परामर्श समय : 10 AM से 10 PM के बीच। Mob & Whats App No. : 9875066111

Please Do not take any (kind of) suggested medicine, without consulting your doctor.

कृपया अपने चिकित्सक के परामर्श के बिना, सुझाई गयी (किसी भी प्रकार की) दवा का सेवन नहीं करें।

स्वास्थ्य परामर्थ या उपचार हेतु अपने चिकित्सक से परामर्थ करें या वाट्सएप+मो. नं. 9875066111 पर हम से सम्पर्क करें। हमारे 95 फीसदी रोगियों को व्यक्तिगत रूप से हम से आकर मिलने की जरूरत नहीं पड़ती।

डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' आॅन लाईन होम्योपैथ एवं परम्परागत चिकित्सक, 9875066111

निवेदन : रोगियों की संख्या अधिक होने के कारण, आपको इन्तजार करना पड़ सकता है। कृपया धैर्यपूर्वक सहयोग करें। (Due to the high number of patients, you may have to wait. Please patiently collaborate.)

प्रसव सुरक्षा चक्र प्राप्त करें और बिना सिजेरियन/आॅपरेशन मां बनें-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'

भारत में 40 फीसदी तक प्रसव सिजेरियन अर्थात आॅपरेशन के जरिये हो रहे हैं। जिसके कारण प्रसूता का जीवन और पिता का बजट दोनों ही गड़बडा रहे हैं। अनेक ऐजेंसियों की ओर से किये गये सर्वे प्रमाणित करते हैं कि सामान्य और स्वाभाविक प्रसवों को भी सिजेरियन/आॅपरेशन में बदला जा रहा है। जिसका मूल कारण है—धन की कभी न मिटने वाली लालसा। जबकि 90 फीसदी गर्भवती माताओं का प्रसव सामान्य हो सकता है। जिसके लिये अज्ञानता और भय सबसे बड़ी समस्या हैं। जबकि दूसरी ऐसे वाकये भी सामने आते रहते हैं, जबकि डॉक्टर्स के द्वारा सिजेरियन/आॅपरेशन के लिये दबाव बनाया जाता है। कारण जो भी हों, लेकिन इस कारण प्रसूताओं और उनके परिवारों को तरह-तरह की तात्कालिक और स्थायी तकलीफें झेलनी पड़ती हैं। जैसे—

1. 90 फीसदी गैर-जरूरी: सिजेरियन/आॅपरेशन के जरिये जितने प्रसव होते हैं, उनमें से करीब 90 फीसदी गैर-जरूरी होते हैं। जिन्हें सामान्य प्रसव करवाया जा सकता है।

2. असहनीय पीड़ा: सिजेरियन/आॅपरेशन के कारण प्रसूता को असहनीय पीड़ा सहनी पड़ती है।

3. स्त्री का सौन्दर्य हमेशा को नष्ट हो जाता है: सिजेरियन/आॅपरेशन के जरिये प्रसव होने पर नवप्रसूता युवा स्त्री का शारीरिक सौन्दर्य हमेशा को नष्ट हो जाता है। जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती।

4. शारीरिक और मानसिक तकलीफें: सिजेरियन/आॅपरेशन के जरिये प्रसव कराने पर महिलाओं को शारीरिक समस्याओं के साथ-साथ अनेक प्रकार की मानसिक तकलीफें उत्पन्न होने के मामले भी सामने आ रहे हैं। जिनके भयंकर दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं।

5. दूसरा प्रसव भी सिजेरियन/आॅपरेशन: पहला प्रसव सिजेरियन/आॅपरेशन से होने के बाद डॉक्टर्स द्वारा यही बताया जाता है कि दूसरा प्रसव भी सिजेरियन/आॅपरेशन के जरिये ही होगा। इस कारण औरतें मानसिक रूप से दूसरे प्रसव को भी सिजेरियन/आॅपरेशन मानकर ही गर्भधारण करती हैं और परिणाम भी सिजेरियन/आॅपरेशन ही होता है। जिसके पीछे लॉ-आॅफ-अट्रेक्शन का सिद्धान्त काम करता है। जबकि पूरी तैयारी और बिना पूर्वाग्रह के दूसरा गर्भ धारण किया जाये तो दूसरा प्रसव सामान्य भी हो सकता है। मेरी देखरेख में ऐसे अनेक मामलों में सफलता मिली है।

6. जीवनभर के लिये लाचार और अक्षम: सिजेरियन/आॅपरेशन के जरिये शिशु को जन्म देने वाली प्रसूता अनेक प्रकार के घरेलु शारीरिक कार्य करने में जीवनभर के लिये लाचार और अक्षम हो जाती हैं।

7. गैर-जरूरी खर्चा: सिजेरियन/आॅपरेशन के जरिये प्रसव कराने पर प्रसूता के परिवार को गैर-जरूरी खर्चा वहन करना पड़ता है। जिसके चलते अनेक गरीब परिवार कर्ज में डूब जाते हैं जो कालान्तर में गृह-कलह का कारण बनते हैं। इस कारण नवजात शिशु की उचित देखभाल और पोष्टिक पोषण में दिक्कतें आती हैं।

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[दाम्पत्य सुख को समझने और भोगने के इच्छुक हर एक स्त्री और पुरुष को पढने योग्य अति महत्वपूर्ण और उपयोगी जानकारी प्रदान करने वाला एक पढने योग्य आलेख!-"अतृप्त दाम्पत्य कारण एवं निवारण!" ]
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उपरोक्त हालातों में गर्भवती स्त्रियों को उक्त तकलीफों से बचाने में होम्योपैथी और आयुर्वेद की औषधियां मजबूत प्रसव सुरक्षा चक्र—का काम करती है। मेरा व्यक्तिगत अनुभव है कि गर्भवती स्त्रियों द्वारा तीसरे महिने के बाद से होम्योपैथिक तथा आयुर्वेदिक दवाईयों का नियमित रूप से सेवन करने से अकल्पनीय और अद्भुत परिणाम सामने आते हैं। हमारी ओर से यह प्रसव सुरक्षा चक्र पिछले दो दशक से अधिक समय से गर्भवती माताओं को उपलब्ध करवाया जा रहा है। 90 फीसदी से अधिक मामलों में गर्भवती स्त्रियों को निम्न फायदे होते हैं:—

1. प्रसव न समय पहले और न निर्धारित समय के बाद।

2. गर्भस्त्राव या गर्भपात का खतरा नहीं के बराबर।

3. पांचवें महिने से ही गर्भस्थ शिशु की देखरेख। जिससे स्वस्थ शिशु का जन्म हो और दांत निकलने में होने वाली तकलीफों में कमी लायी जा सके। 

4. प्रसव से कुछ दिनों पहले होने वाले झूठे दर्द/फॉल्स लेबर पैन (False Labor Pain) नहीं होते और निर्धारित समय पर प्रसव से कुछ घण्टे पूर्व ही प्रसव पीड़ा शुरू होकर सामान्य प्रसव। अनेक मामलों में घर पर ही आसान और सामान्य प्रसव हो जाते हैं।

5. निर्धारित समय पर (280 दिन में) बिना सिजेरियन/आॅपरेशन सामान्य, सुरक्षित और आसान प्रसव।

6. माताओं को होने वाली प्रसव पीड़ा में 40 से 50 फीसदी तक कमी।

7. प्रसव के बाद स्त्री जननांगों में ढीलापन नहीं। प्रसव के 3 माह बाद तक सम्भोग नहीं करने पर स्त्री की योनि लगभग पूर्ववत स्थिति में सिकुड़ जाती है। ​जिससे सम्भोग के दौरान यौनानंद में कोई कमी नहीं आती। योनि ढीलेपन की समस्या नहीं होती।

उपचार कहां से प्राप्त करें?

अपने पास के किसी भी अनुभवी होम्योपैथ तथा आयुर्वेद डॉक्टर से सम्पर्क करें और उनसे प्रसव सुरक्षा चक्र प्राप्त करें। या मोबाईल/वोट्स एप नम्बर 98750 66111 पर हम से सीधे सम्पर्क करें।

खर्चा कितना?

