शहद और लहसुन के अनुभवसिद्ध उपयोग (Experienced Uses of Honey and Garlic)

शहद और लहसुन के अनुभवसिद्ध उपयोग (Experienced Uses of Honey and Garlic)

लेखक: डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’
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आदिम युग से संसारभर के आदिवासी अपनी बीमारियों का प्राकृतिक तरीके से उपचार करते आये हैं। इस ज्ञान को बिना लेखबद्ध किये हजारों सालों तक पीढी दर पीढी आगे बढाया जाता रहा है। कालांतर में इसी ज्ञान को भारत में आयुर्वेद नाम दिया गया और धन्वंतरि को आयुर्वेद का जन्मदाता घोषित कर दिया गया। जिसका लाभ यह हुआ कि जड़ी-बूटियों को लेखबद्ध किया जाने लगा और उनका लाभ वृहद स्तर पर मिलने लगा। जिससे मानवता का बहुत भला हुआ है। यद्यपि अभी भी गोपनीयता या अन्य कारणों से संसार के अनेक आदिवासी कबीलों को प्राप्त जड़ी-बूटियों के ज्ञान की जानकारी सार्वजनिक नहीं हो पायी है। फिर भी आयुर्वेद के शोधार्थियों ने अपना काम जारी रखकर बहुत सी जड़ी-बूटियों तथा दवाईयों के मिश्रण को मानव जीवन के लिये उपयोगी बनाया है। इसी क्रम में शहद और लहसुन के मिश्रण के कुछ अनुभवसिद्ध नुस्खे जनहित में यहां प्रस्तुत कर रहा हूं:

सामग्री:

1. आॅर्गेनिक लहसुन की मध्यम आकार की 2 कलियां।
2. छोटी मधुमक्खी का शुद्ध जंगली शहद एक चम्मच।

बनाने की विधि:

लहसुन को कलियों को छीलकर, उन्हें हल्‍का सा कुचल/कूट लें और इनको फि‍र शहद में मिला लें। कलियों को शहद में 5 मिनट तक रखी रहने दें, जिससे लहसुन की कलियों में शहद अंदर तक भर जाये।

सेवन विधि:

उक्त कुचली हुई और शहद में डूबी हुई कलियों को प्रतिदिन सुबह खाली पेट चबा-चबाकर खाना चाहिये। ध्यान रहे केवल खाली पेट ही सेवन करना उपयोगी रहेगा।
[@] *नोट: कृपया सम्पूर्ण लेख को ध्यान से पढें और यदि पढ़ने के बाद यदि यह उपयोगी लगे तो जनहित में इसे अन्य लोगों को आगे फॉरवर्ड/शेयर किया जा सकता है!* [@]

सेवन के लाभ:

1. कोलेस्ट्रॉल का दुश्मन (Enemy of Cholesterol): शहद और लहसुन में प्राकृतिक तरीके से कोलेस्ट्रॉल को कम करने के गुण पाये जाते हैं। अत: शहद और लहसुन यह मिश्रण जहां एक ओर कोलेस्ट्रॉल का बनना रोकता है, वहीं दूसरी ओर हमारे हृदय की धमनियों में पहले से जमे हुए कोलेस्ट्रॉल को भी कम करने में भी मददगार सिद्ध होता है।
2. प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाये (Increase the Immunity): जिन लोगों को जरा सा मौसम बदलते ही सर्दी-जुकाम हो जाती है या जिन्हें बार-बार बीमारियां होती ही रहती हैं। उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है। अत: जिनकी प्रतिरोधक क्षमता कम है, उनको लहसनु एवं शहद के उक्त मिश्रण का विशेषकर सर्दियों में सेवन करना चाहिये।
3. संक्रामक रोधी (Anti-infectious): किसी भी तरह के फंगल संक्रमण से बचाव हेतु शहद और लहसुन के मिश्रण का सेवन लाभकारी है। एंटी बैक्टीरियल एवं एंटी फंगल गुणों से भरपूर (Anti-bacterial and Anti-fungal Properties) यह मिश्रण हमें अनेक प्रकार के इंफेक्शन/संक्रमण से से बचाए रखने में सहायक होता है। लेकिन जिनका पाचनतंत्र ठीक नहीं है, उन्हें सबसे पहले अपनी वाचन प्रणाली को ठीक करना चाहिये।
4. गले की समस्याएं: सर्दियों में होने वाली गले की समस्याएं, जैसे खराश व सूजन आदि में शहद और लहसुन के मिश्रण का उपयोग फायदेमंद रहता है। एंटी इंफ्लेमेटरी (Anti Inflammatory) गुणों से भरपूर होने के कारण यह बहुत लाभकारी सिद्ध हुआ है।
5. सर्दी जुकाम: सर्दी जुकाम से बचने के लिए शहद और लहसुन के इस मिश्रण का प्रयोग फायदेमंद रहता है। तासीर में गर्म होने के कारण यह सर्दी से उत्पन्न होने वाले सभी प्रकार के रोगों से आराम दिलाने में काफी कारगर सिद्ध होता रहा है।-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’, 23.11.2018
*नोट:* किसी भी पुरानी या लाइलाज मानी जाने वाली बीमारी से पीड़ित लोगों को, अपनी बीमारी को अपनी नियति मानकर निराश या हताश (Frustrated or Depressed) होने की जरूरत नहीं है। देशी जड़ी बूटियों और होम्योपैथी में इलाज संभव है। देशभर में अनेकानेक अनुभवी तथा योग्य होम्योपैथ/आयुर्वेद के डॉक्टर उपलब्ध हैं।
*Online Doctor:* Only Online Health Care Friend and Marital Dispute Consultant (स्वास्थ्य रक्षक सखा एवं दाम्पत्य विवाद सलाहकार) Dr. P. L. Meena (डॉ. पुरुषोत्तम लाल मीणा) Mobile & WhatsApp No.: 8561955619, *Fix Time to Call: Between 10 AM to 10 PM*

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