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मक्का (Corn) : परम्परागत औषधीय उपयोग

मक्का (Corn) : परम्परागत औषधीय उपयोग

लेखक: डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'1-परिचय (Introduction): मक्का की खेती करना या मक्का घर के पास खाली जगह पर उगाना बहुत सरल है। इसकी देखरेख अधिक नहीं करनी पड़ती है और इसकी उपज भी अच्छी होती है। मक्का के टिक्कड़ मोटी रोठियां बनती हैं। भारत के अनेक क्षेत्रों में आदिवासी तथा ग्रामीण लोग मक्के के रोटी, मक्के के पानिये और उड़द के आटे की भुजिया के साथ में भोजन में प्रयोग करते हैं। शुद्ध मक्का के आटे के या मक्का को बेसन या दूसरी दालों में मिलाकर अनेक तरह के पकौडे़ तथा दूसरे पकवान बनाये जाते हैं। पकने से पहले नर्म—नर्म ताजे मक्के के भुट्टे सेंककर खाने का आनंद तो अपने आप में अनौखा होता है। मक्के के सूखे दाने की खील भी बनाये जाते हैं। जिन्हें सिनेमा हालों में ऊंची कीमत पर बेचा जाता है। इन सबसे बढकर मक्का के अनेक औषधीय उपयोग भी हैं।

2-पोषक तत्व: भुट्टे के दानों में बहुत सारा मैग्नीशियम, आयरन, कॉपर, विटामिन ए, विटामिन बी 9, फोलिक एसिड, विटामिन सी और फॉस्फोरस पाया जाता है। जो स्वास्थ्य वर्धक है। अत: इसका सेवन करना चाहिये।
प्रत्येक 100 ग्राम मक्का में उपस्थित पोषक तत्व:
(Nutritional value of corn per 100 gm)
ऊर्जा         : 360 किलोजूल (86 किलोकैलोरी)
प्रोटीन        : 3.27 ग्राम
फाइबर       : 2 ग्राम
विटामिन A   : 9 μg
विटामिन B1 : 0.155 mg
विटामिन B2 : 0.055 mg
विटामिन B3 : 1.77 mg
विटामिन C   : 6.8 mg
आयरन       : 0.52 mg
मैग्नीशियम    : 37 mg
पोटेशियम    : 270 mg
जिंक         : 0.46 mg

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3-सामान्य गुण (Property): मक्का अत्यन्त रूक्षा (रूखा), कफ और पित्तनाशक, रुचि को बढ़ाने वाला, दस्तों को रोकने वाला होता है। वायु पैदा करने वाला (बढ़ाने वाला) होता है।

4-हानिकारक प्रभाव (Harmful Effects): मक्का पचने में गरिष्ठ अर्थात भारी है। अत: जिसका शरीर बलवान हो और जिसकी पाचन शक्ति तेज या अच्छी हो, वही इसको आसानी से पचा सकता है। कमजोर पाचन-शक्ति वालों के लिए मक्का हानिकारक है। यह शरीर की नसों को शिथिल करता है।

5-मक्का का तेल: मक्का का तेल भी निकाला/बनाया जा सकता है। जो बेहद स्वास्थ्यवर्धक है।

6-तेल को निकालने की विधि: ताजी नर्म-दूधिया मक्का के दाने पीसकर कांच की शीशी में भरकर खुली हुई शीशी धूप में रख दें। कुछ दिनों में शीशी में से दूध सूखकर उड़ जाएगा और तेल मात्र शीशी में शेष रह जाएगा। इस तेल को छानकर दूसरी साफ शीशी में भरकर सुरक्षित रख लें और इस तेल से मालिश किया करें। इस तेल की कमजोर बच्चों के पैरों पर मालिश करने से बच्चे के पैरों में शक्ति आती है और बच्चा जल्दी चलने लगता है। 1 चम्मच तेल में शर्बत मिलाकर पीने से शारीरिक बल भी बढ़ता है।

7-भुट्टे के रेशों का ड्रिंक बनाने की विधि और रेशों के लाभ:
(1) एक गिलास पानी को उबलने के लिये रख दें। पानी उबलने के बाद, इसमें भुट्टे के रेशों को डालकर 15 मिनट तक और उबालें। गुनगुना होने पर इसमे चुटकी भर काला नमक और नींबू निचोड़कर पियें।
(2) काच के बर्तन में एक गिलास साफ पानी में भुट्टे के रेशे डालकर दिनभर के लिये धूप में रख दे। शाम को इस पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर पियें।
(3) भुट्टे के रेशों का ड्रिंक किडनी को हेल्दी रखने और कई बीमारियों से बचाने में हेल्पफुल होता है।
(4) भुट्टे के बालों/रेशों में भी कई हेल्दी न्यूट्रिएंट्स होते हैं जो अनेक बीमारियों से बचाव में मददगार होते हैं। जो अनेक बीमारियों से लड़ने में सहायता करते हैं।
(5) संक्रमण से सुरक्षा: इनका सेवन ब्लैडर/मूत्राशय में इंफेक्शन पैदा करने वाले माइक्रोब्स को मारते हैं। अत: मूत्राशय के संक्रमण की संभावना न्यूनतम हो जाती है।
(6) भुट्टे के रेशों से बना ड्रिंक फैट बर्निंग प्रोसेस को तेज करता है।
इससे मोटापे से बचाव होता है।
(7) पथरी के उपचार में सिल्क को पानी में उबालकर बनाये गये काढ़े का प्रयोग होता है।
(8) मक्के के बाल (Corn Silk) का उपयोग पथरी रोगों की चिकित्सा मे होता है। पथरी से बचाव के लिए रात भर सिल्क को पानी मे भिगोकर सुबह सिल्क हटाकर पानी पीने से लाभ होता है।