वैसे तो प्रसूता की स्थिति को जानने के बाद ही वास्तविक खर्चा बताया जा सकता है। क्योंकि भारत में अधिकतर मामलों में बिना तैयारी के ही औरतें गर्भवती हो जाती हैं। जिनमें से बहुत सारी ऐनेमिक (Anemic) अर्थात रक्ताल्पता की शिकार होती हैं। अत: यदि किसी विशेष पौष्टिक सप्लीमेंट की जरूरत नहीं हो तो प्रसव सुरक्षा चक्र सामान्यत: पैकिंग और पोस्टेज सहित न्यूनतम 900 रुपये और अधिकतम 1500 रुपये प्रतिमाह के बीच का खर्चा पड़ता है।

क्या व्यक्तिगत रूप से मिलना पड़ता है?

नहीं, गर्भवती स्त्री को हमसे व्यक्तिगत रूप से आकर मिलने की जरूरत नहीं होती है। फोन, मोबाईल और वाट्स एप के जरिये सारी जानकारी बतायी और पूछी सकती हैं। लेकिन समय-समय पर किसी योग्य प्रसूता विशेषज्ञ को दिखाते रहने की सलाह अवश्य दी जाती है।

परामर्श:
सम्भव हो तो गर्भधारण से पहले अन्यथा गर्भधारण के तत्काल बाद तुरंत अपने चिकित्सक से परामर्थ करें या वाट्सएप+मो. नं. 9875066111 पर हम से सम्पर्क करें। 95 फीसदी मामलों में हम से व्यक्तिगत रूप से आकर मिलने की जरूरत नहीं पड़ती है।-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' आॅन लाईन होम्योपैथ एवं परम्परागत चिकित्सक, मो./वाट्स एप नं.: 09875066111
परामर्श समय : 10 AM से 10 PM के बीच। Mob & Whats App No. : 9875066111
Please Do not take any (kind of) suggested medicine, without consulting your doctor. 
कृपया अपने चिकित्सक के परामर्श के बिना, सुझाई गयी (किसी भी प्रकार की) दवा का सेवन नहीं करें। 
स्वास्थ्य परामर्थ या उपचार हेतु अपने चिकित्सक से परामर्थ करें या वाट्सएप+मो. नं. 9875066111 पर हम से सम्पर्क करें। हमारे 95 फीसदी रोगियों को व्यक्तिगत रूप से हम से आकर मिलने की जरूरत नहीं पड़ती।
डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' आॅन लाईन होम्योपैथ एवं परम्परागत चिकित्सक, 9875066111
निवेदन : रोगियों की संख्या अधिक होने के कारण, आपको इन्तजार करना पड़ सकता है। कृपया धैर्यपूर्वक सहयोग करें। (Due to the high number of patients, you may have to wait. Please patiently collaborate.)
डॉ. निरंकुश जी ने लीवर ठीक कर, मेरी सेक्स लाईफ लौटायी! शराब का सेवन कभी नहीं करें। जिन्दगी बर्बाद हो जायेगी।
मेरी एज 58 साल है। मुझे 10-15 साल की एज से ही कब्जी रहती थी। अनेक चूरण, काढे और गोली-कैप्सूल खाये। कब्जी ठीक नहीं हुई। सर्विस लगने के बाद फ्रेंड बने एक पड़ौसी ने 25 साल की उम्र में सलाह दी कि शराब का सेवन करने से कब्जी ठीक हो जाती है। शुरू में एक ढक्कन शराब पीना शुरू किया। कुछ असर हुआ। धीरे-धीरे शराब बढती गयी। मैं शराब का हैबीच्युअल हो गया। इस कारण घर में झगड़े रहने लगे। यदि मैं सरकारी नौकरी में नहीं होता तो मेरी पत्नी मुझे कभी की छोड़कर चली गयी होती। 45 की उम्र आते-आते मेरा वेट 70 से 45 किलो रह गया। पेट में भयंकर दर्द रहने लगा। सेक्स करने की इच्छा और शक्ति खतम सी हो गयी। इस कारण घर में अत्यधिक कलह बढ गयी। 8 साल छोटी पत्नी की हालत मुझ से देखी नहीं जाती थी। कुलमिलाकर जीना हराम हो गया। हरदम टेंशन ही टेंशन रहने लगा।

