथी में पाया जाने वाला म्यूसिलेज नामक तत्व गले की खराश और कफ आदि में आराम दिलाता है। दो कप पानी में दो चम्मच दाना मेथी डालकर उबाल लें। इसे छानकर इसमें दो चम्मच शहद मिलाकर पियें। इससे गले की खराश, जुकाम, कफ आदि में आराम मिलता है। मेथी उबाल कर छाने हुए पानी से कुल्ला करने से मुँह की दुर्गन्ध मिटती है।

21. बालों के लिए : बालों के लिए मेथी कंडीशनर का काम करती है। इससे रुसी में भी आराम मिलता है। बालों का गिरना कम हो जाता है। दाना मेथी पाउडर को पानी में एक घंटे भिगोकर, बालों की जड़ों में लगा लें। आधा घंटे बाद धो लें। इससे बालों को ये सारे लाभ मिल जाते है। या मेथी दाना नारियल के तेल में उबालकर छान कर रख लें। इस तेल की नियमित मालिश करने से बाल घने और मुलायम होते है।

22. औरतों के ल‌िए मेथी का सेवन (Fenugreek Intake for Women:) : वैसे तो मेथी का सेवन दमा से लेकर कामेच्छा तक, कई मामलों में फायदेमंद है, लेकिन महिलाओं के लिए इसका सेवन खास वजह से भी जरूरी है। चाहे मेथी का सेवन साग के रूप में हो या फिर दाने के तौर पर, महिलाओं के लिए मासिक चक्र से जुड़ी समस्याओं के उपचार में यह काफी फायदेमंद माना जाता है।

(1) पीरियड्स में : मेथी में सेपोनिन्स और डायोसजेनिन नामक दो ऐसे तत्व हैं जो शरीर में स्टेरॉयड्स (Steroids=Steroids are synthetic hormones designed to treat medical ailments…) व एस्ट्रोजन (What Is Estrogen? The hormone that controls a woman's monthly cycle, estrogen, gets a lot of attention in women's lives, but it is actually a hormone that affects both men and women.) की तरह काम करते हैं। इनकी वजह से पीरियड्स के दौरान पड़ने वाले क्रैंप और पेट दर्द में आराम मिलता है।
(2) गर्भावस्था में : इसमें आयरन की मात्रा अधिक है, इसलिए गर्भावस्था के दौरान इसका सेवन जच्चा-बच्चा की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है।
(3) सेक्स की इच्छा बढ़ाता है : मेथी में मौजूद सेपोनिन्स और डायोसजेनिन शरीर में सेक्स हार्मोन बढ़ाते हैं, जिससे महिलाओं की कामेच्छा बढ़ती है।
(4) मेनो़पॉज में : मेथी में मौजूद डायोसजेनिन और आइसोफ्लेवोन्स मेनोपॉड के दौरान महिलाओं के मूड को नियंत्रित करने में मददगार माना जाता है।
(5) हार्मोनल बैलेंस : मेथी में मौजूद डायोसजेनिन महिलाओं के शररीर में हार्मोनल संतुलन बनाए रखता है। इससे हार्मोन से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं।

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कृपया अपने चिकित्सक के परामर्श के बिना, सुझाई गयी (किसी भी प्रकार की) दवा का सेवन नहीं करें। 
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Request : Due to the high number of patients, you may have to wait. Please patiently collaborate.--Dr. Purushottam Meena 'Nirankush'-9875066111

1 comment:

  1. Thanks, for sharing Great Information.It is useful.Know the natural health benefits of eating vegetables like Spinach, Capsicum, Cucumber, Broccoli in Organic Vegetables.
    http://www.organichealthplanet.com/

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--->--->श्रीमती जानकी पुरुषोत्तम मीणा जिनका 08 अप्रेल, 2012 को असमय निधन हो गया!

--->--->श्रीमती जानकी पुरुषोत्तम मीणा जिनका 08 अप्रेल, 2012 को असमय निधन हो गया!
सभी के स्वस्थ एवं सुदीर्घ जीवन की कामना के साथ-मेरे प्यारे और दुलारे तीन बच्चों की ममतामयी अद्वितीय माँ (मम्मी) जो दुखियों, जरूतमंदों और मूक जानवरों तक पर निश्छल प्यार लुटाने वाली एवं अति सामान्य जीवन जीने की आदी महिला थी! वह पाक कला में निपुण, उदार हृदया मितव्ययी गृहणी थी! मेरी ऐसी स्वर्गीय पत्नी "जानकी मीणा" की कभी न भुलाई जा सकने वाली असंख्य हृदयस्पर्शी यादों को चिरस्थायी बनाये रखते हुए इस ब्लॉग को आज दि. 08.08.12 को फिर से पाठकों के समक्ष समर्पित कर रहा हूँ!-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'