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8-मक्का का विभिन्न रोगों में उपचार (Treatment of various diseases): पेट एवं पाचन: मक्का मनुष्य के पाचन तंत्र को मजबूती प्रदान करता है। जिससे भोजन अच्छे से पचता है और भूख भी अच्छी लगती है। मक्का में पेट यानि आमाशय को ताकत देने का बहुत अच्छा गुण पाया जाता है। अत: यदि गेहूँ के आटे के स्थान पर मक्के के आटे का प्रयोग करें तो यह लीवर के लिये अधिक लाभकारी है। यह प्रचूर मात्रा में रेशे से भरा हुआ है इसलिये इसे खाने से पेट का डायजेशन/चाचन अच्छा रहता है। मक्का कब्ज को दूर करता है। कब्ज से कौन राहत नहीं पाना चाहता? मक्का/कॉर्न में जो फाइबर होता है, वह मलाशय या कोलन/पेट में जमे हुए खाद्य पदार्थों को निकालने में सहायता कर कब्ज के कष्ट से राहत दिलाता है। अत: मक्का के सेवन से कब्ज, बवासीर और पेट के कैंसर के होने की संभावना कम हो जाती है। भुट्टे के रेशे और रेशों से बने ड्रिंक में मौजूद फाइबर भी पाचन क्रिया को बेहतरीन रखते हैं। मक्का का भुट्टा खाने से मुंह के अंदर अधिक लार बनने लगती है, जिससे पंचान तंत्र सही हो जाता है।


9-शक्तिवर्धक: मक्का खाने से शरीर को काफी लाभ मिलता है। इसे मक्का आमाशय को मजबूत बनता है। मक्का खून को बढ़ाने वाला (रक्त-वर्धक) होता है।

10-खांसी, कुकर-खांसी और जुकाम: मक्का के भुट्टे को जलाकर उसकी राख पीस लें, इसमें स्वादानुसार सेंधानमक मिला लें, फिर रोजाना 4 बार चौथाई चम्मच लेकर गर्म पानी से फंकी लें। इसके सेवन से खांसी, कुकर-खांसी और जुकाम में लाभ मिलता है।

11-पेशाब में जलन होना: ताजा मक्का के भुट्टे को पानी में उबालकर उस पानी को छानकर मिश्री मिलाकर पीने से पेशाब की जलन और गुर्दों की कमजोरी दूर होती है।

12-यक्ष्मा (टी.बी.): टी.बी. के रोग से पीड़ित व्यक्ति को मक्का की रोटी खिलाने से आराम मिलता है।

13-पथरी: पथरी के उपचार के लिये मक्का के अनेक उपयोग हैं—

(1) भुट्टे के बाल का उपयोग पथरी से बचाव के लिए किया जाता है। अगर भुट्टे के बाल को रात भर पानी मे भिगो दें और सुबह  मक्का के सारे बाल हटाकर उस पानी को पी लें। इससे लाभ मिलता है।
(2) मक्का के भुट्टे और जौ को जलाकर राख कर लें। दोनों को अलग-अलग पीसकर अलग-अलग शीशियों में भरकर रख लें। उन शीशियों में से दो चम्मच मक्का की राख और दो चम्मच जौ की राख को एक कप पानी में घोल लें, फिर छानकर इस पानी को पी लें। ऐसा करने से पथरी गल जाती है और पेशाब खुलकर आता है।
(3) मक्के को तथा जौ को अलग-अलग जलाकर भस्म (राख) बनाकर पीस लें तथा अलग-अलग बर्तन में रखें। रोजाना सुबह मक्के का 2 चम्मच भस्म (राख) 1 कप पानी में मिलाकर पीयें तथा शाम को जौ का भस्म (राख) 2 चम्मच एक कप पानी में मिलाकर पीने से पथरी ठीक हो जाती है।

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14-उल्टी: मक्का के भुट्टे में से दाने निकालकर उन्हें जलाकर राख कर लें, फिर इस राख को आधा ग्राम लेकर शहद के साथ चाटें। इससे कै (उल्टी) आना तुंरत ही बन्द होती है।

15-काली/सूखी खांसी: मक्का के बीज निकाले हुए भुट्टे को जलाकर राख कर लें। इसके 1-2 ग्राम राख को शहद के साथ दिन में 2 बार सेवन करने से काली खांसी दूर हो जाती है।

16-खांसी:
(1) मक्का को जलाकर उसकी राख को इकट्ठा कर लें, फिर इसमें लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग की मात्रा में पिसा हुआ कोयला और कालानमक मिलाकर रख दें। इसे शहद के साथ सुबह-शाम चाटने से कालीखांसी और कुकुर खांसी भी दूर हो जाती है। 
(2) मक्का के भुट्टे को जलाकर उसकी राख को पीस लें। इसमें थोड़ा-सा सेंधानमक मिला दें। इसके आधा-आधा चम्मच चूर्ण गर्म पानी के साथ सेवन करने से खांसी में लाभ मिलता है।
(3) गुल्ली के दाने निकालने के बाद जो बीच का हिस्सा बचे, उसको सुखाकर जला लें और राख बना लें। इस राख को प्रतिदिन गुनगुने पानी के साथ फांकने से खांसी का इलाज होता है। खांसी कैसी भी हो यह चूर्ण लाभ देता ही है। यहां तक कि कूकर खांसी में भी बड़ी राहत मिलती है।

17-जुकाम: मक्के के भुट्टे को पूरी तरह से जलाकर उसकी राख बना लें, फिर इसमें स्वाद के अनुसार सेंधानमक मिलाकर रोजाना 4 बार फंकी लें। इससे जुकाम ठीक हो जाता है। इसके अलावा जब भुट्टे खाएं तो गुल्ली के दानों को खाने के बाद जो भुट्टे का बीच का भाग बचता है, उसे फेंकें नहीं, बल्कि उसे बीच में से तोड़ लें और उसे सूंघें। इससे जुकाम में बड़ा फायदा मिलता है। इसके बाद में भी फेंकें नहीं, बल्कि इसे जानवर को खाने के लिए डाल सकते हैं।