यह भी पढें: लीवर के लिए अमृत : चार औषधियाँ

अनेक डॉक्टरों को दिखाया। अनेक जांच करवायी तो सबने बताया कि लीवर खराब हो गया। मुझे सलाह दी कि शराब मेरे लिये जहर है। मगर मेरी शराब की लत नहीं छूटी। लीवर में अत्यन्त सोजन आ गयी। आंतों में अल्सर हो गये। पेट में असहनीय दर्द रहने लगा। न भूख लगती और न कुछ खाना पचता। उल्टी होने लगी। सौभाग्य से एक देशी वैद्यजी ने मेरी शराब तो छुड़ा दी। वे लीवर का भी इलाज कर रहे थे कि इसी दौरान एक दुर्घटना में वैद्य जी चल बसे। लीवर की तकलीफ की वजह से मेरा जीवन नर्क हो गया। दफ्तर में बैठकर नौकरी करना भी मुश्किल हो गया। लिव-52, त्रिफला, ईसबगोल, अनेक प्रकार के आसव और सीरप मेरी जिन्दगी के हिस्सा बन गये थे। फिर भी मैं जैसे-तैसे केवल जीवन को घसीटने की हालत में था।
इसी बीच मुझे मेरी एक सहकर्मी माधवीजी (बदला नाम) ने डॉ. निरंकुश जी के बारे में बताया कि उनकी बेटी को भयंकर ल्यूकोरिया था, जो डॉ. निरंकुश जी के इलाज से ठीक हो गया। मुझे भी डॉ. निरंकुश जी से सम्पर्क करने की सलाह दी। मैंने उनके मोबाईल 9875066111 पर बात की। मेरा सारा विवरण वाट्स एप के जरिये जानने के बाद डॉ. साहब ने कहा कि कम से कम 10 से 12 महिने तक दवाई लेनी होंगी। मेरा इलाज शुरू किया। पहले दो महिने कोई खास लाभ नहीं हुआ, तीसरे महिने मुझे लगा कि अब मेरा इलाज हो रहा है। मुझे खाने की थोड़ी-थोड़ी इच्छा होने लगी। चौथे महिने मुझे अच्छी भूख लगने लगी तथा शारीरिक शक्ति का अनुभव हुआ। दवाई लेते सात महिने हो गये हैं। अब मैं 80 परसेंट ठीक हो गया हूं। शरीर में ताकत भी बढी है। सेक्स करने की भी इच्छा होने लगी है। वजन 52 किलो हो गया है। मुझे उम्मीद है कि मैं बहुत जल्दी पूरी तरह से ठीक हो जाउंगा। मैं चाहता हूं कि मेरा नाम उजागर नहीं करें, लेकिन मेरा उक्त विवरण साईट पर सार्वजनिक किया जाये। जिससे दूसरे दु:खी लोग भी मुझे उदाहरण समझ कर अपना जीवन सुधार सकें। मैं यही कहूंगा कि शराब का सेवन कभी नहीं करें। जिन्दगी बर्बाद हो जायेगी।
—राधेश्याम गुप्ता (बदला हुआ नाम) नियर कश्मीरी गैट, नयी दिल्ली।
~~~~~~~~मैने बहुत सारे रोगी देखे हैं। हर दिन सैकड़ों नये रोगियों के काल आते हैं। राधेश्याम गुप्ता जी अपनी आप बीती में सच नहीं लिखा है। इनकी स्थिति बहुत विचित्र रही है। इन्होंने मुझ से लीवर का इलाज करवाने के लिये सम्पर्क नहीं किया, बल्कि सेक्स पावर बढाने की दवाई के लिये सम्पर्क किया। जब इनकी सारी जानकारी प्राप्त की तो पता चला कि इनको शराब की लत थी और इनका लीवर खराब था।
डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'
9875066111/07.07.2017

परामर्श समय : 10 AM से 10 PM के बीच। Mob & Whats App No. : 9875066111
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डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' आॅन लाईन होम्योपैथ एवं परम्परागत चिकित्सक, 9875066111
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निरोगधाम: पर 100 फीसदी शुद्ध आॅर्गेनिक मकोय
आयुर्वेद शास्त्रियों का कहना है कि मकोय का पौधा इस पृथ्वी पर यकृत के रोगों व हृदय रोगों की सबसे अच्छी औषधि कही जाती है। मकोय पीलिया (जॉन्डिस) की अचूक दवा है और इसका सेवन किसी भी रूप में किया जाए स्वास्थ्य के लिए लाभदायक ही होता है। मकोय भूख को बढ़ाने वाला फल है। इसकी कार्य क्षमता इतनी है कि इसका 10 प्रतिशत भाग भी सही रहे अर्थात् शुद्ध रहे तो भी यह काम करती रहेगी। वर्तमान समय की कड़वी हकीकत यह है कि बहुत कम आयुर्वेदिक औषधियां सही और शुद्ध मिलती हैं। इस कारण अनेक चिकित्सक विद्वानों का ऐसा अनुभव रहा है कि यदि मकोय 10 फीसदी शुद्ध हो तो भी कुछ न कुछ काम अवश्य करती है। 
कल्पना करें कि यदि खतपतवार नाशक कीटनाशकों की मार झेलने के बाद भी खेत में शेष बची मकोय को किसानों द्वारा खेत से काटकर मेड़ के आसपास जो मकोय फेंकी जाती है। वही मकोय जब सूख सड़—गल जाती है और धूप में सूख जाती। ऐसी मकोय को पंसारियों के द्वारा बेचा जायेगा, तो मकोय के सेवन से स्वस्थ होने की उम्मीद कैसे की जा सकती है? दूसरी ओर इस देश का दुर्भाग्य है कि बाजरा, ज्वार जैसी बहुत सस्ती फसल प्राप्त करने के लिये किसानों द्वारा मकोय जैसी महौषधि को नष्ट किया जा रहा है। मकोय के पौधे में अनेक रोगों को नष्ट करने के गुण होते हैं। जैसे—

चर्म रोग, पीलिया, गठिया, बवासीर, सूजन, कोढ़, दिल के रोग, आंखों की बीमारी, खांसी, कफ, स्वर शोधक, रसायन, वीर्य उत्पादक और वीर्यवर्द्धक, प्रमेह नाशक, ज्वर नाशक, वमन को दूर करती, नेत्रों रोगों में हितकर है। मकोय यकृत/लीवर एवं हृदय के रोगों को हरने वाली औषधि है। मकोय त्रिदोषनाशक अर्थात वात,पित्त व कफ तीनों दोषों का शमन करने वाली महौषधि है। इसके अलावा भी मकोय अनेको रोगों को ठीक करती है। 
यकृत की क्रिया विधि जब बिगड़ जाती है तो शरीर में अनेक उपद्रव यथा सूजन, पतले दस्त व पीलिया जैसे रोगों के अलाबा कई बार बवासीर जैसे रोग होने लगते हैं। इन रोगों में मकोय का सेवन बहुत ही लाभ करता है। यह औषधि यकृत की क्रियाविधि को धीरे-धीरे सुदृढ करके लीवर सम्बन्धी सभी रोगों को जड़ से नष्अ कर देती है। कुछ अन्य औषधियों के साथ इस औषधि के प्रयोग से यकृत सम्बन्धी रोग समाप्त हो जाते हैं। भूख बढ जाती है। शरीर पुष्ट हो जाता है। इस औषधि के पत्तों का रस/पाउडर आँतों में पहुँचकर वहाँ इकठ्ठे विषों को नष्ट कर देता है और विषैले द्रव्य पेशाब के मार्ग से शरीर से बाहर निकल जाते हैं। खूनी बबासीर में या मुँह के किसी भी हिस्से से रक्त स्त्राव में मकोय के पत्तों का रस लाभप्रद है। यदि शरीर में खुजली की शिकायत हो तथा वह किसी भी दवाई से मिट नहीं रही हो। तो मकोय के रस की 25 से 50 ग्राम की मात्रा लेते रहने से यह मिट जाऐंगी। इससे शरीर का रक्त शुद्ध हो जाता है और रक्त से जुड़े सभी रोग मिट जाते हैं।
उपरोक्त विवरण एक आम व्यक्ति भी आसानी से समझ सकता है कि मकोय कितनी उपयोगी और अमूल्य औषधि है। अत: हमने जयुपर स्थित हमारे निरोगधाम पर पिछले वर्ष से मकोय की 100 फीसदी शुद्ध आॅर्गेनिक खेती की शुरूआत की है। जिससे मकोय का शुद्ध पाउडर रोगियों को उपलब्ध करवाया जाता है। एक दुर्घटना का शिकार हो जाने के कारण पिछले साल तो हम मकोय का मात्र 5 किलो शुद्ध पाउडर ही उपलब्ध करवा पाये थे। इस वजह से अनेक रोगियों को पर्याप्त मात्रा में मकोय पाउडर उपलब्ध नहीं करवा सके। जिसका हमें खेद है। इस महने वर्ष मकोय की खेती बढा दी है। ​हमारा लक्ष्य है कि इस बार हम मकोय, श्योनाक, शरफुंका, पुनर्नवा, भूई आंवला आदि दर्जनों 100 फीसदी शुद्ध औषधियों के सहयोग से हम कम से कम 2000 ऐसे रोगियों को स्वस्थ कर सकेंगे, जिनको जीवन लीवर या लीवर सम्बन्धी बवासीर, अपच, कब्ज, भगंदर आदि बीमारियों ने परेशान किया हुआ है।

नोट: यहां पर मकोय के जितने भी चित्र दिये गये हैं। सभी हमारे निरोगधाम पर लहलहाती मकोय के हैं।
डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'
9875066111, 25.06.2017

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निरोगधाम पर 100 फीसदी शुद्ध आॅर्गेनिक कौंच

हमारा मकसद है रोगियों का आरोग्य अर्थात रोगमुक्ति। यह तब ही सम्भव है, जबकि उनको सही, शुद्ध और ताजा दवाईयां उपलब्ध हों। वर्तमान में बड़े-बड़े नाम वाले बाबाओं तक की औषधियां निर्धारित मानदण्डों पर खरी नहीं उतर रही हैं। ऐसे में रोगी करें भी तो करें क्या?

ऐसे में हम कम से कम हमारे सम्पर्क में आने वाले रोगियों को तो 100 फीसदी शुद्ध आॅर्गेनिक औषधियां उपलब्ध करवाने की कौशिश कर रहे हैं। इस दिशा में हमने छोटी सी शुरूआत की है। हमने हमारे फॉर्म पर कुछ अति महत्वपूर्ण औषधियों की खेती शुरू की है। जिनमें यौन रोगों के निवारण तथा यौन क्षमता बढाने के लिये सुप्र​षिद्ध——कौंच——नामक औषधि भी शामिल है। पिछले वर्ष भी हमने 100 फीसदी शुद्ध आॅर्गेनिक कौंच की खेती की थी। कौंच के पाउडर से अकल्पनीय परिणाम सामने आये हैं। यद्यपि हम रोगियों की जरूरत पूरी करने में असफल रहे। इस कारण इस बार हमने पिछले साल की तुलना में 100 गुणा अधिक कौंच के पौधे लगाये हैं। कौंच के पौधों का रोपण वर्षाकाल के शुरू होने से बहुत पहले ही कर दिया था। अत: अब बेल छोड़ रहे हैं। जिनके ओरिजनल चित्र प्रस्तुत हैं।