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Immunity IMPOTENCY Juice Juice of Berries LAND CALTROPS Lemon Leucorrhea Lever Liver Cirrhosis Liver fibrosis Low Blood Pressure Mexican Daisy Migraine Myopia Night Jasmine Nutmeg Obesity Omega 3 Oroxylum indicum Portulaca Oleracea Prostate Gland Protein Radish rectum collapse Saffron Senna occidentalis Sex Sperms Spiny Amaranth Stone Breaker Tips Tribulus Terrestris Tridax Procumbens Unquenchable Conjugal Vitamins White Discharge अंकुरित अनाज अंकुरित गेहूं-Wheat germ अंकुरित भोजन-Sprouts अखरोट अंगूर-Grapes अचूक चमत्कारिक चूर्ण अजवाइन अजवायन अजीर्ण-Indigestion अंडकोष अडूसा (वासा)-Adhatoda Vasika-Malabar nut अण्डी अतिबला अतिसार अतिसार-Diarrhea अतृप्त अतृप्त दाम्पत्य अदरक अदरख अध्ययन अनिद्रा अपच अपराधबोध अफरा अफीम अमरूद अमृता अम्लपित्त-Pyrosis अरंडी अरण्ड अरण्डी अरलू अरुचि अरुचि-Anorexia-Distaste अर्जुन अर्थराइटिस अर्द्धसिरशूल अर्श अर्श रोग-बवासीर-Hemorrhoids-Piles अलसी अल्सर अल्सर-Ulcers अवसाद अवसाद-Depression अश्वगंधा-Winter Cherry असफल असर नहीं असली अस्थमा अस्थमा-दमा-Asthma आइरन आक आकड़ा आत्महत्या आंत्र कृमि आंत्रकृमि-Helminth आंत्रिक ज्वर-टायफाइड-Typhoid fever आधाशीशी आधासीसी आंधीझाड़ा-ओंगा-अपामार्ग-Prickly Chalf flower आमला आमवात आमाशय आयुर्वेद आयुर्वेदिक उपचार आयुर्वेदिक औषधियां आयुर्वेदिक सीरप-Ayurvedic Syrup आयुर्वेदिक-Ayurvedic आरोग्य आँव आंव आंवला आंवला जूस आंवला रस आशावादी-Optimistic आसन आसान प्रसव-Easy Delivery आहार चार्ट आहार-Food आॅर्गेनिक इन्द्रायण- इमर्जेंसी में होम्योपैथी इमली-Tamarind Tree इम्युनिटी इलाज इलाज का कुल कितना खर्चा इलायची उच्च रक्तचाप उच्च रक्तचाप-High Blood Pressure-Hypertension उत्तेजक उत्तेजना उदर शूल-Abdominal Haul उन्माद-Mania उपवास उम्र उल्टी ऊर्जा एक्जिमा एक्यूप्रेशर एग्जिमा एजिंग-Aging एंटी ऑक्सीडेंट्स एंटी-ओक्सिडेंट एंटीऑक्सीडेंट एनजाइना एमिनो एसिड एरंड एलर्जी एलर्जी-Allergy एलोवेरा एलोवेरा जूस ऐलोपैथ ऐसीडिटी ऑर्गेनिक ओमेगा 3 के स्रोत ओमेगा-3 ओर्गेनिक औषध-Drug औषधि सूची-Drug List औषधियों के नुकसान-Loss of drugs कचनार कचनार-Bauhinia Purpurea कड़वाहट कंडोम कद्दू कनेर कपास-COTTON कपिकच्छू कफ कब्ज कब्ज़ कब्ज-कोष्ठबद्धता-Constipation कब्ज. Cucumber कब्जी कमजोरी कमर दर्द करेला कर्णरोग कष्टार्तव-Dysmenorrhea कांच निकलना काजू कान कानून सम्मत काम काम शक्ति कामशक्ति कामशक्ति-Sexual power कामोत्तेजना कायाकल्प कार्बोहाइड्रेट कार्बोहाइड्रेट-Carbohydrates काला जीरा काला नमक काली जीरी काली तुलसी काले निशान कास-खांसी-Cough किडनी कीड़े कुकरौंधा कुकुंदर कुटकी-Black Hellebore कुबडापन कुल्थी कुल्ला कुष्ठ कृमि केला केसर कैफीन-Caffeine