18-मूत्ररोग:
(1) लगभग 30 ग्राम मक्का के सुनहरी बालों को 250 ग्राम पानी में उबालें और जब 60 ग्राम रह जाये तो छानकर ठंडा करके पी लें, इससे पेशाब खुलकर आता है। अगर ताजे भुट्टे को छिलके सहित पानी में उबाल लें और फिर उस पानी को छानकर मिसरी मिलाकर पी लें। तो इसे पीने से पेशाब की जलन धीरे-धीरे दूर हो जाती है।
(2) ताजा मक्का के भुट्टे को पानी में उबालकर उस पानी को छानकर मिश्री मिलाकर पीने से पेशाब की जलन व गुर्दों की कमजोरी हो जाती है।

19-गुर्दे के रोग: मक्के के भुट्टे के 20 ग्राम बालों को 200 मिलीलीटर पानी में डालकर उबालें। जब 100 मिलीलीटर पानी ही शेष बचे तब छानकर पीने से गुर्दे के रोग ठीक हो जाते हैं।

20-प्रदर रोग: मक्का की छूंछ/डंठल की राख शहद के साथ सेवन करने से प्रदर रोग में लाभ होता है।

21-मोटापा कम करे: भुट्टे के बालों/रेशों के सेवन से कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) कंट्रोल में रहता है और मोटापा भी कम होता है। इसलिए यह दिल की बीमारियों से भी रक्षा करता है।

22-दिल की कमजोरी: मक्का के दाने निकली हुई भुट्टे की डण्डी (भुट्टे का बीच का भाग) को जलाकर इसकी राख को पीसकर रख लें। इसके आधा ग्राम चूर्ण को ताजा मक्खन के साथ खाने से दिल की कमजोरी दूर होती है। मक्का के भुट्टों के रेशों का ड्रिंक शुगर और कोलेस्ट्रोल लेवल को कण्ट्रोल करता है, इससे हार्ट की समस्या से बचाव होता है। भुट्टा दिल की बीमारी को भी दूर करने में सहायक है, क्योंकि इसमें विटामिन सी, कैरोटिनॉइड और बायोफ्लेवनॉइड पाया जाता है। यह कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढ़ने से बचाता है और शरीर में खून के प्रवाह को भी बढ़ाता है।

23-हड्डियां मजबूत: भुट्टे में विटामिन A, B और E, मिनरल्स और कैल्शियम काफी मात्रा में पाये जाते हैं। मक्का में जिन्क, फॉस्फोरस, मैग्नेशियम और आयरन होता है, जो हड्डियों को मजबूती प्रदान करने में अहम् भूमिका निभाते हैं। जिससे हड्डियां मजबूत बनती हैं। यहाँ तक कि मक्का का सेवन गठिया या अर्थराइटिस जैसे रोगों के होने की संभावना को भी कम करता है।

24-दृष्टि वर्धक: मक्का में बीटा-कैरोटीन होता है, जो विटामिन ए के उत्पादन में सहायता करता है। यह आँख संबंधी समस्याओं को कम करता और दृश्य-शक्ति को उन्नत करता है। साथ ही बढ़ती उम्र में होने वाली रतौंधी या मैक्युलर डीजनरेशन (Macular Degeneration* =जिसका परिणाम दृष्टि में धुंधलापन होता है। यह अंधापन पैदा कर सकता) की संभावना को कम करता है।
*A degenerative condition affecting the central part of the retina (the macula) and resulting in distortion or loss of central vision. It occurs especially in older adults, in which case it is called age-related macular degeneration.-एक degenerative स्थिति रेटिना (मैक्यूला) के केंद्रीय हिस्से को प्रभावित करता है और जिसके परिणामस्वरूप केंद्रीय दृष्टि के विरूपण या नुकसान होता है। यह विशेष रूप से पुराने वयस्कों में होता है, इस मामले में इसे आयु से संबंधित मैकुलर अपघटन कहा जाता है।

25-एनर्जी: मक्का एनर्जी प्रदान करता है। कार्बोहाइड्रेड एनर्जी का स्रोत होता है। मक्का/कॉर्न में कार्बोहाइड्रेड प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर को भरपूर मात्रा में एनर्जी तो देता ही है साथ ही पेट को देर तक भरा हुआ रखता है। भुट्टे के तेल को पीने से शरीर शक्तिशाली होता है। हर रोज एक चम्मच तेल को चीनी के बने शर्बत में मिलाकर पीने से बल बढ़ता है।

26-कोलेस्ट्रॉल फाइटर: भुट्टे को एक बेहतरीन कोलेस्ट्रॉल फाइटर माना जाता है, जो दिल के मरीजों के लिए बहुत अच्छा है। यह कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढने से बचाता/रोकता है और शरीर में खून के फ्लो/बहाव को भी बढाता है। यह खून की नलियों में कोलेस्ट्रोल जमा होने से रोकता है। साथ ही यह धमनियों में जमें कॉलेस्ट्रॉल को बाहर निकाल देता है।

27-बच्चों के लिये: बच्चों के विकास के लिए भुट्टा बहुत फायदेमंद माना जाता है। भुट्टे के तेल से बच्चों की मालिश की जाती है।

28-कैंसर फाईटर: भुट्टे को सेंकने या पकाने के बाद इसके 50 प्रतिशत एंटी-ऑक्सीडेंट्स गुण बढ़ जाते हैं। ये बढती उम्र को रोकते हैं और यह कैंसर से लड़ने में मदद करता है। पके हुए भुट्टे में फेरूलिक एसिड होता है जो कि कैंसर जैसी बीमारी में लड़ने में बहुत मददगार होता है। इसके अलावा भुट्टे में मिनरल्स और विटामिन प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं।