कौंच सहित महत्वपूर्ण औषधियों की पैदावार करना इस कारण भी जरूरी हो गया, क्योंकि बाजार में सड़ी—गली और अनुपयोगी औषधियां मिलती हैं। जिनसे सही परिणाम नहीं ​मिलने पर आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के प्रति लोगों का विश्वास टूटता है और उपचार करने वाला चिकित्सक बदनाम होते हैं। साथ ही रोगी के धन का भी अपव्यय होता है। रोगी का स्वास्थ्य खराब हो जाता है। इस बारे में विस्तार से जानने के लिये हमारा लेख—''कौंच : सड़ी-गली-पुरानी अनुपयोगी आयुर्वेदिक औषधियां!-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश''' पढा जा सकता है।

यहां पर हमारे फॉर्म पर रोपे गये कौंच की बेलों के नवीनतम 11 जनू, 2017 के चित्र प्रस्तुत हैं।

कौंच के बारे में भी संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत है:

कौंच के पौधे के सभी भागों में औषधीय गुण होते हैं। इसकी पत्तियों, बीजों व शाखाओं का इस्तेमाल दवा के तौर पर किया जाता है। ज्यादातर कौंच का इस्तेमाल लंबे समय तक यौन—शक्ति बरकरार रखने के लिए किया जता है। आयुर्वेदाचार्यों का मत है कि कौंच के बीज अमेरिका की प्रसिद्ध सेक्स शक्ति वर्धक दवा वियग्रा से भी 10 गुना ज्यादा शक्तिशाली होते है। मेरा अपना अनुभव है कि 100 फीसदी शुद्ध आॅर्गेनिक कौंच को सही तरीके से शोधन करके अन्य 100 फीसदी शुद्ध आॅर्गेनिक दवाईयों के साथ सेवन करने से निम्न तकलीफों में अकल्पनीय परिणाम मिलते हैं:
1 लिंग की कमजोरी।
लिंग की नसों की कमजोरी
2 वीर्य का पतलापन।
3 नपुंसकता/नामर्दी।
4 शीघ्रपतन/शीघ्रस्खलन।
5 उत्तेजना में कमी।
6 बदन दर्द/गठिया दर्द।
7 पेट/गैस की तकलीफे।
8 मधुमेह/डायबिटीज।
9 पुराना बुखार।
10 बदन में सूजन।
11 गैस की समस्या।
12 श्वेत प्रदर/ल्यूकोरिया।
13 मासिकधर्म की तकलीफें।
14 स्तन वृद्धि।
15 खिलाडि़यों की मांसपेशियों में खिंचाव।
16 शारीरिक बलवृद्धि।
17 वजन बढ़ाना।
18 पुरानी खांसी।
19 उदर कृमि नष्ट।
20 शुक्राणुओं की कमी।
इत्यादि।


नोट: हमें खेद है कि हमारे पास उपलब्ध सौ फीसदी शुद्ध आॅर्गेनिक औषधियों की उपलब्धता में कमी के कारण हम, हम से सम्पर्क करने वाले सभी आयुर्वेद प्रेक्टिशनर्स को औषधियां उपलब्ध नहीं करवा पाते हैं। क्योंकि हमारी पहली प्राथमिकता हम से सम्पर्क करने वाले रोगियों का उपचार करना है।

परामर्श समय : 10 AM से 10 PM के बीच। Mob & Whats App No. : 9875066111
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कृपया अपने चिकित्सक के परामर्श के बिना, सुझाई गयी (किसी भी प्रकार की) दवा का सेवन नहीं करें। 
स्वास्थ्य परामर्थ या उपचार हेतु अपने चिकित्सक से परामर्थ करें या वाट्सएप+मो. नं. 9875066111 पर हम से सम्पर्क करें। हमारे 95 फीसदी रोगियों को व्यक्तिगत रूप से हम से आकर मिलने की जरूरत नहीं पड़ती।

डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' आॅन लाईन होम्योपैथ एवं परम्परागत चिकित्सक, 9875066111

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मेरी पत्नी का बदबू मारने वाला ल्यूकोरिया, सिरदर्द और मेरी
नामर्दी, कब्जी, लीवर की बीमारी सहित सभी तकलीफें खत्म हो गयी

रेस्पेक्टेड डॉक्टर निरंकुश सर मैं आपका धन्यवाद किन शब्दों में अदा करूं समझ में नहीं आ रहा। आपने बहुत छोटी सी रकम लेकर मेरा व्यक्तिगत और सेक्सुअल जीवन बचा लिया। मैं 14 साल से 23 साल की उम्र तक लगभग हर रोज हस्तमैथुन करने का अभ्यस्त रहा। अनेक बार एक ही दिन में कई कई बार हस्तमैथुन करता था। इसके बाद एक खूबसूरत आंटी (मकान मालकिन) ने मुझे अपने सौंदर्य के जाल में ऐसा फंसाया कि 28 साल की उम्र तक शादी याद ही नहीं आयी। मकान मालिक अंकल के दफ्तर जाते ही आंटी मेरे साथ और मेरे दोस्त के साथ लगभग हर दिन सेक्स करती थी। अनेक बार एक ही दिन में कई कई बार भी सेक्स करवाती थी। इस चक्कर में हम दोनों का केरियर बर्बाद हो गया। जब अंकल का तबादला दूसरे शहर में हो गया और आंटी भी साथ चली गयी तब हमें पता चला कि अब शादी करनी होगी।

शादी की तो पत्नी को ल्यूकोरिया की इतनी भयंकर बीमारी कि उसकी योनि से बदबू आती थी। मैं उसके साथ सम्बन्ध ही नहीं बना पाया और पत्नी के होते हुए फिर से हस्तमैथुन शुरू हो गया। टेंशन में शराब शुरू कर दी। पत्नी का इलाज कराया तो कुछ सुधार हुआ। जिससे सेक्स शुरू हुआ। 2 बच्चे हो गए। पत्नी बच्चों में खो गयी, लेकिन मैं खुश नहीं हुआ। हमेशा टेंशन ही टेंशन और शराब ही शराब। लीवर खराब हो गया। कब्ज और पाइल्स का शिकार हो गया। पत्नी टेंशन में एकदम सूख कर लकड़ी हो गयी। उसे भयंकर सिरदर्द वाला माइग्रेन हो गया। सिर की नसें फूलने लगी और भयंकर दर्द होने पर उल्टियां होने लगी। उसके लिए रसोई और बच्चे संभालना ही मुश्किल हो गए। मैं पत्नी से विमुख, घर परिवार की कोई परवाह नहीं। मेरी सेक्स उत्तेजना जाती रही। मेरी सेक्स करने की भयंकर इच्छा होती, लेकिन शरीर साथ नहीं देता। पत्नी और मैं दोनों एक दूसरे से सेक्स सुख पाने को तरसने लगे। साथ रहकर भी अजनबी लोगों की तरह रहने लगे। पत्नी का बदन बदबू मारता और मेरा बदन निष्प्राण सा हो गया। बहुतेरी दवाई करवाई। जब तक दवा तब तक थोड़ा बहुत असर। हम दोनों ने इलाज पर डेढ़ लाख से अधिक खर्चा कर दिया, लेकिन अंत में सब बेकार।

जनवरी, 2016 की बात है। एक दिन मेरी पत्नी को उसकी सहेली ने डॉक्टर पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' जी के बारे में बताया और उनकी साईट हैल्थ केयर फ्रेंड के बारे में बताया तो नेट पर पढा। पत्नी ने मुझे बताया। मैंने इलाज और डॉक्टर के नाम से ही तौबा कर ली थी। सो इलाज करवाने से मना कर दिया। पत्नी को अपना इलाज करवाने को बोल दिया। पहले महीने में मेरी पत्नी ने 1570 रुपये की दवाई मंगवाई और उसका सिर दर्द गायब हो गया। पत्नी से मैंने डॉक्टर निरंकुश जी का नम्बर लिया और 9875066111 पर बात की और अपना इलाज शुरू करवाया।

6-7 महीना के लगातार इलाज ने हमारी दोनों की जिंदगी बदल दी। मेरी शराब की लत छुड़वाई। लीवर और कब्ज का इलाज किया तो धीरे-धीरे लिंग में उत्तेजना आने लगी। एक दिन ख़ुशी में मैंने अपनी पत्नी को बाहों में भर लिया और हम फिर से सेक्स के आनंद को पाने में सफल हुए। मेरी पत्नी का बदबू मारने वाला ल्यूकोरिया, माइग्रेन और मेरी नामर्दी, कब्जी, लीवर की बीमारी सहित सभी तकलीफें खत्म हो गयी हैं। हम दोनों डॉक्टर साहब के कर्जदार हैं। हमारा सही इलाज करके और अपने लिटरेचर तथा मौखिक समझाइश के जरिये हमारा सोचने का तरीका ही बदल दिया।-मनमोहन दुबे (परिवर्तित नाम) लखनऊ, उत्तर प्रदेश।
डॉक्टर टिप्पणी:
~~~~~~~~बेशक पेशेंट दम्पत्ति अपने इलाज के लिए मुझे श्रेय दे रहे हैं, लेकिन असल में यह अमृततुल्य तथा हानि रहित होम्योपैथिक दवाईयों और आयुर्वेद की 100 फीसदी शुद्ध ऑर्गेनिक औषधियों का कमाल है। मेरे मतानुसार सभी डॉक्टर अपने रोगी का सही से इलाज करना चाहते हैं। मगर वर्षों तक पंसारी की दुकान की शोभा बढाने वाली सड़ी-गली और निष्प्राण वनौषधियाँ इलाज में सबसे बड़ी बाधा हैं। आयुर्वेद की असफलता का यही सबसे बड़ा कारण है। हम हमारे फ़ार्म पर पैदा की गयी ताजा और 100 फीसदी शुद्ध ऑर्गेनिक औषधियों का ही उपयोग करते हैं। होम्योपैथी की विश्वसनीय फार्मेसी की दवाई खरीदते हैं और रोगी को अपना ग्राहक नहीं, अपनी चिकित्सा का मकसद समझते हैं। रोगी हम पर विश्वास करते हैं। बस सफल चिकित्सा का यही छोटा सा राज है।
डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'-9875066111