कैलोरी कैलोरी चार्ट कैलोरी-Calories कैवांच कैविटी कैंसर कॉफी कॉफ़ी कोढ़ कोबरा कोलेस्ट्रॉल कोलेस्ट्रॉल-Cholesterol कौंच कौमार्य क्रियाशीलता क्षय रोग-Tuberculosis क्षारीय तत्व क्षुधानाश खजूर खजूर की चटनी खनिज खरबूजा-Musk melon खरेंटी खरैंटी शिलाजीत खांसी खिरेंटी खिरैटी खीरा खुजली खुशी-Joy खुश्की खुश्बू खूनबंद क​रने वाली रूखड़ी खोया गंजापन-Baldness गठिया गठिया-Arthritis गठिया-Gout गंध गन्ने का रस गरमा गरम गर्भधारण गर्भपात गर्भवती गर्भवती कैसे हों? गर्भावस्था गर्भावस्था की विकृतियां-Disorders of Pregnancy गर्भावस्था के दौरान संभोग-Sex During Pregnancy गर्भावस्था-Pregnancy गर्भाशय गर्भाशय-उच्छेदन के साइड इफेक्ट्स-Side Effects of Hysterectomy गर्म पानी गर्मी गर्मी-Heat गाजर गाजवां गांठ गाँठ-Knot गिलोय गिल्टी गुंदा गुदाभ्रंश गुलज़ाफ़री गृध्रसी गृह-स्वामिनी गैस गैस्ट्रिक गोक्षुरादि चूर्ण गोखरू गोखरू (LAND CALTROPS) गोंद कतीरा-Hog-Gum गोंदी गोभी-Cabbage गोरख मुंडी गोरखमुंडी घमोरी घाघरा घाव चकवड़ चक्कर चपाती चमत्कारिक सब्जियां चर्बी चर्म चर्म रोग चर्मरोग चाय चाय-Tea चालीस के पार-Forty Across चिकनगुनिया चिकित्सकीय चिरायता-Absinth चिरोटा चुंबन चोक चौलाई छपाकी छरहरी काया छाछ छाले छीकें छुआरा छुहारा छोटा गोखरू छोटा धतूरा छोटी हरड़ जकवड़ जंगली-कटीली चौलाई जटामांसी-Spikenard जलजमनी जलन जलोदर रोग-Ascites Disease जवारे जवासा-Alhag जहर जामुन का जूस जायफल जीरा जीवन रक्षक जीवनी शक्ति जुएं जुकाम जुलाब जूएं जूस जूस-Juice जोड़ों के दर्द ज्योति ज्वर ज्वर-Fiver झाइयाँ झांईं झुर्रियाँ झुर्रियां झुर्री झूठे दर्द टमाटर-Tomatoes टाइफाइड टायफायड टूटी हड्डी टॉन्सिल टोटला ट्यूमर ठेकेदार डॉक्टर डकार डायबिटीज डायरिया डिनर डिलेवरी डीकामाली डीगामाली डेंगू डेंगू-Dengue डॉ. निरंकुश डॉ. मीणा ढीलापन ढीली योनि तकलीफ का सही इलाज तरबूज-Watermelon तलाक ताकत तिल तिल्ली तुंबा तुंबी तुलसी तेल त्रिदोषनाशक त्रिफला त्वचा त्वचा रोग थकान थाईरायड थायरायड-Thyroid थायरॉइड दण्डनीय अपराध दन्तकृमि दन्तरोग दमा दर्द दर्दनाक दस्त दही दाग-धब्बे-Stains-Spots दाढ़ दांत दांतो में कैविटी-Teeth Cavity दाद दाम्पत्य दाम्पत्य-Conjugal दाल दालचीनी दालें दिल दुर्गंध दुर्बलता दुष्प्रभाव दूध दूधी दूधी-Milk Hedge दृष्टिदोष द्रोणपुष्पी-Leucas Cephalotes धड़कन धनिया-Coriander धमासा धातु धातु पतन धार्मिक नज़ला नपुंसकता नाक नाखून नागबला नागरमोथा नाडी हिंगु नाड़ी हिंगु (डिकामाली) नामर्दी नारकीय पीड़ा नारियल नाश्ता निमोनिया निम्न रक्तचाप निम्बू नियासिन निराश निरोगधाम निर्गुण्डी निसोरा नींद नींबू नींबू-Lemon नीम-azadirachta indica नुस्खे नुस्खे-Tips नेगड़ नेगड़-निर्गुन्डी-Vitex negundo नेत्र रोग नैतिक नौसादर न्युमोनिया-Pneumonia पक्षघात पढ़ने में मन लगेगा पंतजलि