29-गर्भावस्था में उपयोगी: मक्का का सेवन प्रेगनेंसी/गर्भावस्था में भी बहुत लाभदायक होता है। मक्का में जो विटामिन बी9 और फॉलिक एसिड होता है, वह गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। मक्का एक ऐसा हेल्दी स्नैक्स/नाश्ता है, जो वजन को कंट्रोल करने के साथ-साथ आपको स्वस्थ/हेल्दी और फिट एण्ड फाइन बनाता है। इसलिये गर्भवती महिलाओं को इसे अपने आहार में अवश्य शामिल करना चाहिये। इसमें फोलिक एसिड पाया जाता है। जिसकी कमी से होने वाला बच्चा अंडरवेट हो सकता है और कई अन्य बीमारियों से पीड़ित भी हो सकता है। अत: मक्का का सेवन इन तकलीफों से प्रतिरक्षा करता है। बच्चों के विकास के लिए मक्का या ताजा भुट्टा बहुत फायदेमंद माना जाता है।

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30-एनीमिया-रक्ताल्पता (Anemia): (रक्ताल्पता=रक्त की ऑक्सीजन वाहन की क्षमता में कमी हो जाना जो रक्त में लाल रक्त कोशिकाओं की संख्‍या अथवा हीमोग्लोबिन की मात्रा में सामान्य से नीचे कमी हो जाने पर होती है) एनीमिया रोग आयरन के कमी के कारण होता है। मक्का में आयरन खूब होता है जो खून की कमी को दूर करता है। मक्का का भुट्टा आयरन का एक अच्छा स्रोत है। अगर मक्का-भुट्टे को दैनिक आहार में शामिल किया जायेगा तो इससे आयरन की कमी पूरी होने लगेगी और एनीमिया रोग से बचाव भी होगा। भुट्टा हमारे शरीर में खून की कमी को पूरी करता है। इससे हमारा खून भी साफ हो जाता है, जिससे हमारे शरीर का रंग भी साफ हो जाता है।

31-खून जमने में सहायता: विटामिन की अधिकता के कारण मक्का रक्त के जमने की क्षमता को बढ़ाता है। इससे चोट लगने पर खून कम बहता है।

32-डायबीटीज: भुट्टे के रेशे खून में इन्सुलिन की मात्रा को संतुलित रखते हैं, जिससे डायबीटीज कंट्रोल में रहता है| यह ब्लड में सुगर लेवल मेन्टेन रखता है। इसके कारण डायबिटीज से बचाव होता है।

33-चर्मरोग: मक्का में कैरोटिन होता है जो कि त्वचा के लिये बहुत फायदेमंद होता है। इसलिये मक्का दाद, खाज, खुजली आदि चर्म रोगों के लिये बहुत अच्छी दवा है। खुजली के लिए भी भुट्टे का स्टॉर्च (Starch=मांडी) प्रयोग किया जाता है। वहीं इसके सौंदर्य लाभ भी कुछ कम नहीं है।

34-त्वचा निखारे: बढ़ती हुई उम्र के कारण झुर्रियों का पड़ना और खूबसूरती में कमी आना यह समस्या सभी को बहुत परेशान करती है। इस समस्या से बचने के लिए भुट्टा ज़रूर खाएं, क्योंकि इसमें विटामिन ए, विटामिन सी और एंटी ऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो झुर्रियों को आने से रोककर त्वचा को निखार प्रदान करते हैं। मक्का के स्टार्च के प्रयोग से त्वचा खूबसूरत और चिकनी बन जाती है।

35-दांत: सबसे पहली बात तो यह है कि बड़ों के साथ-साथ बच्चों को भी भुट्टे अवश्य खिलाने चाहिए, इससे उनके दांत मजबूत होते हैं।

36-सांस: गुल्ली के दाने निकालने के बाद जो बीच का हिस्सा बचे, उसको सुखाकर जला लें और राख बना लें। सांस के रोगों में यह बड़ा कारगर इलाज है।

37-कैसी भी खांसी: गुल्ली के दाने निकालने के बाद जो बीच का हिस्सा बचे, उसको सुखाकर जला लें और राख बना लें। इस राख को प्रतिदिन गुनगुने पानी के साथ फांकने से खांसी का इलाज होता है। खांसी कैसी भी हो यह चूर्ण लाभ देता ही है। यहां तक कि कूकर खांसी में भी बड़ी राहत मिलती है।

38-बाल: नियमित भुट्टा खाने से बाल झड़ने की समस्या खत्म हो जाती है, क्योंकि भुट्टा में काफी मात्रा में विटामिन ई तत्व मिलता है जो बालों को जड़ से मजबूत बना देता है। जिन लोगों के बालों की समस्या रहती है-जैसे बालों का झड़ना, असमय सफेद बाल आना, उनको हफ्ते में एक बार भुट्टे का सेवन जरूर करना चाहिए। भुट्ठा बालों को संपूर्ण आजादी देता है, जिससे बाल काले मजबूत और घने हो जाते हैं।

39-पढ़ाई में एकाग्रता: सभी विद्यार्थियों को हफ्ते में कम से कम एक बार भुट्टा/मक्का जरूर खाना चाहिए। क्योंकि भुट्टे में मौजूद प्रोटीन पढ़ाई में एकाग्रता को बढ़ाते हैं। इससे दिमाग भी तरोताजा रहता है। यह पढ़ने की शक्ति को भी बढ़ाता है।