परामर्श समय : 10 AM से 10 PM के बीच। Mob & Whats App No. : 9875066111
Please Do not take any (kind of) suggested medicine, without consulting your doctor. 
कृपया अपने चिकित्सक के परामर्श के बिना, सुझाई गयी (किसी भी प्रकार की) दवा का सेवन नहीं करें। 
स्वास्थ्य परामर्थ या उपचार हेतु अपने चिकित्सक से परामर्थ करें या वाट्सएप+मो. नं. 9875066111 पर हम से सम्पर्क करें। हमारे 95 फीसदी रोगियों को व्यक्तिगत रूप से हम से आकर मिलने की जरूरत नहीं पड़ती।

डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' आॅन लाईन होम्योपैथ एवं परम्परागत चिकित्सक, 9875066111
निवेदन : रोगियों की संख्या अधिक होने के कारण, आपको इन्तजार करना पड़ सकता है। कृपया धैर्यपूर्वक सहयोग करें। (Due to the high number of patients, you may have to wait. Please patiently collaborate.)
निरोगधाम: 100% शुद्ध ऑर्गेनिक बथुआ

जयपुर (राजस्थान) से 25 किमी दूरी पर स्थित 'निरोगधाम" में आइरन के स्रोत 100% शुद्ध ऑर्गेनिक बथुआ (Chenopodium Album) की खेती की जा रही है। हमारे सम्पर्क में आने वाले रोगियों को कैमीकल्स से मुक्त 100% शुद्ध ऑर्गेनिक बथुआ का पाउडर उपलब्ध करवाकर आरोग्य प्रदान कर रहे हैं। आप 100% शुद्ध ऑर्गेनिक बथुआ (Chenopodium Album) के पाउडर का सेवन करके निम्न स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं:—




(1) लीवर रक्षक और पथरी नाशक: शुद्ध ऑर्गेनिक बथुआ का उपयोग यकृत/लीवर को बढ़ने (लीवर एनलार्जमेंट) से रोकता है। इसकी तासीर ठंडी और तर होती है। अत: आमाशय को ताकत देता है और पथरी के बनने को रोकता है।






(2) निरोगी काया: शुद्ध ऑर्गेनिक बथुआ काया को निरोगी बनाता है। शुद्ध ऑर्गेनिक ताजा बथुआ या बथुआ के पाउडर के स्वादिष्ट रायते तथा साग का नित्य सेवन करें। अधिक परिणाम पाने के लिये जहां तक सम्भव हो मसालों का कम से कम प्रयोग करें। नमक यदि डालना ही है तो काला या सैंधा नमक ही काम में लें।






(3) घुटने का दर्द: घुटने में दर्द है तो शुद्ध ऑर्गेनिक ताजा बथुआ या बथुआ का पाउडर पानी में उबालकर इसे छान लें। इस पानी से दर्द वाले घुटने की सिकाई करें। शुद्ध ऑर्गेनिक बथुए का साग अधिकाधिक खाएं। इस प्रकार घुटने के दर्द में राहत मिलेगी।






(4) झुर्रियों से रहित-साफ-सुथरा चेहरा: चेहरे की झुर्रियों को कम करने के लिए शुद्ध ऑर्गेनिक बथुआ या बथुए के पाउडर के पानी से (बथुआ उबालकर पानी छानने के बाद) चेहरा धोएँ, चेहरा चिकना और सुथरा दिखेगा, धीरे-धीरे नित्य सेवन से झुर्रियां भी कम हो जायेंगी।



(5) रक्ताल्पता दूर कर रक्त वृद्धि में सहायक: शरीर में रक्त की कमी पर शुद्ध ऑर्गेनिक बथुए का साग या ब​थुए का पाउडर कुछ दिनों तक सेवन करने अथवा इसे आटे के साथ मिलाकर रोटी बनाकर खाने से रक्ताल्पता दूर होती है और रक्त की वृद्धि होती है।




(6) उदर कृमी : शुद्ध ऑर्गेनिक ताजा बथुआ या बथुआ के पाउडर का सेवन करने से पेट के कृमी स्वत: मर जाते हैं।


(7) अनियमित मासिक धर्म: 50 ग्राम शुद्ध ऑर्गेनिक ताजा बथुआ को एक ग्लास पानी में उबाल-छानकर नियमित कुछ दिनों तक पीने से या एक चम्मच बथुआ पाउडर का काढा बनाकर पीने से अनियमित मासिक धर्म की समस्या से मुक्ति मिल जाती है।



नोट : उपरोक्त के अलावा भी बथुआ के बहुत से स्वास्थ्य लाभ होत हैं, लेकिन शर्त यह है कि शुद्ध और आर्गेनिक बथुआ ही सेवन करें। आम तौर पर गैहूं की खेती के साथ खरपतवार के रूप में उगने वाला बथुआ ही सब्जी मंडी/बाजार में मिलता/उपलब्ध है। जिसमें गैहूं में उपयोग किये जाने वाले सभी उर्वरक खादों और कीटनाशकों के विषैले तत्व मौजूद/मिश्रित रहते हैं। अत: ऐसे ताजा ब​थुआ या बथुआ पाउडर से रोगी को स्वास्थ्य लाभ की उम्मीद नहीं की जा सकती।
डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'-9875066111,110617
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डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' आॅन लाईन होम्योपैथ एवं परम्परागत चिकित्सक, 9875066111
निवेदन : रोगियों की संख्या अधिक होने के कारण, आपको इन्तजार करना पड़ सकता है। कृपया धैर्यपूर्वक सहयोग करें। (Due to the high number of patients, you may have to wait. Please patiently collaborate.)
कुल मिलाकर डाक खर्च सहित मात्र साढे 9 हजार रुपये खर्च हुए और मैं स्वस्थ हो गयी। डॉ. निरंकुश जी का धन्यवाद।-दीपिका सेन


मैं पिछले 10-12 साल से कब्ज, डकार और गैस से बहुत परेशान थी। पेट फूला-फूला सा रहता था। भूख नहीं लगती थी। अनेक बार उल्टी करने का मन करता था। अनेक अंग्रेजी डॉक्टरों को दिखाया। दो आयुर्वेद वाले वैद्यजी को दिखाया। चूर्ण, काढे और ईसबगोल की भुस्सी बताई। जब तक दवाई लेती ठीक रहती। उसके बाद वही की वही परेशानी। इस दौरान मुझे सफेद पानी की बीमारी भी हो गयी। बहुत कमजोर हो गयी। शरीर में जान ही नहीं रही। सिर दर्द भी रहने लगा। जीवन में कोई उत्साह ही नहीं रह गया था। हमारा दाम्पत्य जीवन भी नीरस हो गया था।

थक-हारकर एक दिन मैंने गूगल पर सर्च किया। अनेक डॉक्टरों से बात की, लेकिन सन्तुष्टी नहीं मिली। सर्च करते-करते एक दिन डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' जी से मोबाईल नम्बर 9875066111 पर बात हुई। मैंने उनको अपनी तकलीफें और सारी बात बताई तो, डॉक्टर निरंकुश ने मुझे कहा कि मैं किसी भी रोग या रोगी को ठीक करने की कोई गारण्टी नहीं देता, लेकिन ठीक करने की सौ परशेंट कोशिश करता हूं। मुझे उनकी यह बात अच्छी लगी।

मैंने खर्चा पूछा तो बोले कि पहले मैं आपकी सम्पूर्ण जानकारी लूंगा। उसके बाद खर्चा बताऊंगा। इसके बाद बाद उन्होंने मेरी सम्पूर्ण डिटेल्स पूछ ली। इससे मुझे शुरू में लगा कि इतनी सारी जानकारी का क्या करेंगे? मुझ से अनेक बार आगे से बात की और मेरा सम्पूर्ण शारीरिक तथा मानसिक लक्षणों विवरण पूछ लिया। फिर मुझे इलाज का खर्चा बताया। इस बात से मुझे बहुत खुशी हुई।

डॉक्टर साहब ने बताया कि कम से कम तीन महिना और अधिक से अधिक 6 से 8 महिने नियमित रूप से दवाई लेनी होगी। पहले 15 दिन तो पुरानी दवाईयों का असर खतम करने के लिये दवाई दी गयी। खर्चा पूछा तो मात्र 1300 से 1800 रुपये प्रति महिने के करीब बताया। मुझे मन ही मन बहुत खुशी हुई, क्योंकि मैं तो पहले कम से कम 30-35 हजार रुपये खर्च कर चुकी थी और कोई फायदा भी नहीं हुआ।