पत्तागोभी-CABBAGE पत्थर फोड़ी पत्थरचट्टा पत्नी पथरी पदार्थ पनीर पपीता पपीता-CARICA PAPPYA पमाड परदेशी लांगड़ी परहेज पराठा परिस्थिति पवाड़ पवाँर पाइल्स पाक-कला पाचक पाचन पाठक संख्या 16 लाख पार पाठक संख्या पंद्रह लाख पायरिया पारिजात पालक पालक-Spinach पित्त पित्ती पिंपल-मुंहासे-Pimples-Acne पिरामिड पीलिया पीलिया-Jaundice पीलिया-कामला-Jaundice पुआड़ पुदीना पुनर्नवा-साटी-सौंटी-Punarnava पुरुष पेचिश पेट के कीड़े पेट दर्द पेट में गैस पेट रोग पेड़ पेशाब में रुकावट पेंसिल थेरेपी-Pencil Therapy पौधे पौरुष पौष्टिक रागी रोटी प्याज-Onion प्यास प्रजनन प्रतिरक्षा प्रतिरक्षा प्रणाली प्रतिरोधक प्रतिरोधक-Resistance प्रदर प्रमेह प्रवाहिका (पेचिश)-Dysentery प्रसव प्रसव सुरक्षा चक्र प्रसूति प्राणायाम प्रेग्नेंसी-Pregnancy प्रेमिका प्रोटीन प्रोटीन का कार्य प्रोटीन के स्रोत प्रोस्टेट ग्रन्थि प्लीहा प्लूरिसी-Pleurisy प्लेटलेट्स फफूंद-Fungi फरास फल फल-Fruit फाइबर फिटकरी फुंसी-Pimples फूलगोभी-CAULIFLOWER फेंफड़े फैट फोटोफोबिया फोड़ा फोड़े-Boils फोलिक एसिड फ्लू फ्लू-Flu फ्लेक्स सीड्स बकायन बकुल बड़ी हरड़ बथुआ बथुआ पाउडर बथुआ-White Goose Foot बदबू बबूल-ACACIA बरसाती बीमारियाँ बरसाती बीमारियां बलगम बलवृद्धि बला बलात्कार बवासीर बहुनिया बहुमूत्रता- बांझपन बादाम-Almonds बादाम. बाल बाल झड़ना बाल झडऩा-Hair Falling बिना सिजेरियन मां बनें बिवाई बीजबंद बीमारियों के अनुसार औषधियां बीमारी बुखार बूंद-बूंद पेशाब बेल बेल – Bael बेली बैक्टीरिया ब्र​ह्मदण्डी ब्रेस्ट ग्रोथ ब्लड प्रेशर ब्लैक मेलिंग ब्लॉकेज भगंदर भगंदर-Fistula-in-ano भगनासा भगोष्ठ भय भस्मक रोग भावनात्मक भुई आंवला-Phyllanthus Niruri भूई आमला भूई आंवला भूख भूख बढ़ाने भूमि भूमि आंवला भोजनलीवर मकोय मकोय-Soleanum nigrum मंजीठ मटर-PEA मंद दृष्टि मंदाग्नि मदार मधुमेह मधुमेह-Diabetes मन्दाग्नि-Dyspepsia मरुआ मर्द मर्दाना मलेरिया (Malaria) मसाले मस्तिष्क मस्से मस्से-WARTS महत्वपूर्ण लेख महाबला माइग्रेन माईग्रेन माईंड सैट माजूफल मानसिक मानसिक-Mental मानिसक तनाव-Mental Stress मायोपिया मासिक मासिक-धर्म मासिकधर्म मासिकस्राव माहवारी मिनरल मिर्गी मिर्च-Chili मीठा खाने की आदत मुख मैथुन-ओरल सेक्स-Oral Sex मुधमेह मुलहठी मुलेठी मुहाँसे मूँगफली मूड डिस्ऑर्डर-Mood Disorders मूत्र मूत्र असंयमितता मूत्र में जलन-Burning in Urine मूत्राशय मूर्च्छा (Unconsciousness) मूली मृत्यु मृत्युदण्ड मेथी मेथी दाना मेंहदी मैथुन मोगरा (Mogra) मोटापा मोटापा-Obesity मोतियाबिंद मौत मौलसिरी मौसमी बीमारियां यकृत यकृत प्लीहा यकृत वृद्धि-Liver Growth यकृत-लीवर-जिगर-Lever यूपेटोरियम परफोलियेटम योग विज्ञापन योन योनि योनि ढीली योनि शिथिल योनि शूल-Vaginal Colic योनि संकोचन योनी योनी संकोचन यौन यौन आनंद यौन दौर्बल्य यौनशक्ति यौनशिक्षा