40-गुर्दा एवं गुर्दे की पथरी: मक्का के भुट्टे के रेशे किडनी में जमा हुए टॉक्सिन्स और नाइट्रेट (Toxins and Nitrate) को बाहर निकाल देते हैं, जिससे किडनी स्टोन होने का खतरा समाप्त हो जाता है। यह बॉडी Toxins (विषाक्त पदार्थों) निकालकर किडनी को स्वस्थ रखता है। किडनी स्टोन के खतरे से बचाता है। मक्के के रेशों/बालों (Corn Silks) का उपयोग पथरी रोगों की चिकित्सा में होता है। पथरी से बचाव के लिये रात भर रेशों को पानी मे भिगोकर सुबह रेशे हटाकर पानी पीने से लाभ होता है। पथरी के उपचार में रेशों को पानी में उबालकर बनाये गये काढ़े का प्रयोग भी किया जाता है।

यदि आप किसी लाइलाज समझी जाने वाली तकलीफ के कारण लम्बे समय से बीमार या अस्वस्थ या परेशान हैं तो निरामय उपचार हेतु आपके निकट के किसी आयुर्वेद और, या होम्योपैथी के डॉक्टर से सम्पर्क करें।साथ ही*अनेकानेक स्वास्थ्य सम्बन्धी विषयों की अधिक जानकारी और रोगियों के अनुभवों की जानकारी हेतु हमारी निम्न वेबसाइट पर विजिट/क्लिक करके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बने:*


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--->--->श्रीमती जानकी पुरुषोत्तम मीणा जिनका 08 अप्रेल, 2012 को असमय निधन हो गया!

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सभी के स्वस्थ एवं सुदीर्घ जीवन की कामना के साथ-मेरे प्यारे और दुलारे तीन बच्चों की ममतामयी अद्वितीय माँ (मम्मी) जो दुखियों, जरूतमंदों और मूक जानवरों तक पर निश्छल प्यार लुटाने वाली एवं अति सामान्य जीवन जीने की आदी महिला थी! वह पाक कला में निपुण, उदार हृदया मितव्ययी गृहणी थी! मेरी ऐसी स्वर्गीय पत्नी "जानकी मीणा" की कभी न भुलाई जा सकने वाली असंख्य हृदयस्पर्शी यादों को चिरस्थायी बनाये रखते हुए इस ब्लॉग को आज दि. 08.08.12 को फिर से पाठकों के समक्ष समर्पित कर रहा हूँ!-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'