मैंने डॉक्टर साहब के निर्देशों के अनुसार रेग्यूलर दवाई ली और देखते ही देखते मैं अच्छी होने लगी। सफेद-पानी तो 2-3 महिने में ही पूरी तरह से ठीक हो गयी। कुल 5 महिने में, मैं पूरी तरह ठीक हो गयी। इसके बाद भी मुझे एक महिना और दवाई दी। दवाई छोड़े मुझे अब 6 महिने हो गये हैं। अब कोई दवाई नहीं लेती हूं और पूरी तरह से स्वस्थ हूं। कुल मिलाकर डाक खर्च सहित मात्र साढे 9 हजार रुपये खर्च हुए और मैं स्वस्थ हो गयी। डॉ. निरंकुश जी का धन्यवाद।-दीपिका सेन, उज्जैन, मध्य प्रदेश।

डॉक्टर टिप्पणी:
~~~~~~~~मैडम दीपिका जी ने जब मुझे पहली बार काल किया था तो बहुत निराश और मायूस लग रही थी। जीवन के प्रति उत्साह और डॉक्टरों के प्रति दीपिका जी का विश्वास ही कमजोर पड़ गया था। ऐसी मनोशारीरिक स्थिति में रोगी का उपचार करना डॉक्टर के लिए बहुत बड़ी चुनौती की तरह होता है। क्योंकि निराश और हताश रोगी के शरीर में औषधियां आसानी से परिणाम नहीं दिखा पाती हैं। इसलिए मुझे दीपिका जी से अनेक बार बात करनी पड़ी और उनमें जीवन तथा चिकित्सा के प्रति विश्वास जगाना पड़ा। इसके बाद क्या हुआ, वो सब तो खुद दीपिका जी ऊपर लिख ही चुकी हैं। अतः समझने वाली बात यह है कि इलाज के लिए रोगी का जीवन, डॉक्टर और दवाइयों के प्रति आशावान होना बहुत जरूरी होता है। अन्यथा दवाइयां इच्छित परिणाम नहीं दे पाती हैं।
-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'-9875066111


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डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' आॅन लाईन होम्योपैथ एवं परम्परागत चिकित्सक, 9875066111

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डॉ. मीणा ने लीकोरिया ठीक करके मेरा जीवन लौटाया
मैं 12 साल से सफेद पानी-लीकोरिया से पीड़ित थी। जलन होती थी। शरीर कमजोर और ढीला हो गया था। मैंने बहुत इलाज कराया, लेकिन कोई फायदा नहीं। जब भी मेरे पति सेक्स करना चाहते। बोलते बदबू आ रही है। हमेशा पानी जैसा बहता रहता है। ढीली-ढाली योनि में मजा ही नहीं आता। एक दिन मेरी सहेली ने बताया कि 9875066111 पर डॉ. पुरुषोत्त्म मीणा जी से बात करो। मैंने शर्माते हुए बात की, लेकिन डॉ. मीणा जी से मेरी सारी समस्या सुनी और उन्होंने मेरा सारा डर और संकोच दूर करके मुझे लीकोरिया सहित सभी तकलीफों के ठीक होने का विश्वास दिलाया। अपच, कब्ज, कमजोरी और लीकोरिया गायब हो गये। मेरी योनि में कसावट आ गयी। अब मैं सम्पूर्ण नारी हूं। मेरा पति, अब सिर्फ मेरा है। मेरा वजन भी 38 से 55 हो गया। काश डॉ. मीणा मुझे 12 साल पहले मिल गये होते?

डॉक्टर टिप्पणी:
——वास्तव में हमारे समाज में स्त्रियों की स्थिति अत्यधिक चिन्ताजनक है। यौनशिक्षा की कमी और प्रदर को लेकर फैली ना-ना प्रकार की भ्रामक धारणाओं तथा शर्म-संकोच के चलते अनेक महिलाओं/युवतियों का यौन जीवन बर्बाद हो रहा है। अकसर प्रदर से पीड़ित रोगिड़ियों को सही सलाह नहीं मिलती है। उन्हें बताया जाता है कि सफेद पानी की बीमारी तो सभी महिलाओं को होती है, इसका कोई इलाज नहीं है। जबकि ऐसी सलाह में पहला वाक्य तो सही है, क्योंकि अकसर अधिकतर महिलाओं को सफेद पानी अर्थात् ल्यूकोरियो अर्थात् श्वेद प्रदर की बीमारी कभी न कभी होती देखी जाती है, लेकिन यह बात सही नहीं है कि इसका कोई इलाज नहीं है। प्रदर का इलाज सम्भव है। हमने हजारों महिलाओं को रोगमुक्त किया है। जरूरत इस बात की है कि पीड़ित महिला शर्म—संकोच छोड़कर हमें अपनी तकलीफ के बारे में बतायें। इसके बाद हमारी 100 फीसदी कोशिश होती है कि उनको रोगमुक्त किया जा सके।
डॉ. पुरुषोत्त्म मीणा 'निरंकुश'—9875066111

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डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' आॅन लाईन होम्योपैथ एवं परम्परागत चिकित्सक, 9875066111
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सेक्स में असफल युवा : डॉ. मीणा जी ने मुझे आत्महत्या करने से बचाया

गत 5 साल से मेरा जीवन नर्क बना हुआ था। मैंने पहली बार सेक्स किया तो असफल हो गया। उसके बाद अनेक बार कोशिश की, लेकिन हर बार असफल रहा। मेरा वैवाहिक जीवन टूटने के कगार पर था। मैं आत्महत्या करने की तय कर चुका था। अचानक एक दिन मैंने गूगल सर्च किया तो http://healthcarefriend.in/हैल्थ कैयर फेण्ड पर डॉ. पुरुषोत्तम मीणा जी के बारे में पढा। मैंने डॉ. मीणा जी को 9875066111 पर तुरंत काल किया। पहली बार मुझे पता चला कि इतने अच्छे डॉक्टर भी होते हैं। जो हर बात को बहुत ही ध्यान से सुनते और प्यार से समझाते हैं। पूरी जानकारी लेने के बाद बहुत ही कम खर्चे में मेरा इलाज किया। मात्र 6 महिने में, मैं सम्पूर्ण मर्द हो गया हूं। काश मैं अपना नाम पता लिख पाता? सम्भव नहीं। क्योंकि ऐसी बातें गोपनीय रखी जाती हैं।

डॉक्टर टिप्पणी:
———वास्तव में हमारे समाज की स्थिति अत्यधिक चिन्ताजनक है। यौनशिक्षा की कमी और सेक्स को लेकर फैली ना-ना प्रकार की भ्रामक धारणाओं तथा शर्म-संकोच के चलते अनेक युवकों-पुरुषों का जीवन बर्बाद हो रहा है। साथ ही ऐसे लोग अपनी जीवन संगिनी के जीवन को भी बर्बाद कर रहे हैं। इससे भी अधिक दु:खद पहलु यह भी है कि यौन समस्याओं से जूझते पुरुषों को लूटने वाले डॉक्टरों की भी कमी नहीं हैं। अनेक यौन रोग फार्मेसी सिर्फ ऐसे पुरुषों को लूटने का ही काम कर रही हैं। कानून में पाबन्दी के बाद भी सेक्स क्षमता बढाने की गारण्टी देने वाले विज्ञापनों का समाचार-पत्रों में प्रकाशन होना, इस बात का प्रमाण है कि मीडिया भी सेक्स समस्या झेल रहे पुरुषों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने वालों को सहयोग कर रहा है। ऐसे दर्दनाक और शोचनीय हालातों में पुरुषों को सही सलाह, मार्गदर्शन और अपेक्षित उपचार मिलना ही बहुत मुश्किल होता है। स्पष्ट कर दें कि हम किसी प्रकार की गारण्टी नहीं देते और हमारे भी अनेक प्रकरणों में हम असफल होते हैं, लेकिन हमारी कोशिशें 100 फीसदी होती हैं। जिसके चलते हम यौन-रोग या समस्या या उलझन ग्रस्त पुरुष को निराश नहीं होने देते हैं। इसके अलावा हम अधिकतर आयुर्वेदिक औषधियां हमारे फॉर्म पर उगाते हैं। जो शुद्ध और ताजा होती हैं, ऐसे में परिणाम तो मिलते ही हैं। बस हमारी यही सबसे बड़ी उपलब्धि या विशेषता है। जिसके विश्वास पर हमारे पास यौन समस्याओं से परेशान और निराश युवक-युवति पूर्ण आशा के साथ सम्पर्क करते हैं। हमारी कोशिश होती है कि हम उनके विश्वास पर खरे उतरें।