यौनसुख यौनानंद यौनि रक्त प्रदर (Blood Pradar) रक्त रोहिड़ा-TECOMELLA UNDULATA रक्तचाप रक्तपित्त रक्तशोधक रक्ताल्पता रक्ताल्पता (एनीमिया)-Anemia रस-juices रातरानी Night Blooming Jasmine/Cestrum nocturnum रामबाण रामबाण औषधियाँ-Panacea Medicines रुक्षांश रूसी रूसी मोटापा रेचक रेठु रोग प्रतिरोधक लकवा लक्ष्मी लंच लसोड़ा लस्सी लहसुन लहसुन-Garlic लाइलाज लाभ लिंग लिंग प्रवेश लिसोड़ा लीकोरिया लीवर लीवर-Liver लू-hot wind लैंगिक लोनिया लौकी लौंग की चाय ल्युकोरिया ल्यूकोरिया ल्यूज योनी वजन वज़न वजन कम वजन बढाएं-Weight Increase वन/जंगली तुलसी वनौषधियाँ वमन वमन विकृति-Vomiting Distortion वसा वात वात श्लैष्मिक ज्वर वात-Rheumatism वायरल वायरल फीवर वायरल बुखार-Viral Fever वासना विटामिन विधारा वियाग्रा-Viagra विलायती नीम विष विषखपरा वीर्य वीर्य वृद्धि वृक्कों (गुर्दों) में पथरी-Renal (Kidney) Stone वृक्ष वैज्ञानिक वैधानिक वैवाहिक जीवन वैवाहिक जीवन-Marital वैश्यावृति व्यायाम शंखपुष्पी शरपुंखा शराब शरीफा-सीताफल-Custard apple शर्करा शलगम-Beets शल्यक्रिया शहद शहद-Honey शारीरिक शिथिलता शीघ्र पतन शीघ्रपतन शुक्राणु-Sperm शुक्राणू शुगर शोथ श्योनाक श्रेष्ठतर श्वास श्वांस श्वेत प्रदर श्वेत प्रदर-Leucorrhea श्वेतप्रदर षड़यंत्र संकुचन संकोच संक्रमण संखाहुली संतरा-Orange संतान संतुष्टि सत्यानाशी सदा सुहागन सदाफूली सदाबहार सदाबहार चूर्ण सनबर्न सफ़ेद दाग सफेद पानी सब्जि सब्जियां-Vegetables सब्जी संभालू संभोग समर्पण-Dedication सरकार को सुझाव सरफोंका सरहटी सर्दी सर्दी जुकाम-Cold सर्पक्षी सर्पविष सलाद संवेदना सहदेई सहदेवी साइटिका साइटिका-Sciatica साइड इफेक्ट्स साबूदाना-Sago सायटिका सिजेरियन सिर दर्द सिरका सिरदर्द सिरोसिस सीजर डिलेवरी सुगर सुदर्शन सुहागा सूखा रोग सूजन सेक्स सेक्स परामर्श-Sex Counseling सेक्स पावर सेक्स समस्या सेक्स हार्मोन सेक्‍स-Sex सेंधा नमक सेब सेमल-Bombax Ceiba सेल्स सोजन-सूजन सोंठ सोना पाठा सोयाबीन सोयाबीन (Soyabean) सोयाबीन-Soyabean सोराइसिस सोरियासिस-Psoriasis सौंठ सौंदर्य सौंदर्य-Beauty सौन्दर्य सौंफ सौंफ की चाय सौंफ-Fennel स्किन स्तन स्तन वृद्धि स्तनपान स्तम्भन स्त्री स्त्रीत्व स्त्रैण स्वप्न दोष स्वप्नदोष स्वप्नदोष-Night Fall स्वरभंग स्वर्णक्षीरी स्वस्थ स्वास्थ्य स्वास्थ्य रक्षक सखा हजारदानी हड़जोड़ हड्डी हड्डी में दर्द हड्डीतोड़ ज्वर हड्डीतोड़ बुखार हरड़ हरसिंगार हरी दूब-CREEPING CYNODAN हरीतकी हर्टबर्न हस्तमैथुन हस्तमैथुन-Masturbation हारसिंगार हालात हिचकी हिचकी-Hiccup हिमोग्लोबिन-hemoglobin हिस्टीरिया हिस्टीरिया-Hysteria हींग हीनतर हृदय हृदय-Heart हेपेटाइटिस हेपेटाईटिस हेल्थ टिप्स-Health-Tips हैजा हैपीनेस-Happiness हैल्थ होम केयर टिप्स-Home Care Tips होम्योपैथ होम्योपैथिक होम्योपैथी होम्योपैथी-Homeopathy