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Immunity IMPOTENCY Incurable indigestion Jaundice Juice Juice of Berries LAND CALTROPS Lemon Leucas Aspera Leucorrhea Lever Liver Cirrhosis Liver fibrosis Low Blood Pressure Marital Dispute Consultant Masturbation Mexican Daisy Mexican Poppy Migraine Migraines Myopia Neurons Night Jasmine Nutgrass Nutmeg Nutsedge Obesity Omega 3 Oroxylum indicum Painkillers Phyllanthus Niruri Piles Portulaca Oleracea Post Effect Pregnancy Safe-Guard Pregnancy Safeguard Pregnancy-Safe-Guard Premature Ejaculation Prostate Gland Protein Purple Nutsedge Raan Tulas Radish Rectal Collapse Rectal Prolapse rectum collapse Saffron Senna occidentalis Separation Sex Sexual Power Sickness side effects less Side-Effects Spermatorrhoea Sperms Spiny Amaranth Stone Stone Breaker Sword fruit tree TECOMA STANS Thermometer Tickweed Tips Treatment of Incurable Tribulus Terrestris Tridax Procumbens Umbrella Sedge Unquenchable Conjugal Uterine Prolapse vaginal Creaks Vaginal Prolapse Viral Vitamins Vitex Negundo Wheatgrass White Discharge Yellow Spider Flower अंकुरित अनाज अंकुरित गेहूं-Wheat germ अंकुरित भोजन-Sprouts अखरोट अंगूर-Grapes अचूक चमत्कारिक चूर्ण अजवाइन अजवायन अजीर्ण-Indigestion अंडकोष अडूसा (वासा)-Adhatoda Vasika-Malabar nut अण्डी अतिबला अतिसार अतिसार-Diarrhea अतृप्त अतृप्त दाम्पत्य अत्यंत असहिष्णुता अदरक अदरख अंधश्रृद्धा अध्ययन अनिद्रा अपच अपराजिता अपराधबोध अफरा अफीम अमरूद अमृता अम्लपित्त-Pyrosis अरंडी अरणी अरण्ड अरण्डी अरलू अरुचि अरुचि-Anorexia-Distaste अर्जुन अर्थराइटिस अर्द्धसिरशूल अर्श अर्श रोग-बवासीर-Hemorrhoids-Piles अलसी अल्सर अल्सर-Ulcers अवसाद अवसाद-Depression अश्मःभेदः अश्वगंधा अश्वगंधा-Winter Cherry असंतुष्ट असफल असर नहीं असली अस्थमा अस्थमा-दमा-Asthma आइरन आक आकड़ा आघात आत्महत्या आंत्र कृमि आंत्रकृमि-Helminth आंत्रिक ज्वर-टायफाइड-Typhoid fever आधाशीशी आधासीसी आंधीझाड़ा-ओंगा-अपामार्ग-Prickly Chalf flower आमला आमवात आमाशय आयुर्वेद आयुर्वेदिक आयुर्वेदिक उपचार आयुर्वेदिक औषधियां आयुर्वेदिक सीरप-Ayurvedic Syrup आयुर्वेदिक-Ayurvedic आरोग्य आँव आंव आंवला आंवला जूस आंवला रस आशावादी-Optimistic आसन आसान प्रसव-Easy Delivery आहार चार्ट आहार-Food आॅपरेशन आॅर्गेनिक इच्छा-शक्ति इन्द्रायण इन्फ्लुएंजा इमर्जेंसी में होम्योपैथी इमली-Tamarind Tree इम्युनिटी इलाज इलाज का कुल कितना खर्चा इलायची उच्च रक्तचाप उच्च रक्तचाप-High Blood Pressure-Hypertension उत्तेजक उत्तेजना उदर शूल-Abdominal Haul उदासी उन्माद-Mania उपवास उम्र उल्टी ऊर्जा एक्जिमा एक्यूप्रेशर एग्जिमा एजिंग-Aging एंटी ऑक्सीडेंट्स एंटी-ओक्सिडेंट एंटीऑक्सीडेंट एण्टी-आॅक्सीडेंट एनजाइना एनीमिया एमिनो एसिड एरंड एलर्जी एलर्जी-Allergy एलोवेरा एलोवेरा जूस एल्यूमीनियम ऐंठन ऐलोपैथ ऐसीडिटी ऑर्गेनिक ओमेगा 3 के स्रोत ओमेगा-3 ओर्गेनिक औषध-Drug औषधि सूची-Drug List औषधियों के नुकसान-Loss of drugs कचनार कचनार-Bauhinia Purpurea कटुपर्णी कड़वाहट कंडोम कद्दू कनेर कपास-COTTON कपिकच्छू कपूरीजड़ी कफ कब्ज कब्ज़ कब्ज-कोष्ठबद्धता-Constipation कब्ज. Cucumber कब्जी कमजोरी कमर कमर दर्द करेला कर्ण वेदना कर्णरोग कष्टार्तव-Dysmenorrhea कांच निकलना काजू कान कानून सम्मत काम काम शक्ति कामवाण पाउडर कामशक्ति कामशक्ति-Sexual power कामेच्छा कामोत्तेजना कायाकल्प कार्बोहाइड्रेट कार्बोहाइड्रेट-Carbohydrates काला जीरा काला नमक काली जीरी काली तुलसी काली मिर्च काले निशान कास-खांसी-Cough किडनी किडनी संक्रमण किडनी स्‍टोन कीड़े कीमोथेरेपी कुकरौंधा कुकुंदर कुटकी-Black Hellebore कुबडापन कुल्थी कुल्ला कुष्ट कुष्ठ कृमि केला केसर कैफीन-Caffeine कैलोरी कैलोरी चार्ट कैलोरी-Calories कैवांच कैविटी कैंसर कॉफी कॉफ़ी कॉलेस्ट्रॉल कोंडी घास कोढ़ कोबरा कोलेस्‍ट्रॉल कोलेस्ट्रॉल-Cholesterol कोलेस्ट्रोल कौंच कौमार्य क्रियाशीलता क्रोध क्षय रोग-Tuberculosis क्षारीय तत्व क्षुधानाश खजूर खजूर की चटनी खनिज खरबूजा-Musk melon खरेंटी खरैंटी शिलाजीत खाज खांसी खिरेंटी खिरैटी खीरा खुजली खुशी-Joy खुश्की खुश्बू खोया गंजापन-Baldness गठिया गठिया-Arthritis गठिया-Gout गड़तुम्बा गंडा-ताबीज गंध गन्ने का रस गरमा गरम गर्भ निरोधक गर्भधारण गर्भपात गर्भवती गर्भवती