डॉ. पुरुषोत्त्म मीणा 'निरंकुश'

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पाठक संख्या पंद्रह लाख  का आंकड़ा पार



आॅन लाईन स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी और स्वास्थ्य परामर्श के लक्ष्य को लेकर स्थापित हमारी वैब साइट 'स्वास्थ्य रक्षक सखा' अर्थात् http://healthcarefriend.in/ की पाठक संख्या आज 18 मई, 2017 को  15,00,000 (पंद्रह लाख) का आंकड़ा पार कर चुकी है। जिसके लिये हमारे सभी स्वस्थ पाठकों को अनन्त शुभकामनाएं।

--->--->श्रीमती जानकी पुरुषोत्तम मीणा जिनका 08 अप्रेल, 2012 को असमय निधन हो गया!

--->--->श्रीमती जानकी पुरुषोत्तम मीणा जिनका 08 अप्रेल, 2012 को असमय निधन हो गया!
सभी के स्वस्थ एवं सुदीर्घ जीवन की कामना के साथ-मेरे प्यारे और दुलारे तीन बच्चों की ममतामयी अद्वितीय माँ (मम्मी) जो दुखियों, जरूतमंदों और मूक जानवरों तक पर निश्छल प्यार लुटाने वाली एवं अति सामान्य जीवन जीने की आदी महिला थी! वह पाक कला में निपुण, उदार हृदया मितव्ययी गृहणी थी! मेरी ऐसी स्वर्गीय पत्नी "जानकी मीणा" की कभी न भुलाई जा सकने वाली असंख्य हृदयस्पर्शी यादों को चिरस्थायी बनाये रखते हुए इस ब्लॉग को आज दि. 08.08.12 को फिर से पाठकों के समक्ष समर्पित कर रहा हूँ!-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'

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आमवात आमाशय आयुर्वेद आयुर्वेदिक उपचार आयुर्वेदिक औषधियां आयुर्वेदिक सीरप-Ayurvedic Syrup आयुर्वेदिक-Ayurvedic आरोग्य आँव आंव आंवला आंवला जूस आंवला रस आशावादी-Optimistic आसन आसान प्रसव-Easy Delivery आहार चार्ट आहार-Food आॅर्गेनिक इन्द्रायण- इमर्जेंसी में होम्योपैथी इमली-Tamarind Tree इम्युनिटी इलाज इलाज का कुल कितना खर्चा इलायची उच्च रक्तचाप उच्च रक्तचाप-High Blood Pressure-Hypertension उत्तेजक उत्तेजना उदर शूल-Abdominal Haul उन्माद-Mania उम्र उल्टी एक्जिमा एक्यूप्रेशर एग्जिमा एजिंग-Aging एंटी ऑक्सीडेंट्स एंटी-ओक्सिडेंट एंटीऑक्सीडेंट एनजाइना एमिनो एसिड एरंड एलर्जी एलर्जी-Allergy एलोवेरा एलोवेरा जूस ऐसीडिटी ऑर्गेनिक ओमेगा 3 के स्रोत ओमेगा-3 ओर्गेनिक औषध-Drug औषधि सूची-Drug List औषधियों के नुकसान-Loss of drugs कचनार-Bauhinia Purpurea कचनार-बहुनिया-Bauhinia कड़वाहट कंडोम कद्दू कनेर कपास-COTTON कपिकच्छू कफ कब्ज कब्ज़ कब्ज-कोष्ठबद्धता-Constipation कब्जी कमजोरी कमर दर्द करेला कर्णरोग कष्टार्तव-Dysmenorrhea काजू कान कानून सम्मत काम काम शक्ति कामशक्ति कामशक्ति-Sexual power कामोत्तेजना कायाकल्प कार्बोहाइड्रेट कार्बोहाइड्रेट-Carbohydrates काला जीरा काला नमक काली जीरी काली तुलसी काले निशान कास-खांसी-Cough कीड़े कुकरौंधा कुकुंदर कुटकी-Black Hellebore कुल्थी कुल्ला कुष्ठ कृमि केला कैफीन-Caffeine कैलोरी चार्ट कैलोरी-Calories कैवांच कैविटी कैंसर कॉफी कॉफ़ी कोढ़ कोबरा कोलेस्ट्रॉल कोलेस्ट्रॉल-Cholesterol कौंच क्रियाशीलता क्षय रोग-Tuberculosis क्षारीय तत्व क्षुधानाश खजूर खजूर की चटनी खनिज खरबूजा-Musk melon खरेंटी खरैंटी शिलाजीत खांसी खिरेंटी खिरैटी खीरा-Cucumber खुजली खुशी-Joy खुश्की खुश्बू खूनबंद क​रने वाली रूखड़ी—Tridax procumbens खोया गंजापन-Baldness गठिया गठिया-Arthritis गठिया-Gout गंध गन्ने का रस गरमा गरम गर्भधारण गर्भपात गर्भवती गर्भवती कैसे हों? गर्भावस्था की विकृतियां-Disorders of Pregnancy गर्भावस्था के दौरान संभोग-Sex During Pregnancy गर्भावस्था-Pregnancy गर्भाशय-उच्छेदन के साइड इफेक्ट्स-Side Effects of Hysterectomy गर्म पानी गर्मी गर्मी-Heat गाजर गाजवां गाँठ-Knot गिलोय गिल्टी गुंदा गुलज़ाफ़री गृध्रसी गृह-स्वामिनी गैस गोक्षुरादि चूर्ण गोखरू गोखरू (LAND CALTROPS) गोंद कतीरा-Hog-Gum गोंदी गोभी-Cabbage गोरख मुंडी गोरखमुंडी घमोरी घाघरा घाव चकवड़ चक्कर चपाती चमत्कारिक सब्जियां चर्म चर्म रोग चर्मरोग चाय चाय-Tea चालीस के पार-Forty Across चिकनगुनिया चिकित्सकीय चिरायता-Absinth चिरोटा चुंबन चोक चौलाई छपाकी छरहरी काया छाछ छाले छीकें छुआरा छुहारा छोटा गोखरू छोटा धतूरा छोटी हरड़ जकवड़ जंगली/कटीली चौलाई जटामांसी-Spikenard जलजमनी जलन जलोदर रोग-Ascites Disease जवारे जवासा-Alhag जहर जामुन का जूस जायफल-Nutmeg जीरा जीवन रक्षक जुएं जुकाम जुलाब जूएं जूस जूस-Juice जोड़ों के दर्द ज्वर ज्वर-Fiver झांईं झुर्रियाँ झुर्री झूठे दर्द टमाटर-Tomatoes टाइफाइड टायफायड टॉन्सिल टोटला ट्यूमर ठेकेदार डॉक्टर डकार डायबिटीज डायरिया डिनर डिलेवरी डीकामाली डीगामाली डेंगू डेंगू-Dengue डॉ. निरंकुश डॉ. मीणा ढीलापन ढीली योनि तकलीफ का सही इलाज तरबूज-Watermelon तलाक ताकत तिल तिल्ली तुंबा तुंबी तुलसी तेल त्रिदोषनाशक त्रिफला त्वचा थकान थायरायड-Thyroid थायरॉइड दण्डनीय अपराध दन्तकृमि दन्तरोग दमा दर्द दर्दनाक दस्त दही दाग-धब्बे-Stains-Spots दाढ़ दांत दांतो में कैविटी-Teeth Cavity दाद दाम्पत्य दाम्पत्य-Conjugal दाल दालचीनी दालें दिल दुर्गंध दुर्बलता दुष्प्रभाव दूध दूधी दूधी-Milk Hedge दृष्टिदोष द्रोणपुष्पी-Leucas Cephalotes धड़कन