कैसे हों? गर्भावस्था गर्भावस्था की विकृतियां-Disorders of Pregnancy गर्भावस्था के दौरान संभोग-Sex During Pregnancy गर्भावस्था-Pregnancy गर्भाशय गर्भाशय भ्रंश गर्भाशय-उच्छेदन के साइड इफेक्ट्स-Side Effects of Hysterectomy गर्म पानी गर्मी गर्मी-Heat गलगण्ड गाजर गाजवां गांठ गाँठ-Knot गारंटी गाल ब्लैडर गिलोय गिल्टी गुड़हल गुंदा गुदाद्वार गुदाभ्रंश गुर्दे गुलज़ाफ़री गुस्सा गृध्रसी गृह-स्वामिनी गेदुआ की छाछ गैस गैस्ट्रिक गैहूं का जवारा गोक्षुरादि चूर्ण गोखरू गोखरू (LAND CALTROPS) गोंद कतीरा-Hog-Gum गोंदी गोभी-Cabbage गोरख मुंडी गोरखगांजा गोरखबूटी गोरखमुंडी ग्रीन-टी घमोरी घरेलु ​नुस्खे घाघरा घाव चकवड़ चक्कर चपाती चमत्कारिक सब्जियां चरित्र चर्बी चर्म चर्म रोग चर्मरोग चाय चाय-Tea चालीस के पार-Forty Across चिकनगुनिया चिकित्सकीय चिटकन चिंतित चिरायता-Absinth चिरोटा चुंबन चोक चौलाई छपाकी छरहरी काया छाछ छाले छींक छीकें छुअ छुआरा छुहारा छोटा गोखरू छोटा धतूरा छोटी हरड़ जंक फूड जकवड़ जख्म जंगली तिल्ली जंगली पेड़ जंगली-कटीली चौलाई जटामांसी-Spikenard जलजमनी जलन जलोदर रोग-Ascites Disease जवारा जवारे जवासा-Alhag जहर जामुन का जूस जायफल जिगर जीरा जीवन रक्षक जीवनी शक्ति जुएं जुकाम जुदाई जुलाब जूएं जूस जूस-Juice जोड़ों के दर्द जोड़ों में दर्द जौ ज्यूस ज्योति ज्वर ज्वर-Fiver झाइयाँ झांईं झाड़-फूंक झुर्रियाँ झुर्रियां झुर्री झूठे दर्द टमाटर का रस टमाटर-Tomatoes टाइफाइड टाटबडंगा टायफायड टूटी हड्डी टॉन्सिल टोटला ट्यूमर ठंड ठंडापन ठेकेदार डॉक्टर डकार डकारें डायबिटीज डायरिया डिग्री फ़ारेनहाइट डिग्री सेल्सियस डिजिसेक्सुअल डिटॉक्सीफाई डिटॉक्सीफिकेशन डिनर डिब्बाबंद भोजन डिलेवरी डीकामाली डीगामाली डेंगू डेंगू-Dengue डॉ. निरंकुश डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' डॉ. मीणा ढकार ढीलापन ढीली योनि तकलीफ का सही इलाज तंत्र-मंत्र तम्बाकू तरबूज-Watermelon तलाक ताकत तिल तिल्ली तुंबा तुंबी तुलसी तेल त्रिदोषनाशक त्रिफला त्वचा त्वचा रोग थकान थाईरायड थायरायड-Thyroid थायरॉइड दण्डनीय अपराध दंत वेदना दन्तकृमि दन्तरोग दमा दर वेदना दरार दर्द दर्द निवारक दर्द निवारक दवा दर्दनाक दस्त दही दाग-धब्बे-Stains-Spots दाढ़ दांत दांतो में कैविटी-Teeth Cavity दाद दाम्पत्य दाम्पत्य विवाद सलाहकार दाम्पत्य-Conjugal दाल दालचीनी दालें दिमांग दिल दीर्घायु दु:खी दुर्गंध दुर्बलता दुष्प्रभाव दुष्प्रभावरहित दूध दूध वृद्धि दूधी दूधी-Milk Hedge दृष्टिदोष दो मन द्रोणपुष्पी-Leucas Cephalotes धड़कन धनिया बीज धनिया-Coriander धमासा धात धातु धातु पतन धार्मिक धूम्रपान छोड़ना चाहते हैं? धैर्यहीन नज़ला नपुंसक नपुंसकता नाइट्रिक एसिड नाक नाखून नागबला नागरमोथा नाडी हिंगु नाड़ी हिंगु (डिकामाली) नामर्दी नारकीय पीड़ा नारियल नाश्ता निमोनिया निम्न रक्तचाप निम्बू नियासिन निराश निरोगधाम निर्गुण्डी निर्गुन्डी निष्कपट स्नेह निष्ठा निसोरा नींद नींबू नींबू-Lemon नीम-azadirachta indica नुस्खे नुस्खे-Tips नेगड़ नेत्र रोग नेुचरल नैतिक नॉर्मल डिलेवरी नोनिया नौसादर न्युमोनिया-Pneumonia न्यूरॉन्स पक्षघात पंचकर्म पढ़ने में मन लगेगा पंतजलि पत्तागोभी-CABBAGE पत्थर फोड़ी पत्थरचट्टा पत्नी पथरी पदार्थ पनीर पपीता पपीता-CARICA PAPPYA पमाड परदेशी लांगड़ी परम्परागत चिकित्सा परहेज पराठा परामर्श परिस्थिति पवाड़ पवाँर पाइल्स पाक-कला पाचक पाचन पाचनतंत्र पाचनशक्ति पाठक संख्या 16 लाख पार पाठक संख्या पंद्रह लाख पायरिया पारदर्शिता पारिजात पालक पालक-Spinach पित्त पित्ताशय पित्ती पिंपल-मुंहासे-Pimples-Acne पिरामिड पीलिया पीलिया-Jaundice पीलिया-कामला-Jaundice पुआड़ पुदीना पुनर्नवा-साटी-सौंटी-Punarnava पुरुष पुंसत्व पेचिश पेट के कीड़े पेट दर्द पेट में गैस पेट रोग पेड़ पेद दर्द पेशाब पेशाब में रुकावट पेंसिल थेरेपी-Pencil Therapy पौधे पौरुष पौष्टिक रागी रोटी प्याज-Onion प्यास प्रजनन प्रतिरक्षा प्रतिरक्षा प्रणाली प्रतिरोधक प्रतिरोधक-Resistance प्रदर प्रमेह प्रवाहिका (पेचिश)-Dysentery प्रसव प्रसव सुरक्षा चक्र प्रसव-पीड़ा प्रसूति प्राणायाम प्रेग्नेंसी-Pregnancy प्रेम प्रेमरस प्रेमिका प्रेमी प्रोटीन प्रोटीन का कार्य प्रोटीन के स्रोत प्रोस्टेट प्रोस्टेट ग्रन्थि प्लीहा प्लूरिसी-Pleurisy प्लेटलेट्स फटन फफूंद-Fungi फरास फल फल-Fruit फाइबर फिटकरी फुंसी-Pimples फूलगोभी-CAULIFLOWER फेंफड़े फेरम फॉस फैट फैटी लीवर फोटोफोबिया फोड़ा फोड़े-Boils फोरप्ले फोलिक एसिड फ्लू फ्लू-Flu फ्लेक्स सीड्स बकायन बकुल बड़ी हरड़ बथुआ बथुआ पाउडर बथुआ-White Goose Foot बदबू बबूल-ACACIA बरसाती बीमारियाँ बरसाती बीमारियां बलगम बलवृद्धि बला बलात्कार बवासीर बहरापन बहुनिया बहुमूत्रता- बांझपन बादाम-Almonds बादाम. बाल बाल झड़ना बाल झडऩा-Hair Falling बिना सिजेरियन मां बनें बिवाई बीजबंद बीड़ी बीमारियों के अनुसार औषधियां बीमारी बुखार बूंद-बूंद पेशाब बेल बेली बैक्टीरिया बॉयोकैमी ब्र​ह्मदण्डी ब्रेस्ट ग्रोथ ब्लड प्रेशर ब्लैक मेलिंग ब्लॉकेज भगंदर भगंदर-Fistula-in-ano भगनासा भगन्दर भगोष्ठ भड़भांड़ भय भविष्य भस्मक रोग भावनात्मक भुई आंवला-Phyllanthus Niruri भूई आमला भूई आंवला भूख भूख बढ़ाने भूमि भूमि आंवला भोजनलीवर मकोय मकोय-Soleanum nigrum मक्का मक्का के भुट्टे मंजीठ मटर-PEA मंद दृष्टि मंदाग्नि मदार मधुमेह मधुमेह-Diabetes मन्दाग्नि-Dyspepsia मरुआ मरोड़ मर्द मर्दाना मलाशय मलेरिया मलेरिया (Malaria) मवाद मसाले मस्तिष्क मस्से मस्से-WARTS महंगा इलाज महत्वपूर्ण लेख महाबला माइग्रेन माईग्रेन माईंड सैट माजूफल मानवव्यवहार मानसिक मानसिक लक्षण मानसिक-Mental मानिसक तनाव-Mental Stress मायोपिया मासिक मासिक-धर्म मासिकधर्म मासिकस्राव माहवारी मिनरल मिर्गी मिर्च-Chili मीठा खाने की आदत मुख मैथुन-ओरल सेक्स-Oral Sex मुख्य लक्षण मुधमेह मुलहठी मुलेठी मुहाँसे मूँगफली मूड डिस्ऑर्डर-Mood Disorders मूत्र मूत्र असंयमितता मूत्र में जलन-Burning in Urine मूत्ररोग मूत्राशय मूत्रेन्द्रिय मूर्च्छा (Unconsciousness) मूली मूली कर रस मृत्यु मृत्युदण्ड मेथी मेथी दाना मेंहदी मैथुन मोगरा (Mogra) मोटापा मोटापा-Obesity मोतियाबिंद मौत मौलसिरी मौसमी बीमारियां यकृत यकृत प्लीहा यकृत वृद्धि-Liver Growth यकृत-लीवर-जिगर-Lever यूपेटोरियम परफोलियेटम यूरिक एसिड लेबल योग विज्ञापन योन योन संतुष्टि योनि योनि ढीली योनि शिथिल योनि शूल-Vaginal Colic योनि संकोचन योनिद्वारा योनिभ्रंश योनी योनी संकोचन यौन यौन आनंद यौन उत्तेजक पिल्स (sexual stimulant pills) यौन दौर्बल्य यौन शक्तिवर्धक यौन शिक्षा यौन समस्याएं यौनतृप्ति यौनशक्ति यौनशिक्षा यौनसुख यौनानंद यौनि रक्त प्रदर (Blood Pradar) रक्त रोहिड़ा-TECOMELLA UNDULATA रक्तचाप रक्तपित्त रक्तशोधक रक्ताल्पता रक्ताल्पता (एनीमिया)-Anemia रस-juices रातरानी Night Blooming Jasmine/Cestrum nocturnum रामबाण रामबाण औषधियाँ-Panacea Medicines रुक्षांश रूढिवादी रूसी रूसी मोटापा रेचक रेठु रोग प्रतिरोधक रोबोट सेक्स रोमांस लकवा लक्षण लक्ष्मी लंच लसोड़ा लस्सी लहसुन लहसुन-Garlic लाइलाज लाइलाज का इलाज लाक्षणिक 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संतरा-Orange संतान संतुष्टि सत्यानाशी सदा सुहागन सदाफूली सदाबहार सदाबहार चूर्ण सनबर्न सफ़ेद दाग सफेद पानी सफेद मूसली सब्जि सब्जियां-Vegetables सब्जी संभालू संभोग समर्पण-Dedication सरकार को सुझाव सरफोंका सरहटी सर्दी सर्दी जुकाम-Cold सर्दी-जुकाम सर्पक्षी सर्पविष सलाद संवाद संवेदना सहदेई सहदेवी सहानभूति साइटिका साइटिका-Sciatica साइड इफेक्ट्स साबूदाना-Sago सायटिका सिगरेट सिजेरियन सिर दर्द सिर वेदना सिरका सिरदर्द सिरोसिस सी-सेक्शन सीजर डिलेवरी सुगर सुदर्शन सुहागा सूखा रोग सूजन सेक्‍स सेक्स उत्तेजक दवा सेक्स परामर्श-Sex Counseling सेक्स पार्टनर सेक्स पावर सेक्स समस्या सेक्स हार्मोन सेक्‍स-Sex सेंधा नमक सेब सेमल-Bombax Ceiba सेल्स सोजन-सूजन सोंठ सोना पाठा सोयाबीन सोयाबीन (Soyabean) सोयाबीन-Soyabean सोराइसिस सोरियासिस-Psoriasis सौंठ सौंदर्य सौंदर्य-Beauty सौन्दर्य सौंफ सौंफ की चाय सौंफ-Fennel स्किन स्खलन स्तन स्तन वृद्धि स्तनपान स्तम्भन स्त्री स्त्रीत्व स्त्रैण स्पर्श स्मृति-लोप स्वप्न दोष स्वप्नदोष स्वप्नदोष-Night Fall स्वभाव स्वभावगत स्वरभंग स्वर्णक्षीरी स्वस्थ स्वास्थ्य स्वास्थ्य परामर्श स्वास्थ्य रक्षक सखा हजारदानी हड़जोड़ हड्डी हड्डी में दर्द हड्डी संक्रमण हड्डीतोड़ ज्वर हड्डीतोड़ बुखार हरड़ हरसिंगार हरी दूब-CREEPING CYNODAN हरीतकी हर्टबर्न हस्तमैथुन हस्तमैथुन-Masturbation हाई बीपी हाथ-पैर नहीं कटवायें हारसिंगार हालात हिचकी हिचकी-Hiccup हिमोग्लोबिन-hemoglobin हिस्टीरिया हिस्टीरिया-Hysteria हींग हीनतर हुरहुर हुलहुल हृदय हृदय-Heart हेपेटाइटिस हेपेटाईटिस हेल्थ टिप्स-Health-Tips हेल्थ बुलेटिन हैजा हैपीनेस-Happiness हैल्थ होम केयर टिप्स-Home Care Tips होम्योपैथ होम्योपैथिक होम्योपैथिक इलाज होम्योपैथिक उपचार होम्योपैथी होम्योपैथी-Homeopathy