धनिया-Coriander धमासा धातु धातु पतन धार्मिक नज़ला नपुंसकता नाक नाखून नागबला नागरमोथा नाडी हिंगु नाड़ी हिंगु (डिकामाली) नामर्दी नारियल नाश्ता निमोनिया निम्न रक्तचाप निम्बू नियासिन निरोगधाम निर्गुण्डी निसोरा नींद नींबू नींबू-Lemon नीम-azadirachta indica नुस्खे-Tips नेगड़ नेगड़-निर्गुन्डी-Vitex negundo नेत्र रोग नैतिक नौसादर न्युमोनिया-Pneumonia पढ़ने में मन लगेगा पंतजलि पत्तागोभी-CABBAGE पत्थरचट्टा पत्नी पथरी पनीर पपीता पपीता-CARICA PAPPYA पमाड परहेज पराठा परिस्थिति पवाड़ पवाँर पाइल्स पाक-कला पाचक पाचन पाठक संख्या पंद्रह लाख पायरिया पारिजात पालक पालक-Spinach पित्त पित्ती पिंपल-मुंहासे-Pimples-Acne पिरामिड पीलिया पीलिया-Jaundice पीलिया-कामला-Jaundice पुआड़ पुदीना पुनर्नवा-साटी-सौंटी-Punarnava पुरुष पेचिश पेट के कीड़े पेट दर्द पेट में गैस पेट रोग पेंसिल थेरेपी-Pencil Therapy पौरुष प्याज-Onion प्रजनन प्रतिरक्षा प्रतिरक्षा प्रणाली प्रतिरक्षा-इम्युनिटी-Immunity प्रतिरोधक प्रतिरोधक-Resistance प्रदर प्रमेह प्रवाहिका (पेचिश)-Dysentery प्रसव प्रसव सुरक्षा चक्र प्रसूति प्राणायाम प्रेग्नेंसी-Pregnancy प्रेमिका प्रोटीन प्रोटीन का कार्य प्रोटीन के स्रोत प्रोस्टेट ग्रन्थि-Prostate Gland प्लीहा प्लूरिसी-Pleurisy फफूंद-Fungi फरास फल फल-Fruit फाइबर फिटकरी फुंसी-Pimples फूलगोभी-CAULIFLOWER फेंफड़े फैट फोटोफोबिया फोड़ा फोड़े-Boils फोलिक एसिड-Folic Acid फ्लू फ्लू-Flu फ्लेक्स सीड्स बकायन बकुल बड़ी हरड़ बथुआ बथुआ पाउडर बथुआ-White Goose Foot बदबू बबूल-ACACIA बरसाती बीमारियाँ बरसाती बीमारियां बलगम बलवृद्धि बला बवासीर बहुमूत्रता- बांझपन बादाम-Almonds बादाम. बाल बाल झडऩा-Hair Falling बिना सिजेरियन मां बनें बीजबंद बीमारियों के अनुसार औषधियां बुखार बेल बेल – Bael बेली बैक्टीरिया ब्र​ह्मदण्डी ब्रेस्ट ग्रोथ ब्लड प्रेशर ब्लैक मेलिंग भगंदर भगंदर-Fistula-in-ano भगनासा भगोष्ठ भय भस्मक रोग भावनात्मक भुई आंवला-Phyllanthus Niruri भूई आमला भूख भूख बढ़ाने भूमि आंवला भोजनलीवर मकोय मकोय-Soleanum nigrum मंजीठ मटर-PEA मंद दृष्टि मंदाग्नि मदार मधुमेह मधुमेह-Diabetes मन्दाग्नि-Dyspepsia मरुआ मर्दाना मलेरिया (Malaria) मस्तिष्क मस्से मस्से-WARTS महाबला माइग्रेन माईग्रेन माईंड सैट माजूफल मानसिक मानसिक-Mental मानिसक तनाव-Mental Stress मायोपिया मासिक मासिक-धर्म मासिकधर्म मासिकस्राव माहवारी मिनरल मिर्गी मिर्च-Chili मुख मैथुन-ओरल सेक्स-Oral Sex मुधमेह मुलहठी मुलेठी मुहाँसे मूँगफली मूड डिस्ऑर्डर-Mood Disorders मूत्र मूत्र असंयमितता मूत्र में जलन-Burning in Urine मूत्राशय मूर्च्छा (Unconsciousness) मूली मृत्यु मृत्युदण्ड मेथी मेथी दाना मेंहदी मैथुन मोगरा (Mogra) मोटापा मोटापा-Obesity मोतियाबिंद मौत मौलसिरी मौसमी बीमारियां यकृत यकृत प्लीहा यकृत वृद्धि-Liver Growth यकृत-लीवर-जिगर-Lever यूपेटोरियम परफोलियेटम योग विज्ञापन योन योनि योनि शूल-Vaginal Colic योनि संकोचन योनी योनी संकोचन यौन यौन आनंद यौन दौर्बल्य यौनशक्ति यौनशिक्षा यौनानंद यौनि रक्त प्रदर (Blood Pradar) रक्त रोहिड़ा-TECOMELLA UNDULATA रक्तचाप रक्तपित्त रक्तशोधक रक्ताल्पता रक्ताल्पता (एनीमिया)-Anemia रस-juices रातरानी Night Blooming Jasmine/Cestrum nocturnum रामबाण रामबाण औषधियाँ-Panacea Medicines रुक्षांश रूसी रूसी मोटापा रेचक रेठु रोग प्रतिरोधक लकवा लक्ष्मी लंच लसोड़ा लस्सी लहसुन लहसुन-Garlic लाइलाज लाभ लिंग लिसोड़ा लीकोरिया लीवर लीवर-Liver लू-hot wind लैंगिक लोनिया लौकी लौंग की चाय ल्युकोरिया ल्यूकोरिया वजन वज़न वजन कम वजन बढाएं-Weight Increase वन/जंगली तुलसी वमन वमन विकृति-Vomiting Distortion वसा वात वात श्लैष्मिक ज्वर वात-Rheumatism वायरल वायरल फीवर वायरल बुखार-Viral Fever वासना विटामिन विधारा वियाग्रा-Viagra विलायती नीम विष विषखपरा वीर्य वृक्कों (गुर्दों) में पथरी-Renal (Kidney) Stone वैज्ञानिक वैधानिक वैवाहिक जीवन वैवाहिक जीवन-Marital वैश्यावृति व्यायाम शंखपुष्पी शरपुंखा शराब शरीफा-सीताफल-Custard apple शर्करा शलगम-Beets शल्यक्रिया शहद शहद-Honey शारीरिक शिथिलता शीघ्र पतन शीघ्रपतन शुक्राणु-Sperm शुक्राणू शुगर शोथ श्योनाक श्रेष्ठतर श्वास श्वांस श्वेत प्रदर श्वेत प्रदर-Leucorrhea षड़यंत्र संकुचन संकोच संक्रमण संखाहुली संतरा-Orange संतान संतुष्टि सत्यानाशी सदा सुहागन सदाफूली सदाबहार सदाबहार चूर्ण सनबर्न सफ़ेद दाग सफेद पानी सब्जि सब्जियां-Vegetables संभालू संभोग समर्पण-Dedication सरकार को सुझाव सरफोंका सरहटी सर्दी सर्दी जुकाम-Cold सर्पक्षी सर्पविष सलाद संवेदना सहदेई सहदेवी साइटिका साइटिका-Sciatica साइड इफेक्ट्स साबूदाना-Sago सायटिका सिजेरियन सिर दर्द सिरका सिरदर्द सिरोसिस सुगर सुदर्शन सुहागा सूखा रोग सूजन सेक्स सेक्स परामर्श-Sex Counseling सेक्स पावर सेक्स समस्या सेक्‍स-Sex सेंधा नमक सेब सेमल-Bombax Ceiba सेल्स सोजन-सूजन सोंठ सोना पाठा सोयाबीन सोयाबीन (Soyabean) सोयाबीन-Soyabean सोराइसिस सोरियासिस-Psoriasis सौंठ सौंदर्य सौंदर्य-Beauty सौन्दर्य सौंफ सौंफ की चाय सौंफ-Fennel स्किन स्तन स्तन वृद्धि स्तनपान स्तम्भन स्त्री स्त्रीत्व स्त्रैण स्वप्न दोष स्वप्नदोष स्वप्नदोष-Night Fall स्वरभंग स्वर्णक्षीरी स्वस्थ स्वास्थ्य स्वास्थ्य रक्षक सखा हजारदानी हड़जोड़ हड्डी हड्डी में दर्द हड्डीतोड़ ज्वर हड्डीतोड़ बुखार हरड़ हरसिंगार-Night Jasmine हरी दूब-CREEPING CYNODAN हरीतकी हर्टबर्न हस्तमैथुन हस्तमैथुन-Masturbation हालात हिचकी हिचकी-Hiccup हिमोग्लोबिन-hemoglobin हिस्टीरिया हिस्टीरिया-Hysteria हींग हीनतर हृदय हृदय-Heart हेपेटाइटिस हेल्थ 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